# चीन का झांगे डेनशिया पार्क क्यों कहलाता है इंद्रधनुषी पहाड़ों का अजूबा, जानिए इसके रंग बदलने का अनोखा विज्ञान

> चीन के गांसू प्रांत में स्थित झांगे डेनशिया के पहाड़ अपनी बहुरंगी खनिज परतों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं, जिन्हें 2010 में यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था.

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-11-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/china-ka-zhangye-danxia-park-kyon-kahalata-hai-indradhanushi-paharon-ka-ajuba-janie-isake-rnga-badalane-ka-anokha-vijnana-57889 · **Language:** Hindi
**Tags:** झांगे डेनशिया, इंद्रधनुषी पहाड़, चीन पर्यटन, भूगर्भीय अजूबा, यूनेस्को विश्व धरोहर, पेरू विनिकुंका

चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में स्थित झांगे डेनशिया नेशनल जियोलॉजिकल पार्क दुनिया के सबसे अनोखे और खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में से एक है. इन्हें आम तौर पर रेनबो माउंटेन या इंद्रधनुषी पहाड़ कहा जाता है. इन पहाड़ियों पर लाल, पीले, नारंगी, हरे और बैंगनी रंगों की बेहद खूबसूरत पट्टियां नजर आती हैं. दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे किसी चित्रकार ने विशाल पर्वतों पर कैनवास की तरह रंग बिखेर दिए हों.

## इंद्रधनुषी रंगों और प्राकृतिक छटा का अद्भुत नजारा
झांगे डेनशिया की सबसे बड़ी पहचान यहां की बहुरंगी परतें हैं. यहां चट्टानों पर कहीं गहरे लाल रंग की लकीरें दिखाई देती हैं, तो कहीं हल्के पीले, नारंगी और हरे रंग की धारियां पहाड़ों को एक अनोखी पहचान देती हैं. ऊंचे स्थानों से देखने पर यह पूरी पर्वत श्रृंखला रंगीन कालीन की तरह बिछी हुई महसूस होती है.

दिन के अलग-अलग समय पर इन पहाड़ों का रंग और रूप बदलता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इनका दृश्य सबसे शानदार होता है. जब सुबह या शाम की सुनहरी धूप इन रंगीन चट्टानों पर पड़ती है, तो खनिजों के रंग और भी ज्यादा चमकने लगते हैं. सूरज की रोशनी और चट्टानों का यह संगम पूरे इलाके को एक जादूई वातावरण में बदल देता है.

## करोड़ों सालों की भूगर्भीय प्रक्रिया का परिणाम
इन पहाड़ों के खूबसूरत रंगों के पीछे कोई चमत्कार नहीं, बल्कि करोड़ों वर्षों से चली आ रही जटिल भूगर्भीय प्रक्रिया है. लाखों सालों तक लाल बलुआ पत्थर और अलग-अलग खनिजों की परतें एक के ऊपर एक जमा होती रहीं. इन चट्टानों में मौजूद आयरन ऑक्साइड जैसे तत्वों ने पहाड़ों को लाल, पीले और नारंगी रंग की रंगत प्रदान की.

इसके बाद पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण जमीन की निचली परतें ऊपर की ओर खिसक गईं और ये रंगीन चट्टानें सतह पर दिखाई देने लगीं. प्लेटों के दबाव के बाद हवा, बारिश और प्राकृतिक कटाव ने लाखों सालों तक पहाड़ों को तराशा. इसी प्राकृतिक क्षरण के कारण आज यह अद्भुत भूगर्भीय संरचना हमारे सामने है.

## यूनेस्को धरोहर का दर्जा और पेरू का विनिकुंका पर्वत
इस अद्भुत प्राकृतिक संरचना के महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने साल 2010 में झांगे डेनशिया को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था. पर्यटकों की सुविधा और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां विशेष व्यूइंग प्लेटफॉर्म और पैदल रास्ते बनाए गए हैं, जहां से लोग पहाड़ों के इस मनोरम दृश्य को आसानी से देख सकते हैं.

इंद्रधनुषी पहाड़ों की यह अनूठी विशेषता केवल चीन तक ही सीमित नहीं है. दक्षिण अमेरिका के देश पेरू में स्थित विनिकुंका माउंटेन भी अपनी सात रंगों वाली पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. विनिकुंका में भी खनिजों की परतों के कारण पहाड़ पर कई रंग उभरे हैं, जो यह साबित करते हैं कि कुदरत बिना किसी मानवीय प्रयास के भी सबसे खूबसूरत कलाकृतियों का निर्माण कर सकती है.

## इसका आप पर असर
यह प्राकृतिक चमत्कार दुनिया भर के पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

- **विश्व स्तर पर:** दुनिया भर के पर्यावरण प्रेमियों और पर्यटकों को प्राकृतिक भूगर्भीय धरोहरों के संरक्षण का महत्व समझ आता है.
- **चीन के गांसू प्रांत में:** स्थानीय पर्यटन उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलता है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और गाइड सेवाओं के अवसर विकसित होते हैं.
- **स्थानीय समुदाय के लिए:** यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में पहचान मिलने से क्षेत्र का बुनियादी ढांचा सुधरता है.
- **भूविज्ञान शोधकर्ताओं के लिए:** यह स्थल पृथ्वी के लाखों साल पुराने इतिहास और प्लेट टेक्टोनिक्स की प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक प्रयोगशाला प्रदान करता है.

## ऐसा क्यों हुआ
झांगे डेनशिया के पहाड़ों पर इंद्रधनुषी रंग दिखने के मुख्य भूगर्भीय कारण निम्नलिखित हैं:

- **खनिजों का लगातार जमाव:** करोड़ों सालों तक लाल बलुआ पत्थर और आयरन ऑक्साइड जैसे खनिजों की परतें एक के ऊपर एक जमा होती रहीं, जिससे विविध रंग तैयार हुए.
- **टेक्टोनिक प्लेटों का दबाव:** पृथ्वी के भीतर प्लेटों की हलचल के कारण समतल जमी परतें ऊपर की ओर मुड़कर सतह पर आ गईं.
- **प्राकृतिक कटाव और क्षरण:** हवा और बारिश ने लाखों वर्षों तक ऊपरी चट्टानों को तराशा, जिससे अंदर मौजूद रंगीन परतें बाहर दिखाई देने लगीं.

## सवाल-जवाब

### 1. झांगे डेनशिया नेशनल जियोलॉजिकल पार्क कहाँ स्थित है?
यह चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में स्थित है.

### 2. इन पहाड़ों को इंद्रधनुषी रंग किस वजह से मिले हैं?
करोड़ों वर्षों तक बलुआ पत्थर और आयरन ऑक्साइड जैसे खनिजों के जमाव तथा प्राकृतिक कटाव के कारण यह रंग बने हैं.

### 3. झांगे डेनशिया को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?
इसे साल 2010 में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था.

### 4. पहाड़ों के खूबसूरत रंग देखने के लिए सबसे बेहतरीन समय कौन सा है?
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय जब सुनहरी धूप चट्टानों पर पड़ती है, तब रंग सबसे ज्यादा चमकते हैं.

### 5. क्या पेरू में भी ऐसा ही रंगीन पहाड़ मौजूद है?
हाँ, पेरू में विनिकुंका पर्वत स्थित है जो अपनी सात रंगों वाली प्राकृतिक खनिजों की परतों के लिए जाना जाता है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._