# रायपुर में खारून रिवर फ्रंट पर ठेकेदारों की बेरुखी से दो टेंडर रद्द, अब तीसरी कोशिश में जुटा PWD

> छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खारून नदी पर बनने वाला 61 करोड़ रुपये का रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट एक दशक से अटका हुआ है, जहां निर्माण एजेंसियों के आगे न आने पर विभाग ने तीसरी बार बोली मंगाई है।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/raipur-men-kharun-rivara-phrnta-para-thekedaron-ki-berukhi-se-do-tendara-radda-aba-tisari-koshisha-men-juta-pwd-41573 · **Language:** Hindi
**Tags:** खारून रिवर फ्रंट, रायपुर, छत्तीसगढ़, लोक निर्माण विभाग, पीडब्ल्यूडी टेंडर, बुनियादी ढांचा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खारून नदी के किनारों को सजाने संवारने की महत्त्वाकांक्षी योजना पिछले एक दशक से फाइलों और बैठकों के बीच झूल रही है। लगातार समीक्षा बैठकों और प्रशासनिक कवायदों के बावजूद जमीन पर इस परियोजना का कोई ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा है। स्थिति यह बन गई है कि 61 करोड़ रुपये की लागत वाले इस रिवर फ्रंट के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसियां और ठेकेदार आगे आने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से काम शुरू कराने की नीयत से अब तक दो बार निविदाएं निकाली जा चुकी हैं, लेकिन दोनों ही प्रयास पूरी तरह बेनतीजा साबित हुए हैं।

## ठेकेदारों की बेरुखी और निविदाओं की नाकामी
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जब विभाग ने पहली बार टेंडर निकाला था, तब उसमें सिर्फ दो कंपनियों ने भाग लिया था, जिससे प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद जब दूसरी बार टेंडर जारी किया गया, तो हालात और भी खराब रहे और एक भी ठेकेदार एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। अधिकारियों का मानना है कि यह अपने आप में एक अलग और तकनीकी रूप से बड़ा निर्माण कार्य है, इसलिए शुरुआती दौर में एजेंसियां बोली लगाने में झिझक दिखा रही हैं। वहीं विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दबाव और कार्य के नए स्वरूप की जटिलताओं के चलते ठेकेदार इस काम में हाथ डालने से कतरा रहे हैं। इन दो नाकाम कोशिशों के बाद अब लोक निर्माण विभाग ने 23 सितंबर को तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, ताकि किसी सक्षम कंपनी का चयन कर काम को आगे बढ़ाया जा सके।

## कैसा होगा 61 करोड़ का नया खारून रिवर फ्रंट
प्रस्तावित योजना के मुताबिक खारून नदी के दोनों किनारों का कायाकल्प कर एक शानदार सार्वजनिक स्थल तैयार किया जाना है। इस मास्टर प्लान के तहत नदी के दोनों तरफ नए भव्य घाट बनाए जाएंगे, जहां नियमित भव्य आरती के लिए विशेष स्थल तैयार होगा। इसके साथ ही आसपास के मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार किया जाएगा और लोगों के टहलने व आराम करने के लिए आधुनिक पाथवे, कैनोपी और बैठने की सुंदर व्यवस्था की जाएगी। पूरे परिसर को खूबसूरत और हरा भरा रूप देने के लिए विस्तृत लैंडस्केपिंग, आकर्षक गार्डन और हरियाली वाले क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है।

## श्रद्धालुओं की सुविधाएं और तय समय सीमा
धार्मिक आयोजनों और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां एक पुलिस कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके अलावा गाड़ियों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल और पूरे नदी तट पर एकरूप सौंदर्यीकरण का खाका खींचा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इस 61 करोड़ रुपये की परियोजना को पूरा करने के लिए 18 महीने की अवधि निर्धारित की है। काम पूरा होने के बाद यह रिवर फ्रंट राजधानी रायपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक अनुष्ठानों और पर्यटन गतिविधियों का सबसे प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। अब विभाग की पूरी उम्मीदें 23 सितंबर को जारी तीसरे टेंडर पर टिकी हैं कि इस बार निर्माण कंपनियां आगे आएंगी और दस साल से अधर में लटका यह सपना जमीन पर साकार होगा।

## इसका आप पर असर
खारून नदी के किनारे रहने वाले नागरिकों, श्रद्धालुओं और रायपुर के पर्यटकों के लिए इस बहुप्रतीक्षित रिवर फ्रंट का निर्माण फिलहाल टल गया है।

