छत्तीसगढ़ में कांस्टेबल भर्ती के वेटिंग अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, चार सौ से ज्यादा पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ छत्तीसगढ़ कांस्टेबल भर्ती 2018 के वेटिंग उम्मीदवारों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सरकार की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने तीन महीने के भीतर सभी पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे सैकड़ों प्रतीक्षा सूची यानी वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों के लिए सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे युवाओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी को सिरे से खारिज कर दिया है। इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक न्यायिक आदेश के बाद अब प्रतीक्षा सूची में शामिल चार सौ से अधिक उम्मीदवारों के लिए पुलिस बल में कांस्टेबल के पद पर ज्वाइनिंग मिलने का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है। वर्षों पुराना संघर्ष और कानूनी लड़ाई यह पूरा प्रकरण वर्ष 2018 में निकाली गई छत्तीसगढ़ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। उस समयावधि में राज्यभर में कुल एक हजार सात सौ छियासी पदों पर चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। चयन प्रक्रिया संपन्न होने के पश्चात मुख्य सूची के कई पद रिक्त रह गए थे क्योंकि कई चयनित उम्मीदवारों ने निर्धारित समय पर कार्यभार नहीं संभाला था। इसके चलते लगभग चार सौ सत्रह अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में ही फंसकर रह गए थे। ये सभी युवा अपने वैध अधिकारों के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के लगातार चक्कर काट रहे थे। जब शासन स्तर पर कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला, तो इन अभ्यर्थियों ने न्याय पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। तीन महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश राज्य के उच्च न्यायालय से अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला आने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने उस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। हालांकि शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता से सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया और फैसला पूरी तरह से अभ्यर्थियों के हक में सुरक्षित रखा। सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं कि प्रतीक्षा सूची में दर्ज सभी पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति की संपूर्ण प्रक्रिया को आगामी तीन महीनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। युवाओं के चेहरों पर लौटी खुशी बीते आठ वर्षों से लगातार अनिश्चितता और भारी मानसिक दबाव का सामना कर रहे इन युवाओं के लिए सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय किसी बड़े वरदान से कम नहीं आंका जा रहा है। इस कठोर और स्पष्ट न्यायिक आदेश के आने के बाद उन तमाम परिवारों में जश्न का माहौल है, जिनके बेटों और बेटियों ने खाकी वर्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करने का सपना संजोया था। इस अदालती फैसले ने न केवल पारदर्शी चयन प्रणाली पर युवाओं के भरोसे को और अधिक सुदृढ़ किया है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि न्याय मिलने में भले ही कुछ वक्त लग जाए, परंतु अंततः सत्य की ही विजय होती है। इसका आप पर असर यह फैसला छत्तीसगढ़ के उन सैकड़ों युवाओं और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे थे। • भारत में: यह फैसला देश भर के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो सरकारी भर्तियों में वेटिंग लिस्ट को लेकर अदालतों की शरण में जाते हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि पात्र उम्मीदवारों को उनका हक कानूनी लड़ाई के बाद मिल सकता है। • छत्तीसगढ़ में: राज्य के चार सौ से अधिक परिवारों के युवाओं को खाकी वर्दी मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और प्रशासनिक व्यवस्था में भरोसा मजबूत होगा। ऐसा क्यों हुआ यह मामला वर्ष 2018 की कांस्टेबल चयन प्रक्रिया में मुख्य सूची के उम्मीदवारों के कार्यभार न संभालने के कारण उपजे विवाद से जुड़ा है। • रिक्त पदों की स्थिति: चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य सूची के कई चयनित उम्मीदवारों ने कार्यभार नहीं संभाला, जिससे सैकड़ों पद खाली रह गए थे। • प्रशासनिक गतिरोध: शासन स्तर पर समाधान न मिलने के कारण वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। • न्यायिक हस्तक्षेप: राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब प्रशासन के लिए तीन महीने में नियुक्ति देना बाध्यकारी हो गया है। सवाल-जवाब 1. छत्तीसगढ़ कांस्टेबल भर्ती का यह मामला किस वर्ष से जुड़ा है? यह मामला वर्ष 2018 में आयोजित छत्तीसगढ़ कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। 2. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार की किस याचिका को खारिज किया है? सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी को खारिज किया है। 3. वेटिंग लिस्ट के कितने अभ्यर्थियों को इस फैसले से राहत मिली है? प्रतीक्षा सूची में शामिल चार सौ से अधिक अभ्यर्थियों को इस फैसले से राहत मिली है। 4. अदालत ने अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए कितना समय दिया है? अदालत ने संबंधित अधिकारियों को आगामी तीन महीने के भीतर ज्वाइनिंग की पूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। 5. शुरुआत में कुल कितने पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी? शुरुआत में कुल एक हजार सात सौ छियासी पदों के लिए भर्ती निकाली गई थी। https://trendkia.com/chhattisgarh/supreme-court-grants-major-relief-to-chhattisgarh-police-constable-waitlisted-candidates-clears-path-for-appointments-32544 TrendKia — Har trend, sabse pehle.