# उदंती-सीतानदी और जिमेला के जंगलों में बड़ा छापा, बाघ की 43 हड्डियां व दो जिंदा पैंगोलिन बरामद कर छह तस्कर पकड़े

> छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और ओडिशा की सीमाओं पर चलाए गए संयुक्त वन्यजीव अभियान के तहत छह तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से बाघ के अवशेष और नवजात बच्चे समेत दो पैंगोलिन मिले हैं।

**Type:** article · **Category:** छत्तीसगढ़ · **Published:** 2026-09-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/chhattisgarh/udnti-sitanadi-aura-jimela-ke-jngalon-men-bara-chhapa-bagha-ki-43-haddiyan-va-do-jinda-pangolin-baramada-kara-chhaha-taskara-pakar-39765 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदंती सीतानदी, बाघ की हड्डियां, पैंगोलिन तस्करी, वन्यजीव अपराध, धमतरी, छत्तीसगढ़ पुलिस, डब्ल्यूसीसीबी, डीआरआई

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती वन क्षेत्रों में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क पर सुरक्षा बलों ने कड़ा प्रहार किया है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए एक विशेष संयुक्त अभियान में सुरक्षा एजेंसियों ने छह शातिर तस्करों को रंगे हाथों पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के धमतरी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और महाराष्ट्र व तेलंगाना सीमा से सटे आलापल्ली वन मंडल के जिमेला जंगल क्षेत्र में अंजाम दी गई। तस्करों की घेराबंदी कर जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से दुर्लभ वन्यजीव और उनके अंग बरामद हुए, जिसने वन्यजीव संरक्षण महकमे को सतर्क कर दिया है।

## मादा पैंगोलिन, नवजात शावक और बाघ के अंग जब्त
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से सुरक्षाबलों ने दो जीवित पैंगोलिन सुरक्षित छुड़ाए हैं। इनमें एक वयस्क मादा पैंगोलिन और उसका दुधमुंहा नवजात बच्चा शामिल है। इसके साथ ही तस्करों के पास से बाघ की 43 हड्डियां और 2 नुकीले दांत भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार तस्कर इन अंगों को गैरकानूनी तरीके से बेचने की फिराक में थे। जब्त किए गए बाघ के अंगों और दांतों को वैज्ञानिक पुष्टि के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि शिकार के समय और स्थान का सटीक विश्लेषण किया जा सके।

## ऑपरेशन थंडर-2026 और रूफ पैसेज 3.0 के तहत कार्रवाई
यह संयुक्त अभियान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित ऑपरेशन थंडर-2026 और रूफ पैसेज 3.0 की रणनीति के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इस विशेष मुहिम का प्राथमिक लक्ष्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र के सघन वनों में फैले अवैध शिकारियों और सौदागरों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ना है। सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि जिमेला के जंगलों में तस्कर वन्यजीवों के अंगों का एक बड़ा सौदा तय करने के लिए जुटने वाले हैं। सूचना की पुष्टि होते ही पूरे इलाके की सघन घेराबंदी की गई और तस्करों को बिना किसी प्रतिरोध के धर दबोचा गया।

## चार प्रमुख जांच एजेंसियों का साझा समन्वय
इस बड़े नेटवर्क को बेनकाब करने में चार सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से काम किया। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो यानी डब्ल्यूसीसीबी ने तकनीकी निगरानी और अपराधियों के पुराने तौर-तरीकों की रूपरेखा उपलब्ध कराई। वहीं डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी डीआरआई ने गिरोह के अंतरराज्यीय संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की गहराई से पड़ताल की। इसके साथ ही उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग विंग और आलापल्ली वन प्रभाग की विशेष टीम ने जमीनी स्तर पर सटीक घेराबंदी कर इस पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे भेज दिया।

## काले बाजार में वन्यजीवों के अंगों की भारी मांग
जांच में सामने आया है कि एशियाई और अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजारों में बाघ के अंगों और पैंगोलिन के शल्क की अत्यधिक मांग बनी रहती है। तस्कर अंधाधुंध मुनाफा कमाने के चक्कर में इन जीवों का शिकार करते हैं। पैंगोलिन और बाघ के अवशेषों का इस्तेमाल पारंपरिक दवाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों और महंगे सजावटी सामान तैयार करने में किया जाता है। पकड़े गए तस्करों से अब कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जिससे गिरोह के मुख्य खरीदारों और शिकार के अन्य गुप्त ठिकानों का पता लगाया जा सके।

