# लगातार मूसलाधार बारिश से बस्तर में बाढ़ जैसे हालात, 353 से अधिक लोग राहत शिविरों में पहुंचे

> बस्तर में तीन दिनों की अनवरत बारिश और इंद्रावती नदी के उफान से कई बस्तियों में कमर तक पानी भर गया है, जिसके चलते नौ राहत शिविरों में सैकड़ों लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/lagatara-musaladhara-barisha-se-bastar-men-barha-jaise-halata-353-se-adhika-loga-rahata-shiviron-men-pahunche-38605 · **Language:** Hindi
**Tags:** बस्तर बाढ़, जगदलपुर, इंद्रावती नदी, छत्तीसगढ़ बारिश, राहत शिविर, जलभराव

बस्तर जिले में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर देहात तक कई रिहायशी बस्तियों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों और गलियों में सैलाब जैसा मंजर दिखने के कारण स्थानीय नागरिकों को अपने डूबते मकान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों का रुख करना पड़ रहा है। हालात बिगड़ते देख स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालने के लिए मोर्चा संभाल लिया है।

## इंद्रावती नदी का पानी बस्तियों में घुसा, 9 राहत शिविर सक्रिय
लगातार वर्षा के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी का पानी कई रिहायशी इलाकों के मकानों में प्रवेश कर चुका है। पानी का स्तर कमर तक पहुंच जाने से निचले इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। प्रशासन ने आपातकालीन प्रबंध करते हुए बस्तर जिले के अलग-अलग हिस्सों में कुल नौ राहत शिविर स्थापित किए हैं। बाढ़ के पानी में घिरे प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर इन केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है। अब तक 353 से ज्यादा ग्रामीण इन आश्रय स्थलों पर अपनी आमद दर्ज करा चुके हैं, जबकि जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों का रेस्क्यू जारी होने की वजह से यह संख्या और बढ़ने के आसार हैं।

## जगदलपुर के भगत सिंह स्कूल में 101 लोगों को मिला आश्रय
जगदलपुर शहर के चिमनीभट्टी इलाके में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं, जहां हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। चिमनीभट्टी से निकाले गए बाढ़ पीड़ितों के ठहरने की व्यवस्था भगत सिंह स्कूल में स्थापित राहत केंद्र में की गई है। इस अकेले केंद्र में फिलहाल 101 ग्रामीण शरण लिए हुए हैं, जहां उन्हें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर लाने के लिए बचाव दल लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

## सामान निकालने की भी नहीं मिली मोहलत, मकानों में आई दरारें
बाढ़ के अचानक दस्तक देने से ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चिमनीभट्टी निवासी लक्ष्मी बघेल ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनके मकान के भीतर एकाएक पानी भर गया, जिसके चलते उन्हें अपने मासूम बच्चों को साथ लेकर फौरन बाहर की तरफ भागना पड़ा। उन्हें घर का कोई भी सामान सुरक्षित बाहर निकालने का वक्त नहीं मिल सका और पूरी गृहस्थी जलमग्न हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि रात से उन्होंने भोजन तक नहीं किया था।

इसी इलाके के एक अन्य निवासी कमन कश्यप ने बताया कि इंद्रावती नदी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में उनके मकान के भीतर कमर तक पानी जमा हो गया। वे किसी तरह अपनी जान बचाते हुए रात लगभग 12 बजे राहत शिविर में दाखिल हुए। उन्होंने बताया कि पानी के तेज दबाव और ठहराव की वजह से उनके घर को भारी क्षति पहुंची है और दीवारों में गहरी दरारें भी पड़ गई हैं।

## अगले दिन भी भारी बारिश का अलर्ट
बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं। मौसम विभाग ने बस्तर जिले में अगले दिन भी जोरदार बारिश का अंदेशा जताया है। इंद्रावती नदी के बढ़ते दबाव और नए इलाकों में पानी के प्रसार को देखते हुए प्रशासनिक अमले को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

## इसका आप पर असर
बस्तर में भारी वर्षा और जलभराव के चलते सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और स्थानीय नागरिकों के लिए आवास एवं आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

- **बस्तर और जगदलपुर में:** बाढ़ से प्रभावित 353 से अधिक नागरिकों को अपना घर छोड़कर नौ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। स्थानीय निवासियों के मकानों में पानी भरने और दरारें आने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है तथा जरूरी सामान जलमग्न हो गया है।
- **आवागमन और सुरक्षा:** निचले इलाकों और नदी किनारे की बस्तियों में कमर तक पानी भर जाने से कई प्रमुख रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। मौसम विभाग द्वारा अगले दिन भी तेज बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के कारण प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर बने रहने की जरूरत है।
- **भारत में:** देश के अन्य हिस्सों से बस्तर क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को सड़क मार्गों की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए। मानसून के दौरान नदी तटीय संवेदनशील बस्तियों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता रेखांकित होती है।
- **प्रशासनिक सहायता:** स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थापित नौ राहत शिविरों में शरणार्थियों के लिए भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित परिवार आपातकालीन सहायता और सुरक्षित निकासी के लिए बचाव दलों से संपर्क कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
बस्तर क्षेत्र में यह बाढ़ जैसी स्थिति लगातार तीन दिनों तक हुई जोरदार बारिश और इंद्रावती नदी के उफान के सम्मिलित प्रभाव के चलते पैदा हुई है। भारी वर्षा के कारण प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और पानी सीधे बस्तियों में घुस गया।

- **अनवरत वर्षा का दबाव:** जिले में लगातार तीन दिनों तक बिना रुके भारी बारिश दर्ज की गई। लगातार पानी बरसने से जमीन की जल सोखने की क्षमता खत्म हो गई और नालों से लेकर गलियों तक पानी जमा हो गया।
- **इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ना:** भारी बारिश के परिणामस्वरूप इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ गया। नदी का बैकवाटर और ओवरफ्लो चिमनीभट्टी सहित तटीय बस्तियों के रिहायशी मकानों में कमर तक पहुंच गया।
- **निचले इलाकों की भौगोलिक स्थिति:** जगदलपुर और आसपास के निचले ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की सीमा सीमित होने के कारण जलभराव तेजी से गहरा गया। इस कारण नागरिकों को अपना सामान बचाने तक का मौका नहीं मिला और आधी रात को रेस्क्यू करना पड़ा।

## सवाल-जवाब

### 1. बस्तर में कितने दिनों से भारी बारिश हो रही है?
बस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है।

### 2. जिले में प्रशासन ने कुल कितने राहत शिविर स्थापित किए हैं?
प्रशासन द्वारा जिले में बाढ़ प्रभावितों के लिए कुल नौ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

### 3. अब तक कुल कितने लोग राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं?
अब तक 353 से अधिक ग्रामीण विभिन्न राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं, और यह संख्या आगे बढ़ सकती है।

### 4. जगदलपुर के भगत सिंह स्कूल शिविर में कितने लोग शरण लिए हुए हैं?
जगदलपुर के भगत सिंह स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में वर्तमान में चिमनीभट्टी के 101 ग्रामीण रह रहे हैं।

### 5. किस नदी का पानी घरों में घुसा है?
इंद्रावती नदी का पानी रिहायशी इलाकों में स्थित घरों में कमर तक घुस गया है।

### 6. मौसम विभाग ने अगले दिन के मौसम को लेकर क्या पूर्वानुमान जताया है?
मौसम विभाग ने बस्तर जिले में अगले दिन भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

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