रायपुर में दोस्ती को लेकर हुए विवाद में जली बाइक, दोस्त की जलकर मौत का खुलासा रायपुर के सरस्वती नगर में मुकेश ने अपनी नई ई-बाइक में खुद आग लगाई थी, जिसकी चपेट में आकर दोस्त साकिब रजा बुरी तरह झुलस गया और सात दिन बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हादसा परिवार के विरोध और दोस्ती में आई नई बाइक को लेकर हुए गुस्से का नतीजा था, न कि कोई सुनियोजित साजिश। रायपुर के सरस्वती नगर इलाके में एक ई-बाइक को आग लगाने की कोशिश आखिरकार एक जान ले बैठी, और पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई है वह पहले सुनी गई कहानी से बिल्कुल अलग निकली। शुरुआत में यह मामला किसी साजिश की तरह पेश हुआ था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि आग खुद उस बाइक के मालिक ने अपने ही हाथों लगाई थी, और इसी आग में उसका सबसे करीबी दोस्त बुरी तरह जल गया। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद पुलिस के मुताबिक मुकेश और साकिब रजा गहरे दोस्त थे और लंबे समय से एक-दूसरे के साथ उठते-बैठते थे। करीब 12 दिन पहले मुकेश ने एक नई इलेक्ट्रॉनिक बाइक खरीदी और उसे चलाने के लिए साकिब को दे दिया। मुकेश के घरवालों को यह बात रास नहीं आई और उन्होंने कई बार आपत्ति जताई कि नई बाइक साकिब के हवाले क्यों की गई है। घर से लगातार मिल रही इस नाराज़गी ने मुकेश को अंदर ही अंदर परेशान कर दिया। उसे लगने लगा कि यही बाइक अब उसकी और साकिब की पुरानी दोस्ती में दरार डाल रही है, और इस सोच ने उसे बेहद गुस्से में ला दिया। गुस्से में खुद अपनी बाइक को आग लगा दी इसी उलझन से तंग आकर मुकेश ने ठान लिया कि वह विवाद की जड़ यानी बाइक को ही खत्म कर देगा। 13 जुलाई को उसने बाइक पर पेट्रोल उड़ेला और माचिस जलाकर उसमें आग लगा दी। उस वक्त साकिब भी वहीं मौजूद था और उसने मुकेश को रोकने की कोशिश की। साकिब ने कहा, “मेरी वजह से अपनी बाइक मत जलाओ।” लेकिन तब तक मुकेश आग लगा चुका था। पलभर में आग इतनी भड़क उठी कि साकिब खुद उसमें झुलस गया और गंभीर रूप से जल गया, जबकि मुकेश को शरीर पर मामूली जलन आई। सात दिन जिंदगी से जूझने के बाद मौत गंभीर हालत में साकिब को डीकेएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर पूरे सात दिन तक उसकी जान बचाने में जुटे रहे। आखिरकार 17 जुलाई को इलाज के दौरान ही साकिब ने दम तोड़ दिया। एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा के अनुसार जांच पूरी होने पर पुलिस ने मुकेश को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, यानी गैर इरादतन हत्या से जुड़ा केस दर्ज किया गया है। पहले जताया जा रहा था साजिश का शक घटना सामने आने के तुरंत बाद मामला इतना सीधा नहीं दिख रहा था। मृत साकिब की बहन शहरबान ने पहले दावा किया था कि उसके भाई को सुनियोजित तरीके से शराब पार्टी के नाम पर बुलाया गया था और यह पूरा मामला किसी साजिश का हिस्सा है। इस आरोप के बाद पुलिस ने मामले की परतें बारीकी से खंगालनी शुरू कीं। हालांकि गहराई से हुई पूछताछ और सबूतों की जांच में यह साफ हो गया कि मौत किसी सुनियोजित साजिश का नतीजा नहीं बल्कि बाइक जलाने के दौरान हुए हादसे का परिणाम थी। इस तरह एक मामूली पारिवारिक नाराज़गी से शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक दोस्त की जान ले गया। इसका आप पर असर यह मामला भले ही एक स्थानीय विवाद जैसा शुरू हुआ हो, लेकिन इसका सबक हर परिवार के लिए है। • भारत में: यह घटना दिखाती है कि घर की छोटी-छोटी नाराज़गी और गुस्से में उठाया गया कदम कैसे किसी अपने की जान ले सकता है, इसलिए पारिवारिक विवादों को समय रहते सुलझाना जरूरी है। • रायपुर में: पुलिस ने साजिश की अफवाहों के बीच गहराई से जांच कर असली वजह सामने ला दी है, जिससे सरस्वती नगर जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों का पुलिस जांच पर भरोसा मजबूत होगा। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई? यह घटना रायपुर के सरस्वती नगर इलाके में हुई। 2. साकिब की मौत कैसे हुई? मुकेश ने अपनी ई-बाइक में खुद आग लगाई थी, जिसकी चपेट में साकिब आ गया और गंभीर रूप से झुलसकर उसकी मौत हो गई। 3. मुकेश ने अपनी बाइक क्यों जलाई? मुकेश के घरवाले नई बाइक साकिब को देने से नाराज थे, जिससे मुकेश को लगा कि बाइक उसकी दोस्ती में दरार डाल रही है, और गुस्से में उसने बाइक जला दी। 4. घटना कब हुई और साकिब की मौत कब हुई? बाइक 13 जुलाई को जलाई गई थी और सात दिन के इलाज के बाद 17 जुलाई को साकिब की मौत हुई। 5. पुलिस ने मुकेश पर क्या कार्रवाई की? पुलिस ने मुकेश को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। 6. क्या पहले इस मौत को साजिश माना जा रहा था? हां, साकिब की बहन शहरबान ने आरोप लगाया था कि उसे साजिश के तहत बुलाया गया था, लेकिन जांच में यह बाइक जलाने का हादसा साबित हुआ। https://trendkia.com/chhattisgarh/raipur-men-dosti-ko-lekara-hue-vivada-men-jali-baika-dosta-ki-jalakara-mauta-ka-khulasa-9143 TrendKia — Har trend, sabse pehle.