किफायती फैशन का बड़ा केंद्र बना रायपुर का गोल बाजार, कई राज्यों से पहुंचते हैं खरीदार रायपुर का ऐतिहासिक गोल बाजार अपने किफायती दामों और नए फैशन के कपड़ों के लिए छत्तीसगढ़ समेत पड़ोसी राज्यों में बेहद लोकप्रिय हो चुका है। किफायती दामों में आधुनिक फैशन के कपड़े तलाशने वाले खरीदारों के लिए छत्तीसगढ़ की राजधानी का गोल बाजार सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है। शहर का यह ऐतिहासिक बाजार लंबे समय से हर आयु वर्ग के परिधानों की व्यापक रेंज के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों के लिए नए ट्रेंड के अनुसार तैयार वस्त्र प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहते हैं। स्थानीय खरीदारों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों और सीमावर्ती राज्यों के लोग भी नियमित रूप से अपनी घरेलू व वैवाहिक खरीदारी के लिए यहां का रुख करते हैं। बाजार की सबसे बड़ी खूबी यह मानी जाती है कि बदलते समय के अनुसार व्यापारी अपनी दुकानों में आधुनिक डिजाइन और लेटेस्ट वैरायटी लगातार शामिल करते रहते हैं। सैकड़ों से हजारों दुकानों तक का ऐतिहासिक सफर गोल बाजार की साख यहां पीढ़ियों से कारोबार चला रहे पुराने व्यापारियों और उनकी निष्ठा पर टिकी हुई है। स्थानीय कपड़ा व्यापारी आरिफ खान बताते हैं कि वे पिछले 47 वर्षों से इस बाजार की प्रगति और विस्तार के गवाह रहे हैं। उनके अनुसार, पहले इस पूरे इलाके में मात्र 150 से 200 दुकानें हुआ करती थीं, जहां सीमित दायरे में व्यापार चलता था। समय के साथ कारोबार का आकार इतना बढ़ गया कि आज यह संख्या हजारों दुकानों और आधुनिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तब्दील हो चुकी है। व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे निकटवर्ती राज्यों के उपभोक्ता भी बड़ी तादाद में खरीदारी के लिए गोल बाजार पहुंचते हैं। दुकानदारों का विनम्र व्यवहार, ग्राहकों से तालमेल और वाजिब दाम इस बाजार को अन्य वाणिज्यिक क्षेत्रों से अलग बनाते हैं। यही वजह है कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी ग्राहकों का इस बाजार पर भरोसा दशकों से कायम है। महिलाओं के परिधानों और पार्टी वियर की विस्तृत श्रृंखला फैशन प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए गोल बाजार के शोरूम और दुकानों में परिधानों का विशाल संग्रह मौजूद रहता है। खासकर महिलाओं के कपड़ों के खंड में अनसिले ड्रेस मटेरियल, कुर्तियां, प्लाजो सेट, शरारा और गरारा के दर्जनों विकल्प हर बजट में मिल जाते हैं। इसके साथ ही सामान्य दिनों में पहने जाने वाले कैजुअल वियर से लेकर शादियों और पारिवारिक उत्सवों के लिए तैयार किए गए भारी पार्टी वियर की खरीदारी भी यहां बड़े पैमाने पर की जाती है। महिलाओं के अलावा पुरुषों के फॉर्मल व कैजुअल कपड़े और नवजात से लेकर किशोर उम्र के बच्चों के आकर्षक परिधानों की भी अनगिनत दुकानें यहां संचालित हैं। तीन पीढ़ियों से इस कारोबार से जुड़े व्यापारी मोहम्मद यूसुफ मेमन बताते हैं कि उनका परिवार लंबे समय से परिधान उद्योग में सक्रिय है। उनकी व्यापारिक फर्म आरिफ भाई कपड़े वाले विशेष रूप से महिलाओं के परिधानों के थोक व खुदरा व्यापार पर केंद्रित है। उनका कहना है कि गोल बाजार और उससे लगा मालवी रोड का पूरा इलाका कपड़ों की विविध रेंज और थोक जैसी कीमतों के लिए पूरे अंचल में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। निकटवर्ती जिलों के खरीदारों की पहली पसंद इस व्यापारिक क्षेत्र का दायरा राजधानी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के दूरदराज जिलों से भी उपभोक्ता विशेष रूप से वस्त्रों की खरीदारी के लिए यहां आते हैं। व्यापारी मोहम्मद यूसुफ मेमन के अनुसार, बस्तर संभाग के कोंडागांव और कांकेर के अलावा धमतरी, दुर्ग और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों के नागरिक नियमित रूप से गोल बाजार में आते हैं। मध्यम वर्ग और सीमित बजट वाले परिवारों के लिए यह बाजार सबसे मुफीद खरीदारी केंद्र साबित हुआ है। यहां हर वर्ग के व्यक्ति को अपनी आर्थिक क्षमता के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाले वस्त्र मिल जाते हैं। दशकों से जमे पुराने दुकानदारों की विश्वसनीयता और नए फैशन की निरंतर