विष्णु देव साय ने खरीदे मिट्टी के दीये, छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान की अनूठी शुरुआत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में सड़क किनारे दीये बेचने वाली महिला से खरीदारी कर 'सेवा संकल्प अभियान' का आगाज किया है। इस पहल के तहत 17 सितंबर को पूरे प्रदेश में घर-घर 'आशीर्वाद का दीया' जलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में आगामी 17 सितंबर से आरंभ होने जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील और अनूठा वाकया सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं पहल करते हुए एक स्थानीय महिला से मिट्टी के दीये खरीदे और इस व्यापक अभियान का विधिवत सूत्रपात किया। उनकी इस सादगी भरी कार्यशैली ने पूरे राज्य में जनसेवा और श्रम के सम्मान का एक सशक्त संदेश प्रसारित किया है। रायपुर में सड़क किनारे बैठी महिला से की मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी व्यस्तचर्या के बीच राजधानी रायपुर के जाने-माने तेलीबांधा मरीन ड्राइव पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क के किनारे बैठकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा नाम की एक परिश्रमी महिला को देखा। बिना किसी प्रोटोकॉल के वह सीधे उस महिला के पास गए, उसका कुशलक्षेम जाना और बड़े ही स्नेहभाव से बातचीत की। मुख्यमंत्री के इस मिलनसार और सरल स्वभाव ने वहां मौजूद आम नागरिकों का मन मोह लिया और उनकी यह सहजता सोशल मीडिया पर भी खासी सराहना पा रही है। हजार रुपए देकर बढ़ाया हौसला मुख्यमंत्री ने मीरा के कौशल और उसके कठिन परिश्रम का मोल पहचानते हुए उससे दीये खरीदे। दीयों की तय कीमत चुकाने के बाद उन्होंने प्रोत्साहन राशि के रूप में मीरा को अपने पास से 1000 रुपए भी भेंट किए। स्थानीय दस्तकारों और पारंपरिक कारीगरों के प्रति दिखाई गई इस आत्मीयता का दृश्य इंटरनेट पर भी लोगों का दिल जीत रहा है, जहां हर कोई मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना कर रहा है। 'आशीर्वाद का दीया' बनेगा अभियान की पहचान मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया यही विशेष दीया अब 'आशीर्वाद का दीया' के रूप में इस पूरे सामाजिक अभियान का मुख्य प्रतीक बन गया है। आगामी 17 सितंबर से शुरू होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत इसी दीये के माध्यम से एक विशेष संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में हर घर के भीतर यह 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्वलित किया जाएगा, जो स्थानीय हस्तशिल्पकारों की मेहनत, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सेवा की भावना का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़ा है विशेष कार्यक्रम यह पूरा आयोजन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिससे इस अभियान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। इस प्रकार की अनूठी पहल से न केवल देश में वोकल फॉर लोकल के नारे को वास्तविक बल मिलता है, बल्कि यह सीख भी मिलती है कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के श्रम का सम्मान करना ही वास्तव में सच्चा सेवा संकल्प है। इसका आप पर असर यह अभियान छत्तीसगढ़ के स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों के लिए आर्थिक प्रोत्साहन और बाजार में उनकी पहुंच बढ़ाने का जरिया बनेगा। • भारत में: देश भर में वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों से जुड़े कामगारों के उत्पादों की मांग और उनके प्रति सम्मान में बढ़ोतरी होगी। • छत्तीसगढ़ में: राज्य के छोटे दस्तकारों, माटी कला से जुड़े कारीगरों और सड़क किनारे सामान बेचने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को सीधे तौर पर प्रोत्साहन और सामाजिक पहचान मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को एक जन-कल्याणकारी और सेवा पर्व के रूप में मनाने की मंशा के तहत की गई है। • सेवा और समर्पण का संदेश: राज्य सरकार समाज के सबसे छोटे और उपेक्षित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़कर उनके श्रम का सम्मान करना चाहती है। • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल: पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को बढ़ावा देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना इस पूरी पहल का मुख्य आधार है। • विशेष अवसर का चयन: 17 सितंबर की तारीख को विशेष और यादगार बनाने के लिए जनहित से जुड़े इन कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। सवाल-जवाब 1. सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत कब से हो रही है? छत्तीसगढ़ में सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होने जा रही है। 2. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीये कहां से खरीदे? मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे दीये बेच रही महिला से खरीदारी की। 3. महिला का नाम क्या था जिससे दीये खरीदे गए? दीये बेचने वाली मेहनतकश महिला का नाम मीरा था। 4. मुख्यमंत्री ने दीये खरीदने के बाद महिला को कितने रुपए दिए? मुख्यमंत्री ने दीयों की कीमत चुकाने के अलावा प्रोत्साहन के तौर पर मीरा को 1000 रुपए भी दिए। 5. खरीदे गए दीये को किस नाम से जाना जाएगा? मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया यह दीया 'आशीर्वाद का दीया' नाम से इस पूरे अभियान की पहचान बनेगा। 6. यह अभियान किस विशेष दिन से जुड़ा हुआ है? यह कार्यक्रम 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाया जा रहा है। https://trendkia.com/chhattisgarh/vishnu-deo-sai-buys-earthen-lamps-to-launch-sewa-sankalp-abhiyan-in-chhattisgarh-32528 TrendKia — Har trend, sabse pehle.