रायपुर में आवारा मवेशी ने ली इकलौते कमाऊ बेटे की जान, गर्भवती पत्नी और बुजुर्ग मां का छिना सहारा रायपुर के कचना इलाके में सड़क पर बैठी गाय से टकराने के बाद एक तेज रफ्तार कार ने दो युवकों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 24 वर्षीय रोशन नायक की मौत हो गई, जिससे उनकी सात माह की गर्भवती पत्नी से जीवन का इकलौता सहारा छिन गया है। रविवार देर रात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कचना इलाके में सड़क पर बैठे आवारा मवेशी के कारण एक बेहद खौफनाक और जानलेवा सड़क हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना में 24 वर्षीय एक युवक की जान चली गई, जो अपने परिवार का इकलौता सहारा था और जल्द ही पिता बनने वाला था। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया है और साथ ही शहर की व्यस्त सड़कों पर आवारा जानवरों की मौजूदगी से जुड़े गंभीर खतरे को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है। रविवार रात का वह खौफनाक सफर यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रविवार रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे घटी। पुलिस के अनुसार, 24 साल के रोशन नायक अपने 23 वर्षीय दोस्त करन नायक के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी परिचित से मिलने गए हुए थे। मुलाकात के बाद जब दोनों वापस लौट रहे थे और कचना क्षेत्र की सड़क से गुजर रहे थे, तभी अंधेरे में अचानक उनके रास्ते के बीचों-बीच एक गाय बैठी हुई नजर आई। समय कम होने के कारण मोटरसाइकिल सीधे उस मवेशी से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रोशन और करन दोनों उछलकर पक्की सड़क पर बुरी तरह गिर पड़े और घायल अवस्था में वहीं तड़पने लगे। तेज रफ्तार कार और मौके से फरार चालक सड़क पर गिरने के बाद इन दोनों युवकों को संभलने का जरा भी मौका नहीं मिला। उसी दौरान पीछे से एक तेज रफ्तार कार आई और सड़क पर गिरे हुए दोनों युवकों को बेरहमी से कुचलती हुई निकल गई। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और आनन-फानन में दोनों गंभीर रूप से घायल युवकों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान रोशन नायक ने अपने गहरे जख्मों की वजह से दम तोड़ दिया। दूसरी तरफ, करन नायक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उनका लगातार इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। कार का चालक अपनी गाड़ी को दुर्घटनास्थल पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से भागने में सफल रहा। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ सख्त मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। उजड़ गया परिवार, छिन गया इकलौता सहारा रोशन नायक की अचानक हुई इस मौत ने उनके परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ गिराया है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि रोशन अपने घर में कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे। वह पिछले दो सालों से ड्राइवर के तौर पर नौकरी कर रहे थे और उसी की कमाई से पूरे घर का खर्च चलता था। रोशन की शादी महज दो साल पहले ही नंदिनी के साथ हुई थी। सबसे दुखद और रुला देने वाला पहलू यह है कि नंदिनी इस समय सात महीने की गर्भवती हैं। घर में रोशन की एक बुजुर्ग मां भी हैं जिनका वह सहारा थे। इस हृदयविदारक हादसे ने एक मां से उसका जवान बेटा और एक होने वाले बच्चे से उसके पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है, जिससे परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का भी गहरा संकट खड़ा हो गया है। रायपुर में आवारा जानवरों का जानलेवा आतंक यह अप्रत्याशित दुर्घटना राजधानी की सड़कों पर मंडराते उस बड़े खतरे की याद दिलाती है, जिसे अक्सर प्रशासन द्वारा नजरअंदाज कर दिया जाता है। सड़क हादसों के मामले में रायपुर इस समय पूरे राज्य में पहले स्थान पर है। सड़क सुरक्षा के आंकड़े बताते हैं कि केवल पिछले छह महीनों के भीतर, राजधानी में आवारा मवेशियों की वजह से हुए हादसों में तीन बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 16 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सड़कों पर खुलेआम घूमते ये जानवर रोजमर्रा के वाहन चालकों के लिए मौत का फंदा बनते जा रहे हैं। पूरे राज्य के डराने वाले दुर्घटना आंकड़े पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में यातायात सुरक्षा की स्थिति और भी ज्यादा भयावह नजर आती है। साल 2026 में अब तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में 6,891 भयानक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन अनगिनत हादसों में 3,170 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, और 5,420 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अगर खास तौर पर मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की बात करें, तो साल 2024 के आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि आवारा जानवरों की वजह से राज्य भर में 747 हादसे हुए थे। उन विशिष्ट दुर्घटनाओं में 224 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी और 533 लोग जख्मी हुए थे। यह भारी संख्या यातायात प्रबंधन की विफलता को साफ दर्शाती है। व्यवस्था सुधारने की सख्त मांग लगातार हो रही इन मौतों ने सड़क सुरक्षा और यातायात विशेषज्ञों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। यातायात का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से मानना है कि छत्तीसगढ़ राज्य में होने वाले कुल सड़क हादसों में से 30 से 40 प्रतिशत दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह सड़कों पर बैठे आवारा मवेशी ही होते हैं। यह एक बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा है जो समस्या की जड़ को उजागर करता है। रोशन नायक की दुखद मौत के बाद, आम जनता और समाज के विभिन्न वर्गों की तरफ से यह मांग लगातार तेज हो रही है कि आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कोई ठोस व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी और बेगुनाह नागरिक को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े। इसका आप पर असर • स्थानीय निवासियों के लिए: रायपुर और आसपास के इलाकों में रात के समय वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि सड़कों पर आवारा मवेशियों का खतरा बहुत अधिक है। • प्रशासन पर दबाव: इस तरह के हादसों के बाद प्रशासन पर आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर नियम सख्त करने और नई नीतियां लागू करने का दबाव बढ़ सकता है। सवाल-जवाब 1. रायपुर के कचना में यह सड़क हादसा कब हुआ? यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात करीब 11:30 बजे हुआ। 2. हादसे में जान गंवाने वाले युवक का नाम क्या था? हादसे में जान गंवाने वाले 24 वर्षीय युवक का नाम रोशन नायक था। 3. दुर्घटना का मुख्य कारण क्या था? सड़क के बीचों-बीच बैठी एक गाय से मोटरसाइकिल टकराने के बाद पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने सड़क पर गिरे युवकों को कुचल दिया। 4. रोशन नायक के परिवार में कौन-कौन है? उनके परिवार में एक बुजुर्ग मां और पत्नी नंदिनी हैं, जो सात महीने की गर्भवती हैं। 5. छत्तीसगढ़ में आवारा मवेशियों के कारण कितने हादसे होते हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में होने वाले 30 से 40 प्रतिशत सड़क हादसों की मुख्य वजह सड़कों पर बैठे आवारा मवेशी हैं। https://trendkia.com/chhattisgarh/raipur-men-avara-maveshi-ne-li-ikalaute-kamau-bete-ki-jana-garbhavati-patni-aura-bujurga-man-ka-chhina-sahara-10202 TrendKia — Har trend, sabse pehle.