# चीन की सेना में बड़ा फेरबदल, शी जिनपिंग के दो प्रमुख सैन्य अधिकारी बर्खास्त

> कम्युनिस्ट पार्टी ने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के झांग यूशिया और लियू झेनली को पार्टी और सेना दोनों से निष्कासित कर दिया है। उन पर भ्रष्टाचार, अनुशासन उल्लंघन और गुटबाजी के गंभीर आरोप लगे हैं।

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-09-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/china-ki-sena-men-bara-pherabadala-xi-jinping-ke-do-pramukha-sainya-adhikari-barkhasta-35905 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीन, शी जिनपिंग, झांग यूशिया, लियू झेनली, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन, चीनी सेना

चीन के शीर्ष नेतृत्व ने सैन्य तंत्र के दो सबसे प्रभावशाली चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले इन शीर्ष सैन्य अधिकारियों के खिलाफ सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी और सेना दोनों से पूरी तरह बेदखल कर दिया है।

## शीर्ष सैन्य कमान पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस फैसले के तहत सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया और पूर्व संयुक्त स्टाफ विभाग प्रमुख लियू झेनली पर कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों पर गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार के अलावा पार्टी के प्रति बेवफाई, गुटबाजी और अनुशासन के गंभीर नियमों के उल्लंघन का दोष तय किया गया है। झांग यूशिया लंबे समय से शी जिनपिंग के करीबी रणनीतिकार और सैन्य सहयोगी के तौर पर जाने जाते थे और वह चीन के सर्वोच्च कमान तंत्र में दूसरे सबसे अहम स्थान पर काबिज थे।

## महीनों चली जांच के बाद अंतिम फैसला
लियू झेनली भी सीएमसी के प्रमुख सदस्य के रूप में संयुक्त स्टाफ विभाग का नेतृत्व कर चुके थे, जिससे देश के सैन्य संचालन में उनका सीधा नियंत्रण रहता था। दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच की औपचारिक शुरुआत जनवरी में घोषित की गई थी। इसके बाद अगस्त के अंत में उन्हें सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पदों से अलग किया गया, और अब सोमवार को उनकी कम्युनिस्ट पार्टी तथा सेना की प्राथमिक सदस्यता भी पूरी तरह समाप्त कर दी गई।

## सैनिक नेतृत्व में निरंतर फेरबदल की रणनीति
चीन में पिछले चार वर्षों के दौरान सौ से अधिक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और जनरलों को उनके पदों से हटाया गया है या अनुशासनात्मक दायरे में लाया गया है। सेना के भीतर अनुशासन सुनिश्चित करने और शीर्ष नेतृत्व के प्रति पूर्ण निष्ठा बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें निचले स्तर के अधिकारियों के साथ शीर्ष कमान के जनरलों पर भी बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जा रही है।

## इसका आप पर असर
चीन के सैन्य नेतृत्व में हुए इस बड़े फेरबदल से रक्षा रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

- **भारत में:** सीमा पर सुरक्षा और सैन्य कूटनीति के स्तर पर भारतीय रणनीतिकार चीन की नई कमान संरचना पर करीबी नजर रखेंगे। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रही वार्ताओं और रणनीतिक फैसलों में इस बदलाव का असर देखा जा सकता है।
- **वैश्विक रक्षा विश्लेषकों के लिए:** चीन की शीर्ष कमान में बदलाव से उसकी रक्षा नीति और त्वरित सैन्य फैसलों की दिशा प्रभावित हो सकती है। ताइवान जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक स्थिरता पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।
- **कूटनीतिक तंत्र के लिए:** बीजिंग के साथ सैन्य स्तर की वार्ताओं में नए अधिकारियों के आने से बातचीत का प्रारूप बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय साझेदार नए कमांडरों की कार्यशैली के आधार पर अपनी रणनीतियां तय करेंगे।
- **निवेशकों के लिए:** क्षेत्रीय स्थिरता में किसी भी बड़े बदलाव का सीधा असर एशियाई बाजारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है। नीतिगत स्पष्टता आने तक रक्षा और विनिर्माण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सतर्कता बनी रह सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने सेना में अपने पूर्ण नियंत्रण को बनाए रखने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े नियम लागू करने के लिए यह फैसला लिया है।

- **गंभीर आरोप:** अधिकारियों पर वित्तीय भ्रष्टाचार, अनुशासन के उल्लंघन और पार्टी के भीतर समानांतर गुटबाजी करने के पुख्ता आरोप पाए गए। जांच एजेंसियों ने इन कृत्यों को शीर्ष सुरक्षा अनुशासन के विपरीत माना।
- **आंतरिक राजनीतिक वफादारी:** सत्ताधारी दल सेना के सर्वोच्च तंत्र में बिना शर्त निष्ठा की मांग करता है। जरा सी भी लापरवाही या राजनीतिक भटकाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम माना जाता है।
- **लंबे समय से जारी सफाई अभियान:** चीनी सेना में पिछले चार वर्षों में 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया गया है। यह कार्रवाई सेना को पूरी तरह पुनर्गठित करने की उसी व्यापक रणनीति की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

## सवाल-जवाब

### 1. किन दो प्रमुख सैन्य अधिकारियों को हटाया गया है?
सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पूर्व उपाध्यक्ष झांग यूशिया और पूर्व संयुक्त स्टाफ विभाग प्रमुख लियू झेनली को पार्टी व सेना से हटाया गया है।

### 2. दोनों अधिकारियों पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगे हैं?
उन पर वित्तीय भ्रष्टाचार, अनुशासन उल्लंघन, पार्टी के प्रति बेवफाई और गुटबाजी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

### 3. इन अधिकारियों के खिलाफ जांच कब शुरू हुई थी?
इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच की औपचारिक घोषणा जनवरी में की गई थी।

### 4. सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से उन्हें कब हटाया गया था?
उन्हें अगस्त के आखिर में सेंट्रल मिलिट्री कमीशन से हटा दिया गया था और अब पार्टी व सेना से भी निष्कासित कर दिया गया है।

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