# चीन की सिकुड़ती आबादी के संकट में ग्वांगडोंग बना अपवाद, हर आठ में से एक नवजात ने यहीं लिया जन्म

> साल 2025 में चीन के भीतर नवजात शिशुओं की कुल संख्या घटकर 79.2 लाख रह गई, मगर अकेले ग्वांगडोंग प्रांत में 10.03 लाख बच्चों का जन्म दर्ज किया गया।

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/china-ki-sikurati-abadi-ke-snkata-men-guangdong-bana-apavada-hara-atha-men-se-eka-navajata-ne-yahin-liya-janma-53361 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीन जनसंख्या संकट, ग्वांगडोंग प्रांत, जन्म दर गिरावट, चीन सांख्यिकी, ग्वांगडोंग जन्म दर, जनसांख्यिकी असंतुलन, चीन विवाह आंकड़े

दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले मुल्क चीन में जनसांख्यिकीय संकट गहराता जा रहा है, जहां नई पीढ़ी के जन्म में भारी गिरावट दर्ज की गई है। घटते जन्म और तेजी से सिकुड़ती जनसंख्या वहां के नीति निर्धारकों के लिए एक गंभीर आर्थिक व सामाजिक चुनौती बन चुकी है। साल 2025 के दौरान पूरे मुल्क में केवल 79.2 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जबकि इसके ठीक एक साल पहले यानी 2024 में यह आंकड़ा 95.4 लाख दर्ज हुआ था। महज बारह महीनों के भीतर नए जन्म लेने वाले बच्चों की तादाद में करीब 16.2 लाख की भारी कमी दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते राष्ट्रीय जन्म दर 2024 के 6.77 प्रति हजार से लुढ़ककर 2025 में 5.63 प्रति हजार पर सिमट गई। हालांकि, राष्ट्रव्यापी मंदी के इस निराशाजनक दौर के बीच ग्वांगडोंग प्रांत पूरी तरह अलग तस्वीर पेश कर रहा है, जहां लगातार आठवें वर्ष देश में सर्वाधिक शिशुओं का जन्म दर्ज किया गया।

## राष्ट्रीय स्तर पर जनसंख्या में रिकॉर्ड गिरावट और गहराता असंतुलन
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 के समापन पर देश की कुल आबादी सिमटकर करीब 140.49 करोड़ रह गई। एक वर्ष पूर्व की स्थिति की तुलना में यह कुल संख्या में 33.9 लाख की शुद्ध कमी दर्शाती है। बीते वर्ष के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 1.131 करोड़ नागरिकों की मृत्यु दर्ज हुई, जबकि नए जन्म लेने वाले बच्चों की गिनती मात्र 79.2 लाख रही। इसका सीधा अर्थ यह निकला कि देश में नवजातों के आगमन की तुलना में दुनिया छोड़ने वालों की संख्या काफी अधिक रही। जन्म और मृत्यु के इस विशाल फासले के कारण मुल्क की प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि दर लुढ़ककर शून्य से नीचे माइनस 2.41 प्रति हजार पर पहुंच गई।

यह नकारात्मक वृद्धि दर भविष्य के लिए एक अत्यंत विकट स्थिति की ओर इशारा करती है। एक तरफ जहां नवजात शिशुओं की आमद घटती जा रही है, वहीं दूसरी ओर बुजुर्गों का अनुपात आबादी में लगातार बढ़ता जा रहा है। इस असंतुलन का सीधा प्रभाव उत्पादक कार्यबल और राष्ट्र की आर्थिक जरूरतों पर पड़ने वाला है। हालांकि 2024 में बच्चों के जन्म का आंकड़ा सुधरकर 95.4 लाख तक पहुंचा था, जिससे यह उम्मीद बंधी थी कि आबादी में आ रही यह ऐतिहासिक गिरावट थम सकती है, लेकिन 2025 के नए लेखा-जोखा ने साबित कर दिया कि वह उछाल पूरी तरह अस्थायी था।

