चीन में कुदरत का कहर: भूस्खलन में गांव मलबे में दबा, 33 जिंदा दफन, तूफान और बाढ़ से हुबेई-गुआंग्शी में भी तबाही चीन में मानसूनी बारिश और तूफानों ने गांसु, हुबेई और गुआंग्शी में भारी तबाही मचाई है। गांसु में भूस्खलन से पूरा गांव मलबे में दब गया, जिसमें 33 लोग जिंदा दफन हुए, जबकि हुबेई में तूफान से 8 और गुआंग्शी में बांध टूटने से 2 लोगों की मौत हो गई। चीन इन दिनों मानसून की भीषण बारिश और खतरनाक तूफानों की मार झेल रहा है। उत्तर-पश्चिमी गांसु प्रांत से लेकर मध्य चीन के हुबेई और दक्षिणी गुआंग्शी प्रांत तक, बारिश और तूफान ने मिलकर ऐसी तबाही मचाई है कि कई इलाके चंद घंटों में मलबे और पानी के नीचे दब गए। गांसु में हुए एक भूस्खलन ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें 33 लोग जिंदा दफन हो गए, वहीं हुबेई में चक्रवाती तूफान और बवंडर से 8 लोगों की जान चली गई। दक्षिण में गुआंग्शी प्रांत तूफान मेसक की वजह से पहले से बाढ़ की मार झेल रहा है, जहां बांध टूटने से हालात और बिगड़ गए हैं। तबाही इतनी बड़ी है कि प्रशासन को सेना और ड्रोन तक बचाव कार्य में उतारने पड़े हैं। एक के बाद एक आई इन आफतों से साफ है कि इस बार का मानसून चीन के लिए कितना कहर बनकर आया है, जिसने एक साथ तीन अलग-अलग प्रांतों को अपनी चपेट में लेकर पूरे आपातकालीन तंत्र को कड़ी परीक्षा में डाल दिया है। गांसु में भूस्खलन ने निगल लिया पूरा गांव सबसे भयावह घटना गांसु प्रांत के लोंगनान शहर में सामने आई। यहां नानहे इलाके और तानचांग काउंटी में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे, पहाड़ों से मिट्टी और मलबे का एक विशाल हिस्सा अचानक रिहायशी बस्ती पर आ गिरा। देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और 33 लोग उसके नीचे जिंदा दफन हो गए। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के वक्त ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, इसलिए भागने या खुद को बचाने का मौका किसी को भी नहीं मिल सका और चंद पलों में ही यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी और समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और आपातकालीन टीमें फौरन मौके पर पहुंचा दी गईं। राहत कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अब तक 17 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया है, हालांकि इनकी सेहत को लेकर अभी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। बाकी बचे 16 लोगों की तलाश में बचाव दल अब भी जुटे हुए हैं, लेकिन कीचड़ और अस्थिर मलबे की वजह से यह तलाशी अभियान बेहद धीमा और खतरनाक साबित हो रहा है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को खाली करा दिया गया है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। हुबेई में तूफान और बवंडर ने मचाई तबाही गांसु की इस त्रासदी के साथ ही मध्य चीन का हुबेई प्रांत भी मानसूनी बारिश के साथ आए तेज तूफान, बिजली की कड़क और खतरनाक बवंडर की चपेट में आ गया। हुबेई के हुआंगशी और हुआंगगांग जैसे बड़े शहरों में चक्रवाती तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है। सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार हुआंगगांग के हुआंगझू जिले में तूफान इतना तेज था कि इसकी चपेट में आकर करीब 275 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बवंडर घनी आबादी वाली बस्तियों के बीच से गुजरा, यही वजह है कि इस जिले में घायलों की तादाद इतनी तेजी से बढ़ी। तेज हवाओं ने घरों की छतें उखाड़ दीं, बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और बिजली के खंभे ताश के पत्तों की तरह गिर गए, जिसके चलते बिजली विभाग की टीमों को टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त करने की अतिरिक्त चुनौती झेलनी पड़ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 408 निवासियों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित कैंपों में शिफ्ट कर दिया है। हर तरफ मलबा बिखरा पड़ा है और राहत टीमें घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी हैं। गुआंग्शी में मेसक तूफान ने तोड़े बांध, डूब गए घर चीन के दक्षिणी हिस्से में हालात इसलिए और गंभीर हैं क्योंकि यह इलाका पहले से ही ट्रॉपिकल तूफान मेसक की वजह से आई विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है। गुआंग्शी प्रांत में इस तूफान के चलते हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी जिसका किसी को अंदाजा तक नहीं था। चूंकि मेसक तूफान की पहले वाली बारिश से गुआंग्शी की जमीन और जलाशय पहले से ही लबालब भरे हुए थे, इसलिए ताजा बारिश को सोखने की गुंजाइश बहुत कम बची थी, और यही वजह रही कि पानी का दबाव बर्दाश्त से बाहर हो गया और कई जलाशयों के पक्के कंक्रीट बांध चरमराकर टूट गए। सरकारी टीवी पर दिखाए गए दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे टूटे बांधों से मटमैले पानी का सैलाब बस्तियों की ओर बढ़ रहा है। फेंगचेंगांग शहर में नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिसकी वजह से सैकड़ों घर और गाड़ियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, और प्रशासन आगे और बांध टूटने की आशंका को देखते हुए सतर्क है, भले ही कुछ इलाकों में पानी उतरने के साथ सफाई का काम शुरू हो चुका है। गुआंग्शी प्रांत में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 48,000 से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है। कुल मिलाकर इस तूफान से 55,000 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव अभियान में जुटी सेना और हाई-टेक ड्रोन गांसु से हुबेई और गुआंग्शी तक फैली इस तिहरी आफत ने चीनी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सरकार को बचाव अभियान में सेना के जवानों के साथ-साथ हाई-टेक ड्रोन भी उतारने पड़े हैं, ताकि दुर्गम और मलबे से भरे इलाकों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। तीनों प्रांतों में बचाव दल दिन-रात एक करके मलबे में दबे और बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। एक तरफ गांसु में मिट्टी के ढेर से लोगों को निकालने का काम जारी है, तो दूसरी तरफ हुबेई में घायलों तक मदद पहुंचाई जा रही है और गुआंग्शी में हजारों बेघर हुए लोगों को अस्थायी कैंपों में ठहराया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है, यही वजह है कि तीनों प्रांतों में खतरनाक बांधों और पहाड़ी इलाकों के आसपास निकासी के आदेश और गश्त अभी भी जारी है, जबकि बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। सवाल-जवाब 1. गांसु प्रांत में भूस्खलन कब और कहां हुआ? यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे गांसु प्रांत के लोंगनान शहर की नानहे इलाके और तानचांग काउंटी में हुआ। 2. भूस्खलन में कितने लोग जिंदा दफन हुए और अब तक कितने बचाए गए? कुल 33 लोग मलबे में दबे, जिनमें से 17 को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है जबकि बाकी 16 की तलाश जारी है। 3. हुबेई प्रांत में तूफान से कितनी मौतें हुईं? हुबेई में चक्रवाती तूफान और बवंडर से कम से कम 8 लोगों की मौत हुई, एक व्यक्ति लापता है और हुआंगझू जिले में करीब 275 लोग घायल हुए हैं। 4. गुआंग्शी प्रांत में बाढ़ की वजह क्या है? गुआंग्शी में ट्रॉपिकल तूफान मेसक की वजह से हुई भारी बारिश के चलते कई जलाशयों के बांध टूट गए, जिससे भीषण बाढ़ आ गई। 5. गुआंग्शी में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए? गुआंग्शी में अब तक 2 लोगों की मौत हुई है, 48,000 से ज्यादा लोगों को घर छोड़ना पड़ा और कुल मिलाकर 55,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 6. बचाव कार्य में कौन-कौन जुटा है? चीनी सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना के जवानों और हाई-टेक ड्रोन को तैनात किया है। https://trendkia.com/china/china-men-kudarata-ka-kahara-bhuskhalana-men-ganva-malabe-men-daba-33-jinda-daphana-tuphana-aura-barha-se-hubei-guangxi-men-bhi-ta-5411 TrendKia — Har trend, sabse pehle.