- **रायपुर में:** शहरवासियों को टहलने, घूमने और खुले सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित रिवर फ्रंट के लिए अभी और इंतजार करना होगा। टेंडर सफल होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा होने में तय समय सीमा के अनुसार 18 महीने का वक्त लगेगा।
- **श्रद्धालुओं के लिए:** खारून नदी पर नियमित भव्य आरती और मंदिर दर्शन के लिए आने वाले लोगों को नए घाटों और बेहतर सुविधाओं का लाभ तुरंत नहीं मिल सकेगा। वर्तमान में श्रद्धालुओं को पुरानी व्यवस्था और सीमित सुविधाओं के बीच ही धार्मिक अनुष्ठान करने होंगे।
- **शहरी यातायात और सुरक्षा:** प्रस्तावित पार्किंग स्थल और पुलिस कंट्रोल रूम के निर्माण में देरी से नदी तट पर बड़े पर्वों के दौरान भीड़ प्रबंधन पहले जैसा ही रहेगा। आगंतुकों को व्यवस्थित पार्किंग और नई सुरक्षा चौकियों की सुविधा के लिए निर्माण शुरू होने का इंतजार करना पड़ेगा।
- **ठेका और निर्माण क्षेत्र:** निर्माण कंपनियों और स्थानीय श्रमिकों के लिए 61 करोड़ रुपये के बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट से जुड़े रोजगार के अवसर अभी अटके हुए हैं। 23 सितंबर को जारी तीसरे टेंडर के अंतिम परिणाम के बाद ही निर्माण से जुड़े काम और अनुबंध शुरू हो सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
खारून रिवर फ्रंट परियोजना के पिछले 10 वर्षों से अटके रहने और हालिया निविदाओं के विफल होने के पीछे प्रक्रियागत झिझक और प्रशासनिक परिस्थितियां मुख्य कारण रही हैं।

- **ठेकेदारों की कम रुचि:** पहली निविदा में सिर्फ दो एजेंसियों ने हिस्सा लिया और दूसरी निविदा में एक भी कंपनी नहीं आई, जिसके चलते नियमों के तहत टेंडर रद्द करने पड़े। किसी सक्षम एजेंसी के न मिलने से जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
- **परियोजना की तकनीकी जटिलता:** लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह एक विशिष्ट और बड़े पैमाने का नदी तटीय प्रोजेक्ट है, जिसकी संरचना और काम का दायरा नया होने से कंपनियां शुरुआत में झिझक रही हैं।
- **राजनीतिक और प्रक्रियागत कारण:** विभागीय सूत्रों के हवाले से काम के नए स्वरूप से जुड़ी पेचीदगियों और राजनीतिक दबाव को भी कंपनियों द्वारा बोली न लगाने की एक वजह माना गया है।
- **विभागीय समीक्षा का असर न होना:** पिछले एक दशक में समय-समय पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें तो हुईं, लेकिन धरातल पर आने वाली अड़चनों का समय पर स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

## सवाल-जवाब

### 1. खारून रिवर फ्रंट परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
इस महत्त्वाकांक्षी रिवर फ्रंट निर्माण परियोजना की कुल लागत 61 करोड़ रुपये तय की गई है।

### 2. प्रोजेक्ट का काम शुरू करने के लिए टेंडर क्यों रद्द करने पड़े?
पहली बार केवल दो कंपनियों ने भाग लिया और दूसरी बार एक भी कंपनी नहीं आई, जिससे ठेकेदारों के अभाव में टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

### 3. विभाग ने तीसरी बार टेंडर कब आमंत्रित किया है?
लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी के चयन के लिए 23 सितंबर को तीसरी बार टेंडर जारी किया है।

### 4. काम शुरू होने के बाद निर्माण पूरा करने की समय सीमा क्या रखी गई है?
लोक निर्माण विभाग ने इस 61 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय की है।

### 5. खारून रिवर फ्रंट के तहत कौन-कौन से प्रमुख निर्माण कार्य किए जाएंगे?
इसके तहत नदी के दोनों किनारों पर नए घाट, आरती स्थल, मंदिर का जीर्णोद्धार, पाथवे, कैनोपी, आकर्षक गार्डन, पार्किंग और पुलिस कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।

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