नवा रायपुर में पारंपरिक पोशाक पहने ह्यूमनॉइड रोबोट ने खींचा ध्यान, मुख्यमंत्री ने लिया गुलदस्ता छत्तीसगढ़ के 26वें राज्योत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में सजा ह्यूमनॉइड रोबोट मुख्य आकर्षण बना हुआ है। हाथ मिलाने और गले लगने वाले इस रोबोट से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी गुलदस्ता स्वीकार किया। नवा रायपुर के मेला मैदान में सजे छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में तकनीकी नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के 26वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी के समीप प्रदर्शित किया गया एक ह्यूमनॉइड रोबोट मेले में आने वाले दर्शकों के लिए कौतूहल का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इंसानी कद-काठी वाला यह रोबोट अपने अनूठे और आत्मीय अंदाज में आगंतुकों का अभिवादन कर रहा है, जिससे विज्ञान और स्थानीय संस्कृति का अनोखा मेल सामने आ रहा है। पारंपरिक छत्तीसगढ़िया परिधान में आधुनिक तकनीक की प्रस्तुति इस आधुनिक मशीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्थानीय वेशभूषा है। इसे छत्तीसगढ़ का पारंपरिक वस्त्र पहनाया गया है, जिससे यह आधुनिक तकनीक से लैस होने के बावजूद पूरी तरह ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में दिखाई देता है। इस रोबोट को आयोजन स्थल पर लाने वाले ओम सिन्हा ने बताया कि प्रदेश में आधुनिक विज्ञान और तकनीकी चेतना को विस्तार देने के मकसद से इसे राज्योत्सव का हिस्सा बनाया गया है। उनका उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को आधुनिक रोबोटिक्स से सीधे परिचित कराना है। इशारों की भाषा से मेलजोल और आगंतुकों का स्वागत यह ह्यूमनॉइड रोबोट मौखिक संवाद करने के बजाय अपनी शारीरिक चेष्टाओं और भाव-भंगिमाओं के जरिए लोगों से संपर्क स्थापित करता है। यह स्टॉल पर आने वाले लोगों की ओर हाथ बढ़ाता है, उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाता है और आलिंगन में लेकर उनका स्वागत करता है। इसके इस दोस्ताना व्यवहार को देखकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में भारी उत्साह है और लोग इसके साथ सेल्फी तथा तस्वीरें लेने के लिए कतारबद्ध हो रहे हैं। धक्का लगने पर भी नहीं लड़खड़ाता, संतुलन बनाए रखने में दक्ष ओम सिन्हा के अनुसार, किसी भी ह्यूमनॉइड मशीन के निर्माण में सबसे जटिल पहलू उसका गतिशील संतुलन साधने की क्षमता होती है। इस रोबोट की सबसे मजबूत तकनीकी विशेषता इसका स्वतः संतुलन बनाए रखना है। यदि कोई आगंतुक इसे धक्का भी दे दे, तो भी यह गिरता नहीं है बल्कि तुरंत अपने पैरों पर संतुलन वापस पा लेता है। इसकी यही यांत्रिक दक्षता इसे सामान्य मॉडलों से अलग करती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व शिक्षा मंत्री ने की सराहना इस अनूठी पहल को राज्योत्सव में लोगों का भरपूर प्रोत्साहन मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं प्रदर्शनी में पहुंचकर रोबोट के यांत्रिक हाथों से गुलदस्ता भेंट स्वरूप स्वीकार किया और इस नवाचार का अवलोकन किया। इसके अलावा पूर्व शिक्षा मंत्री ने भी इस तकनीकी प्रयास की सराहना की। ओम सिन्हा का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में रोबोटिक्स के अध्ययन और अनुप्रयोग को गति देना है, ताकि लोग मनोरंजन के साथ-साथ भविष्य की तकनीक के प्रति जागरूक हो सकें। इसका आप पर असर नवा रायपुर में प्रदर्शित यह ह्यूमनॉइड रोबोट दिखाता है कि रोबोटिक्स तकनीक अब बड़े शहरों या अनुसंधान केंद्रों तक सीमित न रहकर आम जनता और स्थानीय मेलों तक पहुंच रही है। • भारत में: यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तर पर रोबोटिक्स