कोरबा पहुंचा दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक, ट्रक में सफर करते देख हैरान रह गए लोग कोरबा में एक चलते ट्रक पर सवार दुर्लभ फ्लाइंग स्नेक दिखने से भीड़ जमा हो गई, सर्पमित्र अविनाश यादव ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक दौड़ते हुए ट्रक पर अचानक एक दुर्लभ सांप दिखाई देने से सड़क पर मौजूद लोगों की धड़कनें तेज हो गईं। यह कोई मामूली सांप नहीं बल्कि फ्लाइंग स्नेक यानी उड़ने वाला सांप निकला, जो धरमजयगढ़ के रास्ते होते हुए ट्रक पर सवार होकर कोरबा तक जा पहुंचा था। कैसे ट्रक तक पहुंचा यह मेहमान अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह सांप सफर के दौरान कहीं बीच रास्ते में चुपचाप ट्रक पर चढ़ गया होगा और उतरने का मौका न मिलने से वहीं टिका रहकर पूरी दूरी तय कर गया। जब ट्रक कोरबा पहुंचा और लोगों की नजर इस अनजान यात्री पर पड़ी, तो देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस अजीबोगरीब सांप को करीब से देखने के लिए बेताब नजर आया। सर्पमित्र ने संभाला मोर्चा भीड़ बढ़ती देख मामले की जानकारी सर्पमित्र अविनाश यादव को दी गई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर सांप को बिना किसी नुकसान के पकड़ने का काम शुरू किया। अविनाश यादव के मुताबिक यह सांप कुदरत की सबसे निराली प्रजातियों में से एक माना जाता है। नाम उड़ने वाले सांप का, हुनर ग्लाइडिंग का दिलचस्प बात यह है कि इसका नाम भले ही उड़ने वाला सांप है, मगर यह पक्षियों जैसा उड़ान नहीं भरता। असल में यह ऊंचे पेड़ की डाल से जोरदार छलांग लगाता है और फिर हवा में तैरते हुए दूरी तय कर लेता है। हवा में पहुंचते ही यह अपने पूरे बदन को सपाट और फैला हुआ रूप दे देता है, जिससे उसे उड़ान के लिए जरूरी लिफ्ट मिल जाती है। इसके बाद शरीर को लहरिया अंदाज में हिलाते हुए यह अपनी दिशा और गति दोनों को नियंत्रित रखता है। पेड़ों पर ही बीतती है ज्यादातर जिंदगी यह प्रजाति अपना ज्यादातर समय पेड़ों की डालियों पर ही गुजारती है। यही ग्लाइडिंग तकनीक इसे एक पेड़ छोड़कर दूसरे पेड़ की ओर बढ़ने में मदद करती है। यही खासियत इसे दुनिया के सबसे निराले पेड़ पर रहने वाले सांपों में गिनती दिलाती है। कोरबा में मिला यह सांप धरमजयगढ़ इलाके से यहां तक पहुंचने वाला अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है, यही वजह है कि इसे देखने के लिए लोगों में इतनी उत्सुकता देखी गई। सवाल-जवाब 1. यह दुर्लभ सांप कहां पाया गया? यह सांप कोरबा में एक चलते ट्रक पर पाया गया, जो धरमजयगढ़ के रास्ते वहां पहुंचा था। 2. सांप को किसने रेस्क्यू किया? सर्पमित्र अविनाश यादव ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। 3. क्या फ्लाइंग स्नेक वाकई हवा में उड़ता है? नहीं, यह पक्षियों की तरह नहीं उड़ता, बल्कि ऊंचे पेड़ों से छलांग लगाकर हवा में ग्लाइड करता है। 4. सांप ट्रक पर कैसे पहुंचा होगा? माना जा रहा है कि यह रास्ते में कहीं चुपके से ट्रक पर चढ़ गया होगा और पूरा सफर उसी पर तय कर लिया। 5. फ्लाइंग स्नेक अपना ज्यादातर समय कहां बिताता है? यह ज्यादातर समय पेड़ों पर ही बिताता है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक ग्लाइडिंग के जरिए पहुंचता है। 6. क्या कोरबा में इससे पहले भी ऐसा सांप दिखा था? बताया जा रहा है कि धरमजयगढ़ से इस तरह कोरबा पहुंचने वाला यह अपनी तरह का पहला मामला है। https://trendkia.com/chhattisgarh/korba-pahuncha-durlabha-phlainga-sneka-traka-men-saphara-karate-dekha-hairana-raha-gae-loga-28252 TrendKia — Har trend, sabse pehle.