आमद ने रायपुर के इस बाजार के आकर्षण को आज भी पूरी तरह जीवंत बनाए रखा है। इसका आप पर असर किफायती दामों में कपड़ों की बड़ी रेंज मिलने से रायपुर का गोल बाजार मध्यमवर्गीय और बजट-सचेत खरीदारों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। • रायपुर में: स्थानीय नागरिकों को हर सीजन और शादी-ब्याह के लिए एक ही जगह पर वाजिब दामों में कपड़े मिल जाते हैं। इससे महंगे रिटेल मॉल में जाए बिना घरेलू बजट में बेहतरीन खरीदारी संभव हो पाती है। • अन्य जिलों और राज्यों में: कोंडागांव, धमतरी, भिलाई, दुर्ग के साथ-साथ महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के खरीदारों को थोक व खुदरा में व्यापक विकल्प मिलते हैं। त्योहारों और विवाह समारोहों के दौरान एकमुश्त खरीदारी करने वालों के लिए यह बाजार आवागमन के खर्च के बावजूद बेहद किफायती साबित होता है। • पारिवारिक बजट पर: बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बजट में अनगिनत विकल्प उपलब्ध हैं। इससे सामान्य आय वर्ग के परिवार सीमित खर्च में पूरे परिवार की जरूरतें पूरी कर सकते हैं। • स्थानीय व्यापार पर: हजारों दुकानों के सक्रिय रहने से कपड़ा व्यापारियों, कारीगरों और सहायक कामगारों को निरंतर रोजगार मिल रहा है। लगातार बढ़ती मांग से पुराने और नए दोनों तरह के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आर्थिक संबल मिलता है। ऐसा क्यों हुआ गोल बाजार की लोकप्रियता का मुख्य कारण किफायती मूल्य, व्यापारिक विस्तार और दशकों पुरानी विश्वसनीयता का मजबूत तालमेल है। • थोक जैसी कीमतें और विविधता: बाजार में अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और बड़ी संख्या में दुकानें होने के कारण व्यापारी कम मुनाफे पर अधिक बिक्री की नीति अपनाते हैं। इसी वजह से यहां आम ग्राहकों को भी आकर्षक दामों में लेटेस्ट फैशन के कपड़े मिल जाते हैं। • सैकड़ों से हजारों दुकानों में बदलाव: बीते 47 वर्षों में 150-200 दुकानों से बढ़कर हजारों प्रतिष्ठानों में तब्दील होने से यह क्षेत्र कपड़ों का विशाल क्लस्टर बन गया। जब एक ही जगह हर किस्म के परिधान मिलने लगे, तो दूर-दराज के उपभोक्ताओं का रुझान यहां तेजी से बढ़ा। • भौगोलिक स्थिति और अंतरराज्यीय संपर्क: रायपुर का केंद्रीय व्यापारिक केंद्र होना और पड़ोसी राज्यों से अच्छी कनेक्टिविटी होना इसके पक्ष में काम करता है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों के खरीदार पारंपरिक रूप से इस बाजार पर भरोसा करते आए हैं। सवाल-जवाब 1. रायपुर का गोल बाजार किस चीज की खरीदारी के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है? गोल बाजार मुख्य रूप से महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के किफायती और नए फैशन के कपड़ों की खरीदारी के लिए प्रसिद्ध है। 2. गोल बाजार में महिलाओं के लिए कपड़ों की कौन-कौन सी किस्में उपलब्ध हैं? यहां महिलाओं के लिए ड्रेस मटेरियल, कुर्तियां, प्लाजो, शरारा, गरारा, कैजुअल वियर और भारी पार्टी वियर के व्यापक विकल्प मिलते हैं। 3. आरिफ खान के अनुसार गोल बाजार में दुकानों की संख्या में क्या बदलाव आया है? आरिफ खान के मुताबिक पहले यहां केवल 150 से 200 दुकानें थीं, जो अब बढ़कर हजारों व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तब्दील हो चुकी हैं। 4. किन पड़ोसी राज्यों के ग्राहक गोल बाजार में खरीदारी करने पहुंचते हैं? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे निकटवर्ती राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां कपड़े खरीदने आते हैं। 5. छत्तीसगढ़ के कौन-कौन से जिलों के लोग विशेष रूप से यहां आते हैं? व्यापारी मोहम्मद यूसुफ मेमन के अनुसार कोंडागांव, धमतरी, कांकेर, दुर्ग और भिलाई से ग्राहक नियमित रूप से खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। 6. मोहम्मद यूसुफ मेमन की फर्म का नाम क्या है और वे क्या व्यापार करते हैं? उनकी फर्म का नाम 'आरिफ भाई कपड़े वाले' है, जो तीन पीढ़ियों से मुख्य रूप से महिलाओं के कपड़ों का व्यापार कर रही है। https://trendkia.com/chhattisgarh/kiphayati-phaishana-ka-bara-kendra-bana-raipur-ka-gol-bazar-kai-rajyon-se-pahunchate-hain-kharidara-53396 TrendKia — Har trend, sabse pehle.