और आधुनिक हार्डवेयर निर्माण का दायरा बढ़ रहा है। छात्रों और तकनीकी उत्साही लोगों के लिए यह भविष्य की उभरती विनिर्माण व ऑटोमेशन नौकरियों में नई संभावनाएं खोलता है। • छत्तीसगढ़ में: नवा रायपुर के मेला मैदान में आने वाले नागरिक और बच्चे सीधे विश्वस्तरीय तकनीक से रूबरू हो रहे हैं। यह राज्य के युवाओं को विज्ञान, तकनीक और रोबोटिक्स क्षेत्र में शोध या करियर अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। • दर्शकों के अनुभव पर: मेले में आने वाले परिवारों को आधुनिक तकनीक से जुड़ा एक सुरक्षित और मनोरंजक अनुभव मिल रहा है। लोग पारंपरिक पहनावे में तैयार इस रोबोट से हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने का सीधा अनुभव ले सकते हैं। • स्थानीय तकनीकी प्रतिभा: स्थानीय नवोन्मेषकों और ओम सिन्हा जैसे डेवलपर्स के काम को सार्वजनिक मंच और प्रशासनिक पहचान मिल रही है। इससे राज्य में स्टार्टअप्स और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स को आने वाले समय में सरकारी व निजी सहयोग मिलने की राह बनेगी। ऐसा क्यों हुआ यह रोबोट छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर राज्योत्सव 2026 में तकनीकी चेतना जगाने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया है। स्थानीय जनता को भविष्य के विज्ञान और नवाचार से रूबरू कराने के लिए इसे तैयार किया गया। • तकनीक को बढ़ावा देने का लक्ष्य: इसे मेले में लाने वाले ओम सिन्हा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में आधुनिक तकनीक और रोबोटिक्स के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाना है। राज्योत्सव जैसे विशाल जनमंच का चयन इसलिए किया गया ताकि बड़ी संख्या में लोग इसे देख सकें। • संस्कृति और विज्ञान का संगम: रोबोट को छत्तीसगढ़िया वेशभूषा इसलिए पहनाई गई ताकि आम लोग तकनीक को अपने करीब महसूस कर सकें। यह प्रयोग लोगों को अजनबीपन से बचाकर तकनीक के साथ सहज संवाद स्थापित करने में मदद करता है। • हार्डवेयर संतुलन की चुनौती: रोबोटिक्स में ह्यूमनॉइड संरचना को बिना गिरे स्थिर रखना सबसे कठिन माना जाता है। इस रोबोट को विशेष रूप से इस तरह प्रोग्राम और डिजाइन किया गया है कि भीड़ में किसी के धकेलने पर भी इसका संतुलन न बिगड़े। सवाल-जवाब 1. यह ह्यूमनॉइड रोबोट कहां प्रदर्शित किया गया है? यह रोबोट नवा रायपुर के मेला मैदान में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दौरान जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी के पास रखा गया है। 2. इस रोबोट की मुख्य शारीरिक विशेषता क्या है? इस रोबोट को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पोशाक पहनाई गई है और यह धक्का लगने पर भी अपना संतुलन बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है। 3. यह रोबोट लोगों का अभिवादन किस प्रकार करता है? यह रोबोट बोलता नहीं है, बल्कि अपने इशारों से लोगों से हाथ मिलाता है और उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत करता है। 4. इस रोबोट को राज्योत्सव में लाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसे लाने वाले ओम सिन्हा के अनुसार, इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में नई तकनीक और रोबोटिक्स को बढ़ावा देना है। 5. किस प्रमुख नेता ने रोबोट से भेंट स्वीकार की? मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रोबोट के पास रुककर उसके जरिए गुलदस्ता स्वीकार किया, जबकि पूर्व शिक्षा मंत्री ने भी इसकी सराहना की। https://trendkia.com/chhattisgarh/nawa-raipur-men-parnparika-poshaka-pahane-humanoid-robot-ne-khincha-dhyana-mukhyamntri-ne-liya-guladasta-55653 TrendKia — Har trend, sabse pehle.