महिला कर्मचारियों से अश्लील हरकत करने पर बेमेतरा के सीएमएचओ सस्पेंड, जांच में लगे गंभीर आरोप सही छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकत करने के आरोप सही पाए जाने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृतलाल रोहलेडर को निलंबित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर तैनात डॉ अमृतलाल रोहलेडर पर महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अनुचित व्यवहार और अश्लील हरकतें करने के गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सही साबित हुए हैं। इस मामले में शुरुआती जांच के दौरान शिकायतों की पुष्टि होने पर राज्य सरकार ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए मंगलवार को डॉ रोहलेडर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका नया मुख्यालय बस्तर संभाग के जगदलपुर में तय किया गया है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान गंभीर आरोप पीड़ित महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में बताया था कि आरोपी अधिकारी ट्रेनिंग सेशन के दौरान बीमारियों के लक्षण समझाने के बहाने महिलाओं और युवतियों को अपने पास बुलाते थे। इसके बाद वे अनावश्यक और गलत नीयत से उन्हें छूते थे। डिहाइड्रेशन या पेट खराब होने जैसी स्थितियों में मरीज को कैसा महसूस होता है, यह प्रायोगिक तौर पर समझाने के नाम पर भी डॉ रोहलेडर द्वारा अनुचित स्पर्श किए जाने की बात सामने आई थी। इसके अलावा आधिकारिक बैठकों के दौरान महिला कर्मचारियों को सबके सामने खींचकर अपने पास बुलाना और उनके खिलाफ अभद्र व अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका था। अगस्त में सामने आया था मामला और हुआ था प्रदर्शन यह पूरा विवाद अगस्त महीने के पहले सप्ताह में तब उजागर हुआ जब प्रताड़ित महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने खुलकर अपनी आपबीती सबके सामने रखी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ ने आरोपी सीएमएचओ को तुरंत पद से हटाने की मांग को लेकर जोरदार और उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को भांपते हुए राज्य शासन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन को इस पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच में गवाही और आगे की कार्रवाई अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन द्वारा की गई व्यापक जांच के दौरान अस्पताल और विभाग के लगभग 70 महिला-पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों समेत अन्य कर्मचारियों के सिलसिलेवार बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान अधिकांश कर्मचारियों ने अधिकारी के अभद्र व्यवहार और अश्लील आचरण की खुलकर पुष्टि की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद शासन स्तर पर यह निलंबन की बड़ी कार्रवाई की गई है। इस प्रशासनिक कदम से समूचे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि निलंबन की कार्रवाई के बाद अब आरोपी अधिकारी के खिलाफ औपचारिक विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी, जिसके नतीजों के आधार पर भविष्य में और भी कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इसका आप पर असर इस प्रशासनिक कार्रवाई का सीधा असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक अनुशासन पर पड़ेगा। • भारत में: सरकारी महकमों और अस्पतालों में महिला कर्मचारियों के कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल को लेकर सख्त संदेश गया है। ऐसे मामलों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से व्यवस्था में जवाबदेही तय होती है। • बेमेतरा में: स्थानीय स्वास्थ्य कार्यालय और अस्पतालों के कामकाज पर असर पड़ा है क्योंकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का पद निलंबित अधिकारी के हटने से प्रभावित हुआ है। मरीजों और कर्मचारियों को प्रशासनिक फेरबदल के बीच नई व्यवस्था के सुचारू होने का इंतजार करना होगा। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई महिला स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा की गई औपचारिक शिकायतों और उसके बाद कराई गई विस्तृत विभागीय जांच के आधार पर की गई है। • शिकायत और प्रदर्शन: अगस्त के पहले सप्ताह में पीड़ित महिला कर्मियों द्वारा उत्पीड़न की बात सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया था। • जापान और प्रशासनिक जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन को जांच अधिकारी बनाया गया, जिन्होंने लगभग 70 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। • पुष्टि होना: अधिकांश गवाहों और कर्मचारियों द्वारा आरोपी अधिकारी के अभद्र आचरण की पुष्टि किए जाने के बाद शासन ने नियमों के तहत निलंबन का कदम उठाया। सवाल-जवाब 1. यह मामला किस जिले से जुड़ा है? यह मामला छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से जुड़ा है। 2. आरोपी अधिकारी का क्या नाम है? आरोपी अधिकारी का नाम डॉ अमृतलाल रोहलेडर है, जो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद पर तैनात थे। 3. उन्हें किस आरोप में हटाया गया है? उन पर प्रशिक्षण सत्रों और बैठकों के दौरान महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लील हरकतें करने का आरोप था। 4. निलंबन के बाद उनका नया मुख्यालय कहां बनाया गया है? निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बस्तर संभाग के जगदलपुर में निर्धारित किया गया है। 5. इस मामले की जांच किसने की थी? इस पूरे मामले की विस्तृत जांच स्वास्थ्य विभाग के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन द्वारा की गई थी। https://trendkia.com/chhattisgarh/mahila-karmachariyon-se-ashlila-harakata-karane-para-bemetara-ke-cmho-saspenda-jancha-men-lage-gnbhira-aropa-sahi-32748 TrendKia — Har trend, sabse pehle.