## ग्वांगडोंग ने कायम रखा दबदबा, अन्य प्रांतों की स्थिति
चीन के कुल 31 प्रांतीय स्तर के प्रशासनिक क्षेत्रों में से केवल नौ इलाके ऐसे दर्ज किए गए जहां 2025 के दौरान प्रति हजार आबादी पर जन्म दर सात से अधिक बनी रही। इन इलाकों में तिब्बत (शिजांग), गुइझोउ, शिनजियांग, निंगशिया, छिंगहाई, ग्वांगडोंग, हैनान, युन्नान और गुआंग्शी शामिल रहे। इन सभी क्षेत्रों के बीच ग्वांगडोंग प्रांत का प्रदर्शन सबसे अधिक विशिष्ट और मजबूत रहा।

आधिकारिक विवरण के अनुसार, साल 2025 में अकेले ग्वांगडोंग में 10.03 लाख बच्चों ने जन्म लिया। यह संख्या उस वर्ष पूरे चीन में पैदा हुए कुल बच्चों का लगभग 12.7 प्रतिशत बैठती है। साधारण शब्दों में समझें तो पूरे मुल्क में जन्म लेने वाले हर आठ बच्चों में से लगभग एक बच्चा इसी अकेले प्रांत में पैदा हुआ। ग्वांगडोंग की स्थानीय जन्म दर 7.82 प्रति हजार रही, जबकि यहां की प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि दर भी धनात्मक रहते हुए 2.26 प्रति हजार दर्ज हुई, जिसका अर्थ है कि यहां जन्म की संख्या मौतों से अधिक रही। यह प्रांत लगातार आठवें वर्ष चीन में सबसे ज्यादा जन्म दर्ज करने वाला क्षेत्र बना रहा, साथ ही यह देश का अकेला ऐसा राज्य है जहां लगातार छह वर्षों से हर साल 10 लाख से अधिक नए जन्म दर्ज किए गए हैं।

## ग्वांगडोंग की मजबूती के पीछे छिपे प्रमुख कारक
ग्वांगडोंग सरकार से संबद्ध जनसंख्या विशेषज्ञ डोंग युझेंग ने अप्रैल महीने में नानफांग डेली के साथ चर्चा में इस उल्लेखनीय जनसांख्यिकीय मजबूती के कई बुनियादी कारण गिनाए थे। उनके विश्लेषण के मुताबिक, प्रांत में मौजूद अपेक्षाकृत युवा आबादी, मजबूत पारिवारिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने वाली सांस्कृतिक परंपराएं और स्थानीय सरकारी नीतियों का सक्रिय सहयोग इस सफलता की मुख्य धुरी रहे हैं।

इसके साथ ही, ग्वांगडोंग में बच्चों की देखभाल से जुड़ी सुविधाओं, पारिवारिक आवास, रोजगार के अवसरों और स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे को लगातार विस्तृत किया जा रहा है। इन कल्याणकारी कदमों का बुनियादी मकसद यह है कि नवजात बच्चों के लालन-पालन का आर्थिक बोझ माता-पिता पर कम से कम पड़े और परिवारों को वंश वृद्धि के लिए एक सुरक्षित माहौल मिल सके। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी स्पष्ट मानना है कि उपलब्ध आंकड़े केवल किसी एक विशिष्ट सरकारी नियम या योजना को इसका श्रेय नहीं देते, बल्कि स्थानीय आबादी की औसत आयु संरचना, पारंपरिक पारिवारिक मूल्य और प्रांतीय सामाजिक-आर्थिक वातावरण सामूहिक रूप से इस उच्च जन्म दर को बनाए रखने में योगदान देते हैं।

## विवाह पंजीकरण में तेजी के बावजूद क्यों नहीं बढ़े बच्चे?
जनसंख्या से जुड़े इन आंकड़ों में एक अत्यंत चौंकाने वाला पहलू वैवाहिक आंकड़ों से सामने आया, जहां 2025 के दौरान शादियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। नागरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा 30 सितंबर को जारी आधिकारिक रिपोर्ट दर्शाती है कि उस साल पूरे देश में 67.65 लाख विवाह पंजीकृत किए गए। यह आंकड़ा साल 2024 की तुलना में 10.8 प्रतिशत की सीधी वृद्धि दर्शाता है।

