सूरजपुर में दर्दनाक हादसा, बच्चों को बचाने नदी में उतरे पिता समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौत छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में पिता भी गहरे पानी में चले गए और सभी की जान चली गई। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां रन नदी के राम सरस्वतीपुर घाट पर नहाने गए एक ही परिवार के चार सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है, जहां परिवार के सदस्य नदी में उतरे थे और गहराई का अंदाजा न होने के कारण यह हादसा हो गया। बिहार से आए थे मिलने पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान विवेक कुमार सिंह (45), उनके बेटे अभिजीत सिंह (20), गोपाल कृष्ण (13) और कृष्ण गोपाल (15) के रूप में की गई है। विवेक कुमार मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले थे और सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर इलाके के चंद्रपुर गांव में अपनी पत्नी से मिलने आए हुए थे। उनके साथ बिहार के कटिहार जिले की उनकी पत्नी की बहन के दो बेटे भी आए हुए थे। ये सभी लोग राम सरस्वतीपुर घाट पर नदी में नहाने के लिए गए थे, जहां यह अनहोनी घटित हो गई। बचाने की कोशिश में गई जान अधिकारियों ने बताया कि नहाने के दौरान तीनों लड़के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को अपनी आंखों के सामने डूबता देख विवेक कुमार ने उन्हें बचाने के लिए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी का बहाव और गहराई ज्यादा होने के कारण वे बच्चों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल सके और खुद भी तेज बहाव व गहरे पानी की चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। इसके बाद होम गार्ड के गोताखोरों को राहत और बचाव कार्य के लिए बुलाया गया, जिनकी मदद से चारों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई व जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दिए आर्थिक सहायता के निर्देश इस भीषण हादसे पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा है कि राज्य शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार आरबीसी 6-4 के तहत पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। इसका आप पर असर इस दुखद दुर्घटना से जुड़े कुछ मुख्य पहलू और प्रशासनिक सहायता के बिंदु नीचे दिए गए हैं। • छत्तीसगढ़ में: राज्य सरकार की ओर से आरबीसी 6-4 के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को प्रशासनिक आर्थिक सहायता प्रदान करने के आदेश दे दिए गए हैं। ऐसे हादसों के बाद प्रभावित परिवारों को सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की जाती है। • सूरजपुर में: स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने नदी घाटों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने को लेकर चेतावनी जारी की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय लोगों को गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ इस भीषण हादसे के पीछे मुख्य वजह नदी के गहरे पानी का अंदाजा न होना और बच्चों का डूबना था, जिन्हें बचाने के प्रयास में पिता की भी जान चली गई। • गहरे पानी में उतरना: पीड़ित परिवार के सदस्य राम सरस्वतीपुर घाट पर नहाने गए थे, जहां पानी की गहराई अचानक अधिक होने के कारण बच्चे गहराई में चले गए। • बचाव का असफल प्रयास: बच्चों को डूबता देख पिता विवेक कुमार ने तुरंत नदी में छलांग लगाई, लेकिन जल स्तर और बहाव के कारण वे किसी को भी बचा नहीं सके और स्वयं भी डूब गए। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले में हुई? यह दर्दनाक घटना छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हुई। 2. इस हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई? इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई। 3. मृतकों की पहचान किन नामों से हुई है? मृतकों की पहचान विवेक कुमार सिंह, उनके बेटे अभिजीत सिंह, गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल के रूप में हुई है। 4. यह दुर्घटना किस नदी पर हुई? यह दुर्घटना रन नदी के राम सरस्वतीपुर घाट पर हुई। 5. मुख्यमंत्री ने क्या सहायता देने की घोषणा की है? मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आरबीसी 6-4 के नियमों के तहत आर्थिक सहायता देने के आदेश दिए हैं। https://trendkia.com/chhattisgarh/surajpur-men-dardanaka-hadasa-bachchon-ko-bachane-nadi-men-utare-pita-sameta-eka-hi-parivara-ke-chara-logon-ki-mauta-51394 TrendKia — Har trend, sabse pehle.