## इसका आप पर असर
इस कार्रवाई से मध्य भारत के जंगलों में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क पर कड़ा अंकुश लगा है और संरक्षित जीवों की सुरक्षा मजबूत हुई है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** दुर्लभ वन्यजीवों की तस्करी पर केंद्रीय एजेंसियों की पैनी नजर से अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार की कड़ियों को तोड़ा जा सकेगा। सीमावर्ती जंगलों में गश्त बढ़ने से शिकारियों की गतिविधियों पर समय रहते लगाम लगाई जा सकेगी।
- **छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में:** संवेदनशील वन इलाकों में स्थानीय ग्रामीणों और वन रक्षकों के बीच खुफिया तंत्र और अधिक सशक्त होगा। जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को अवैध शिकार की सूचना तुरंत प्रशासन को देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
- **जीव संरक्षण के क्षेत्र में:** बरामद की गई मादा पैंगोलिन और उसके नवजात बच्चे को सुरक्षित आवास मिलने से उनकी जान बच सकी है। जब्त बाघ के अवशेषों की फॉरेंसिक जांच से शिकारियों के पुराने अपराधों का सुराग मिलेगा।
- **कानूनी कार्रवाई के स्तर पर:** गिरफ्तार छह आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कठोर धाराओं के तहत मुकदमा चलेगा। इससे वन्यजीव अपराध में लिप्त अन्य तस्करों में कानून का डर पैदा होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह संयुक्त कार्रवाई तब संभव हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को सटीक खुफिया जानकारी मिली कि तस्कर जिमेला के जंगलों में वन्यजीव अंगों का बड़ा सौदा करने वाले हैं।

- **अंतरराष्ट्रीय अभियानों की सक्रियता:** ऑपरेशन थंडर-2026 और रूफ पैसेज 3.0 के तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियां पहले से ही ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के त्रिकोणीय वन क्षेत्र में तस्करों पर नजर रख रही थीं। इन विशेष अभियानों ने एजेंसियों के बीच तत्काल सूचना साझा करने का मंच तैयार किया।
- **काले बाजार में उच्च मांग और मुनाफा:** एशियाई बाजारों में पारंपरिक औषधि निर्माण, तांत्रिक क्रियाओं और आभूषणों के लिए बाघ के दांतों, हड्डियों और पैंगोलिन शल्क की भारी अवैध मांग बनी रहती है। इसी आर्थिक लालच के कारण स्थानीय स्तर पर शिकारियों का यह गिरोह सक्रिय हुआ था।
- **एजेंसियों का साझा खुफिया समन्वय:** डब्ल्यूसीसीबी के तकनीकी विश्लेषण और डीआरआई द्वारा वित्तीय कड़ियों की पहचान के बाद स्थानीय वन विभाग ने बिना किसी देरी के घेराबंदी की, जिससे तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला।

## सवाल-जवाब

### 1. तस्करों के पास से क्या-क्या बरामद किया गया है?
तलाशी के दौरान दो जिंदा पैंगोलिन (एक मादा और उसका नवजात बच्चा), बाघ की 43 हड्डियां और दो नुकीले दांत बरामद किए गए हैं।

### 2. यह छापेमारी किन-किन इलाकों में की गई?
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा के पास आलापल्ली के जिमेला जंगल क्षेत्र में की गई।

### 3. कार्रवाई में कौन सी जांच एजेंसियां शामिल थीं?
इस ऑपरेशन में डब्ल्यूसीसीबी, डीआरआई, उदंती-सीतानदी एंटी-पोचिंग यूनिट और आलापल्ली वन विभाग की टीमें शामिल थीं।

### 4. यह कार्रवाई किस विशेष अभियान का हिस्सा है?
यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे ऑपरेशन थंडर-2026 और रूफ पैसेज 3.0 के तहत अंजाम दी गई है।

### 5. जब्त की गई बाघ की हड्डियों का अब क्या किया जाएगा?
जब्त हड्डियों और दांतों को वैज्ञानिक और कानूनी पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा गया है।

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