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  "title": "सदस्यता में पैसे के खेल के आरोप में सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे का नामांकन अटका",
  "summary": "छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन पर चुनाव कमेटी ने रोक लगा दी है, दोनों पर निजी एजेंसी के जरिए पैसे लेकर सदस्य बनाने का आरोप है और 8 सितंबर शाम 7 बजे तक जवाब मांगा गया है।",
  "content": "छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चल रहे चुनाव में एक नया मोड़ आ गया है। इस पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे दो नेताओं, सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे, के नामांकन को चुनाव कमेटी ने रोक दिया है। दोनों के खिलाफ पैसे देकर लोगों को पार्टी का सदस्य बनवाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद कमेटी ने उन्हें औपचारिक नोटिस भेजा है और उनसे लिखित जवाब मांगा है।\n\nनोटिस में क्या पूछा गया\nचुनाव कमेटी की ओर से जारी नोटिस में सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे पर एक निजी एजेंसी के जरिए सदस्यता कराने का सीधा आरोप लगाया गया है। कमेटी का मानना है कि यह तरीका चुनाव की आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। नोटिस में दोनों दावेदारों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ नियम तोड़ने पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए। इसका जवाब देने के लिए उन्हें 8 सितंबर की शाम 7 बजे तक का समय दिया गया है। कमेटी ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर तय समय में जवाब नहीं आया, तो यह मान लिया जाएगा कि उम्मीदवार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है और वह अपनी सफाई देना ही नहीं चाहता। ऐसी स्थिति में नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।\n\nअभी उम्मीदवारी पर मुहर नहीं\nफिलहाल सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे की उम्मीदवारी को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनका आगे का रास्ता अब उनके जवाब पर टिका है, चुनाव कमेटी उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट होती है या नहीं, इसी आधार पर तय होगा कि उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए या नहीं। इस बीच शिकायत और नोटिस के बाद दोनों नेताओं के नाम चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी ऐप से हटा दिए गए हैं, जिससे साफ है कि कमेटी इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के भीतर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।\n\nपहली बार नहीं उठा है सवाल\nछत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस का चुनाव इससे पहले भी विवादों से अछूता नहीं रहा है। चुनाव प्रक्रिया और नियमों को लेकर कार्यकर्ता पहले भी आपत्ति और शिकायतें दर्ज करा चुके हैं। कुछ दिन पहले प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका ने चुनाव को देखते हुए राज्य का दौरा भी किया था, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। लेंका के दौरे के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने खुद पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई थी। पिछले महीने बैज ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को एक पत्र लिखकर मांग की थी कि जिन जिलों में एक जिला-एक विधानसभा का फॉर्मूला लागू है, वहां विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव फिलहाल टाल दिया जाए।\n\nतालमेल बिगड़ने की आशंका\nप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपनी चिट्ठी में तर्क दिया था कि जिन जिलों में सिर्फ एक ही विधानसभा सीट है, वहां जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष के लिए अलग-अलग चुनाव कराने से संगठन के भीतर तालमेल बिगड़ सकता है। इसलिए ऐसे जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव अभी नहीं कराया जाना चाहिए। हालांकि जिन जिलों में दो या तीन से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र आते हैं, वहां जिला अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष, दोनों पदों की नियुक्ति पहले से तय प्रक्रिया के मुताबिक ही की जा सकती है। बैज के मुताबिक इससे संगठन के भीतर बेहतर तालमेल बना रहेगा और संगठनात्मक कामकाज में रुकावट भी नहीं आएगी। कुल मिलाकर सदस्यता को लेकर उठे इस ताजा विवाद ने प्रदेश यूथ कांग्रेस चुनाव को पहले से ही घिरे विवादों की फेहरिस्त में एक और अध्याय जोड़ दिया है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह विवाद तब शुरू हुआ जब सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के खिलाफ शिकायत मिली कि उन्होंने एक निजी एजेंसी के जरिए पैसे देकर लोगों को पार्टी का सदस्य बनवाया। चुनाव कमेटी ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए तुरंत दोनों दावेदारों के नामांकन पर रोक लगा दी।\n\n• सीधा कारण: पैसे देकर सदस्यता कराने की शिकायत मिलते ही चुनाव कमेटी हरकत में आई और दोनों नेताओं को नोटिस थमा दिया।\n• पुरानी पृष्ठभूमि: छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव पहले भी प्रक्रिया और नियमों को लेकर विवादों में रहा है, प्रदेश प्रभारी स्मृति रंजन लेंका के दौरे के बाद भी विवाद नहीं थमा था।\n• संगठन के भीतर असहमति: प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पहले ही राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके थे, जिससे साफ है कि चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर पहले से असंतोष था।\n• आगे क्या: दोनों दावेदारों का जवाब चुनाव कमेटी को संतुष्ट करता है या नहीं, इसी से तय होगा कि उनकी उम्मीदवारी बचती है या रद्द होती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूथ कांग्रेस चुनाव में किसका नामांकन होल्ड हुआ है?\nसत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे का नामांकन चुनाव कमेटी ने होल्ड कर दिया है।\n\n2. दोनों पर क्या आरोप है?\nएक निजी एजेंसी के जरिए पैसे देकर लोगों को पार्टी का सदस्य बनवाने का आरोप है।\n\n3. जवाब देने की आखिरी समयसीमा क्या है?\nदोनों को 8 सितंबर की शाम 7 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण देना है।\n\n4. तय समय में जवाब न देने पर क्या होगा?\nयह मान लिया जाएगा कि उम्मीदवार को कोई आपत्ति नहीं है और नियमानुसार आगे कार्रवाई होगी।\n\n5. क्या उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है?\nनहीं, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, यह उनके जवाब पर निर्भर करेगा।\n\n6. उनके नाम ऐप से क्यों हटाए गए?\nशिकायत और नोटिस मिलने के बाद दोनों के नाम चुनाव से जुड़ी ऐप से हटा दिए गए हैं।\n\n7. प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पहले क्या मांग की थी?\nउन्होंने एक जिला-एक विधानसभा वाले जिलों में विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव टालने की मांग की थी।\n\n8. बैज ने यह पत्र किसे लिखा था?\nउन्होंने यह पत्र यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को लिखा था।",
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  "category": "छत्तीसगढ़",
  "publishedAt": "2026-09-08",
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