# महादेव सट्टा ऐप मामले में विकास गर्ग की रिमांड 24 जुलाई तक बढ़ी, अमेरिकी कंपनी में निवेश का हुआ खुलासा

> महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार विकास गर्ग को ईडी ने 24 जुलाई तक रिमांड पर लिया है, जांच में सट्टेबाजी की कमाई से अमेरिकी कंपनी एबिक्स इंक. के अधिग्रहण का खुलासा हुआ है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-07-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/mahadev-satta-aipa-mamale-men-vikas-garg-ki-rimanda-24-julai-taka-barhi-ameriki-knpani-men-nivesha-ka-hua-khulasa-8483 · **Language:** Hindi
**Tags:** महादेव सट्टा ऐप, स्काई एक्सचेंज, ईडी, विकास गर्ग, मनी लॉन्ड्रिंग, एबिक्स इंक, संपत्ति जब्ती

महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कारोबारी विकास गर्ग को अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में 24 जुलाई तक भेज दिया है। जांच एजेंसी इस दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि सट्टेबाजी से मिले पैसे को कहां और कैसे लगाया गया।

## पूछताछ में दिखाए गए बैंक दस्तावेज
ईडी अधिकारियों ने रिमांड के दौरान विकास गर्ग के सामने बैंक लेनदेन और कई वित्तीय कागजात रखे हैं ताकि उनकी संपत्तियों का पूरा सिलसिला समझा जा सके। जांच एजेंसी का मानना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुटाई गई अवैध रकम को अलग अलग कंपनियों और संपत्तियों में लगाया गया ताकि उसे वैध कारोबार जैसा दिखाया जा सके।

## 1175 करोड़ में हुआ अमेरिकी कंपनी का सौदा
जांच में यह बात सामने आई कि इसी सट्टेबाजी की कमाई से अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी एबिक्स इंक. को करीब 1175 करोड़ रुपये देकर खरीदा गया। ईडी के मुताबिक विकास गर्ग के पास इस कंपनी की 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और यह पैसा किन किन खातों से होकर गुजरा।

## गिरफ्तारी से पहले ही अटैच हो चुकी थी संपत्ति
विकास गर्ग को गिरफ्तार करने से पहले ही ईडी उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी थी। इसमें दिल्ली में एक शानदार बंगला, महंगी जमीनें, इक्विटी शेयर और कुछ अन्य निवेश शामिल बताए गए हैं।

## अब तक करीब 4000 करोड़ की संपत्ति निशाने पर
ईडी का कहना है कि इस पूरे केस में देश और विदेश मिलाकर अब तक लगभग 4000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें कुछ कुर्क की गई है, कुछ जब्त हुई है और कुछ फ्रीज कर दी गई है। एजेंसी को शक है कि अवैध कमाई को असली रंग देने के लिए दुबई, मॉरीशस और ब्रिटेन की कंपनियों में लगाया गया, और इसके लिए एफसीसीबी, एफडीआई, एफपीआई और क्यूआईपी जैसे निवेश रास्तों का सहारा लिया गया। ये वे रास्ते हैं जिनसे आमतौर पर विदेशी पूंजी वैध तरीके से किसी कंपनी में आती है, इसलिए एजेंसी को शक है कि पैसों का असली स्रोत छिपाने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया।

## हर महीने 450 करोड़ की कमाई का आरोप
ईडी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज का नेटवर्क हर महीने तकरीबन 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करता था। इस रकम को शेल कंपनियों, फर्जी बिलिंग और नकद लेनदेन के जरिए घुमाकर वैध बनाने की कोशिश की जाती थी। फिलहाल एजेंसी इस पूरे नेटवर्क में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइट से जुड़ना अब सिर्फ पैसे गंवाने का ही नहीं, बल्कि कानूनी शिकंजे में फंसने का भी बड़ा खतरा है।

- ऐसे प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने या उनसे जुड़े लेनदेन में शामिल होने वालों की संपत्ति और बैंक खाते भी जांच के घेरे में आ सकते हैं।
- जिन निवेशकों या कारोबारियों का पैसा किसी अनजान स्रोत से जुड़ी कंपनी में लगा है, उन्हें अपने दस्तावेज और निवेश का हिसाब साफ रखने की जरूरत और बढ़ जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. विकास गर्ग को ईडी रिमांड पर कब तक भेजा गया है?
अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक ईडी की रिमांड पर भेजा है।

### 2. सट्टेबाजी की कमाई से कौन सी अमेरिकी कंपनी खरीदी गई?
अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी एबिक्स इंक. को करीब 1175 करोड़ रुपये में खरीदा गया।

### 3. एबिक्स इंक. में विकास गर्ग की कितनी हिस्सेदारी है?
ईडी के मुताबिक उनके पास कंपनी की 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

### 4. गिरफ्तारी से पहले ईडी ने कितनी संपत्ति अटैच की थी?
विकास गर्ग के परिवार और जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी थी।

### 5. अब तक इस केस में कुल कितनी संपत्ति पर कार्रवाई हुई है?
देश विदेश मिलाकर करीब 4000 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

### 6. महादेव ऐप और स्काई एक्सचेंज से हर महीने कितनी अवैध कमाई होने का आरोप है?
ईडी का दावा है कि इनसे हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई होती थी।

### 7. अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए किन देशों की कंपनियों का इस्तेमाल हुआ?
जांच में दुबई, मॉरीशस और ब्रिटेन की कंपनियों में निवेश की बात सामने आई है।

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