रायपुर से बलौदाबाजार का सफर होगा तेज, 1500 करोड़ से तैयार होगा नया फोरलेन कॉरिडोर छत्तीसगढ़ में रायपुर और बलौदाबाजार के बीच लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण होने जा रहा है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 60 मिनट रह जाएगा. छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर को बलौदाबाजार से जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही भीषण जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है. इस अहम राजमार्ग को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. नेशनल हाईवे, वन महकमे और बिजली विभाग के संयुक्त दल ने प्राथमिक सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. यह संयुक्त जमीनी पड़ताल राजधानी से लेकर खरोरा विकासखंड स्थित खोरसी गांव तक की जा चुकी है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की गई है. भूमि अधिग्रहण और प्रभावित गांवों का ब्योरा अधिकारियों द्वारा किए गए इस विस्तृत सर्वे में 20 से 21 ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 17 हेक्टेयर जमीन को सड़क के दायरे में दर्ज किया गया है. इस पूरी परिधि में कुल 711 खसरा नंबर चिन्हित किए गए हैं, जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आएंगे. विभागीय स्तर पर इन सभी खसरों की सूची को सार्वजनिक करने की तैयारी चल रही है, ताकि संबंधित जमीन मालिकों से विधिवत दावे और आपत्तियां मंगाई जा सकें. एनएच के एसडीओ आरएस गंजीर के अनुसार, सर्वेक्षण संपन्न होने के बाद जमीन से जुड़ी औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराने का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है. दो चरणों में बंटेगी 1500 करोड़ रुपये की परियोजना रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ रूट के कायाकल्प पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है. निर्माण कार्य को सुचारू रखने के लिए इसे दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है. प्रथम चरण के तहत धनेली से पुराने विधानसभा भवन तक 11.610 किलोमीटर का हिस्सा विकसित होगा, जिस पर करीब 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसके बाद दूसरे चरण में विधानसभा से पलारी तक करीब 72 किलोमीटर लंबा मार्ग चौड़ा किया जाएगा, जिस पर 1050 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी. फ्लाईओवर, सर्विस लेन और बुनियादी ढांचे का विस्तार मार्ग पर निर्बाध आवागमन बनाए रखने के लिए पूरे प्रोजेक्ट में चार बड़े फ्लाईओभर, कई ओवरब्रिज और जरूरत के अनुसार सर्विस लेन का निर्माण शामिल है. यह परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच की यात्रा अवधि पौने दो घंटे से सिमटकर केवल एक घंटे रह जाएगी. निर्माण कार्य के दौरान रायपुर जिले की परिधि में आने वाले करीब 7 हजार पेड़ों को कानूनी नियमों के तहत हटाया जाएगा. साथ ही मार्ग पर मौजूद खंभों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित जगह ले जाने के लिए विद्युत विभाग ने 44.78 करोड़ रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है, जिसकी स्वीकृति के बाद डिमांड नोट जारी होगा. इसका आप पर असर इस फोरलेन परियोजना के पूरा होने से दैनिक यात्रियों, मालवाहकों और स्थानीय किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा. • भारत में: राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सुदृढ़ होने से अंतर-राज्यीय परिवहन और व्यापारिक ढुलाई तेज होगी. इससे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के बीच सामान पहुंचाने की लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी. • रायपुर और बलौदाबाजार में: दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय पौने दो घंटे से घटकर सिर्फ 60 मिनट रह जाएगा. जाम से मुक्ति मिलने से दैनिक कामकाजी लोगों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को बड़ी सुविधा होगी. • जमीन मालिकों के लिए: 711 प्रभावित खसरों की सूची जारी होने के बाद भू-स्वामियों को मुआवजा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा. संबंधित नागरिकों को राजस्व विभाग द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी चाहिए. • स्थानीय कारोबार के लिए: बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण इलाकों और छोटे बाजारों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. किसानों और व्यापारियों के लिए अपनी उपज राजधानी की मुख्य मंडियों तक पहुंचाना काफी सुगम हो जाएगा. ऐसा क्यों हुआ रायपुर और बलौदाबाजार के बीच बढ़ते औद्योगिक परिवहन और भारी वाहनों के दबाव के कारण वर्तमान सड़क अक्सर भीषण जाम की शिकार हो रही थी. इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संयुक्त विभागों ने सड़क चौड़ीकरण की योजना को जमीन पर उतारना शुरू किया है. • यातायात का भारी दबाव: मौजूदा सड़क पर वाहनों की निरंतर बढ़ती संख्या के कारण यात्रियों को पौने दो घंटे से ज्यादा समय लग रहा था. इसी जाम और संकरे रास्तों की समस्या को हल करने के लिए चार लेन का प्रस्ताव बनाया गया. • संयुक्त सर्वेक्षण का पूरा होना: नेशनल हाईवे, वन विभाग और विद्युत विभाग की साझा टीम ने खोरसी गांव तक सर्वे का काम निपटाया. इस निरीक्षण से 17 हेक्टेयर भूमि और 711 खसरा नंबरों की सटीक पहचान संभव हो सकी. • बुनियादी ढांचे की आधुनिक जरूरत: घनी बस्तियों और चौराहों पर दुर्घटनाओं को टालने के लिए चार फ्लाईओभर और सर्विस लेन की योजना बनाई गई है. बिजली के बुनियादी ढांचे को हटाने के लिए 44.78 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा जाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. सवाल-जवाब 1. रायपुर-बलौदाबाजार फोरलेन परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है? इस पूरी परियोजना पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है. 2. सड़क चौड़ीकरण का कार्य कितने चरणों में पूरा किया जाएगा? इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में 11.610 किमी और दूसरे चरण में 72 किमी सड़क शामिल है. 3. नई सड़क बनने से यात्रा के समय में कितनी बचत होगी? रायपुर से बलौदाबाजार के बीच लगने वाला समय पौने दो घंटे से घटकर केवल एक घंटा रह जाएगा. 4. सड़क निर्माण के दायरे में कितनी जमीन और कितने गांव आ रहे हैं? सर्वेक्षण के अनुसार 20 से 21 गांवों की 711 खसरों की लगभग 17 हेक्टेयर जमीन इस दायरे में चिन्हित की गई है. 5. विद्युत अवसंरचना को स्थानांतरित करने के लिए कितना बजट तय किया गया है? सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों और अन्य संरचनाओं को हटाने के लिए विद्युत विभाग ने 44.78 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है. 6. इस मार्ग पर सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए क्या विशेष निर्माण होंगे? यातायात को बिना रुकावट चलाने के लिए चार बड़े फ्लाईओवर, कई ओवरब्रिज और आवश्यकतानुसार सर्विस लेन बनाई जाएंगी. https://trendkia.com/chhattisgarh/raipur-se-balodabazar-ka-saphara-hoga-teja-1500-karora-se-taiyara-hoga-naya-phoralena-koridora-36893 TrendKia — Har trend, sabse pehle.