विवाह दर भी प्रति हजार आबादी पर 4.3 से बढ़कर 4.8 दर्ज की गई। परंतु शादियों के इस स्पष्ट उछाल के बावजूद नवजातों के कुल जन्म में भारी गिरावट दर्ज हुई। यह विरोधाभास सीधे तौर पर साबित करता है कि विवाह के आंकड़ों में वृद्धि और जन्म दर के बीच कोई त्वरित अथवा सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता।

## इसका आप पर असर
चीन में लगातार गिरती जन्म दर और सिकुड़ती आबादी का सीधा प्रभाव वैश्विक उत्पादन, श्रम लागत और व्यापारिक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ेगा।

- **वैश्विक व्यापार:** चीन के कार्यबल में कमी आने से विनिर्माण लागत बढ़ सकती है। इसका असर वहां से आयात होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता सामानों की कीमतों पर दुनिया भर में दिखेगा।
- **आर्थिक संतुलन:** कामकाजी आबादी घटने और वृद्ध नागरिकों की संख्या बढ़ने से पेंशन व स्वास्थ्य बजट पर दबाव बढ़ेगा। इससे भविष्य में चीनी बाजार की घरेलू खपत और वैश्विक निवेश की गति प्रभावित हो सकती है।
- **क्षेत्रीय असमानता:** ग्वांगडोंग जैसे आर्थिक रूप से सक्रिय प्रांतों में कार्यबल मजबूत बना रहेगा। अन्य विनिर्माण क्षेत्रों को कर्मचारियों की कमी की भरपाई के लिए स्वचालन का सहारा लेना पड़ सकता है।
- **वैवाहिक रुझान:** शादियों में बढ़ोतरी के बावजूद बच्चों के जन्म में कमी यह साबित करती है कि जीवन-यापन का खर्च अधिक है। युवा दंपती विवाह के बाद भी माता-पिता बनने का फैसला टाल रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
चीन में जन्म दर में आई भारी गिरावट वर्षों की सख्त जनसंख्या नीतियों, शहरी जीवन की अत्यधिक लागत और कामकाजी प्राथमिकताओं में बदलाव का सम्मिलित परिणाम है।

- **लागत और जीवनशैली:** शहरों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षित आवास और स्वास्थ्य पर भारी खर्च होता है। इसी कारण युवा दंपती अधिक बच्चों की जिम्मेदारी उठाने से परहेज कर रहे हैं।
- **ऐतिहासिक नीतियां:** दशकों तक लागू रही एकल संतान नीति के चलते महिलाओं और युवाओं का अनुपात पहले ही घट चुका है। अब प्रतिबंध हटने के बाद भी प्रजनन दर में स्वाभाविक उछाल नहीं आ रहा है।
- **अस्थायी सुधार का टूटना:** साल 2024 में विवाह और जन्मों में थोड़ी तेजी आई थी, लेकिन वह दीर्घकालिक सुधार में नहीं बदल सकी। सामाजिक व आर्थिक चिंताओं ने 2025 में फिर से गिरावट को गति दे दी।

## सवाल-जवाब

### 1. साल 2025 में चीन में कितने बच्चों का जन्म हुआ?
साल 2025 में चीन भर में कुल 79.2 लाख बच्चों का जन्म दर्ज किया गया।

### 2. 2024 की तुलना में 2025 में जन्म संख्या में कितनी गिरावट आई?
2024 में जन्मे 95.4 लाख बच्चों की तुलना में 2025 में करीब 16.2 लाख कम बच्चे पैदा हुए।

### 3. अकेले ग्वांगडोंग प्रांत में कितने शिशुओं ने जन्म लिया?
ग्वांगडोंग में 10.03 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जो देश के कुल जन्म का लगभग 12.7 प्रतिशत यानी हर आठ में से एक है।

### 4. चीन की प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि दर 2025 में क्या रही?
2025 में प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि दर घटकर शून्य से नीचे माइनस 2.41 प्रति हजार पर पहुंच गई।

### 5. क्या 2025 में चीन के भीतर शादियों की संख्या में वृद्धि हुई थी?
हाँ, देश में 67.65 लाख शादियां दर्ज की गईं, जो पिछले साल के मुकाबले 10.8 प्रतिशत अधिक थीं।

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