# चीन ने पहली बार दुनिया को दिखाई अपनी 'अदृश्य' डोंगफेंग-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की मारक क्षमता

> चीनी सेना ने गोबी मरुस्थल में सैन्य अभ्यास के दौरान डोंगफेंग-17 हाइपरसोनिक मिसाइल का लाइव लॉन्च किया, जिसका वीडियो पहली बार आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है।

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-06-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/china-ne-pahali-bara-duniya-ko-dikhai-apani-adrishya-dongfeng-17-hypersonic-missile-ki-maraka-kshamata-2256 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीन, डोंगफेंग 17, हाइपरसोनिक मिसाइल, सैन्य परीक्षण, गोबी मरुस्थल, ताइवान

चीनी रॉकेट फोर्स ने गोबी मरुस्थल की रेतीली जमीन पर सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान अपनी सबसे सुरक्षित और घातक हाइपरसोनिक मिसाइल डोंगफेंग-17 का लाइव परीक्षण किया है। इतिहास में पहली बार बीजिंग ने इस मिसाइल के लाइव वर्टिकल लॉन्च का खौफनाक वीडियो आधिकारिक तौर पर दुनिया के सामने पेश किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय रक्षा हलकों में हलचल मच गई है। TrendKia की समीक्षा के अनुसार, अंतरिक्ष की असीम ऊंचाइयों से पृथ्वी के वायुमंडल में वापस लौटते समय हवा में तैरते हुए रास्ता बदलने की इसकी क्षमता दुश्मन के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम को भी पूरी तरह पस्त कर सकती है। इस लाइव प्रदर्शन ने प्रशांत महासागर में अमेरिकी युद्धपोतों और ताइवान की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी दी है।

## हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल तकनीक से लैस अभेद्य मिसाइल
पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलें एक तय परवलयाकार रास्ते पर आगे बढ़ती हैं, जिसके कारण पैट्रियट या THAAD जैसे आधुनिक अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम उन्हें आसानी से ट्रैक कर हवा में ही नष्ट कर देते हैं। लेकिन डोंगफेंग-17 के साथ ऐसा नहीं है। इस मिसाइल के शीर्ष पर DF-ZF नाम का हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) फिट किया गया है। यह तकनीक अंतरिक्ष से नीचे आते समय मिसाइल को हवा में अपनी दिशा तेजी से बदलने की क्षमता देती है। इसके आड़े-तिरछे मार्ग के कारण दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसके सटीक निशाने का अंदाजा नहीं लगा पाता, जिससे इसे रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

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## डोंगफेंग-17 की मारक क्षमता, रफ्तार और अनुमानित लागत
इस खतरनाक मिसाइल प्रणाली की तकनीकी और वित्तीय विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:

- **मारक क्षमता:** इसकी मारक सीमा 1,800 किलोमीटर से लेकर 2,500 किलोमीटर तक मापी गई है। इसका सीधा मतलब है कि यह चीनी तट से उड़ान भरकर ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फर्स्ट आइलैंड चेन में स्थित अमेरिकी अड्डों को अपनी जद में ले सकती है।
- **रफ्तार:** लॉन्च के बाद यह मिसाइल आवाज की गति से 5 से 10 गुना तेज यानी मैक 5 से मैक 10 की विनाशकारी रफ्तार पकड़ लेती है, जिससे दुश्मन को संभलने का कोई मौका नहीं मिलता।
- **पेलोड और वजन:** डोंगफेंग-17 का कुल वजन करीब 15,000 किलोग्राम है और यह अपने साथ 500 से 1,000 किलोग्राम तक का वारहेड ले जा सकती है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मिसाइल पारंपरिक विस्फोटकों के साथ-साथ परमाणु हथियार ले जाने में भी पूरी तरह सक्षम है।
- **लागत:** चीन ने कभी भी इसकी आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सैन्य विश्लेषकों का अनुमान है कि इसके एक सिंगल मिसाइल यूनिट की कीमत 12 से 15 मिलियन डॉलर (लगभग 100 से 125 करोड़ रुपये) के बीच है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके एक सस्ते और अधिक सटीक वेरिएंट को भी मंजूरी मिली है ताकि इसे बड़े पैमाने पर तैनात किया जा सके।

## अमेरिकी युद्धपोतों के लिए बना सबसे बड़ा खतरा
सैन्य विश्लेषक डोंगफेंग-17 को प्रशांत महासागर में एक गेम चेंजर और कैरियर किलर हथियार के रूप में देखते हैं। अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति प्रशांत महासागर में तैरने वाले उसके विशालकाय एयरक्राफ्ट कैरियर हैं। हालांकि, डोंगफेंग-17 की तेज रफ्तार और अचूक सटीकता चलते हुए अमेरिकी जहाजों को भी समुद्र में डुबोने की क्षमता रखती है। इस वीडियो को जारी कर चीन ने अमेरिका को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उसने ताइवान या दक्षिण चीन सागर के विवाद में दखल दिया, तो उसके अरबों डॉलर के एयर डिफेंस और नौसैनिक बेड़े सुरक्षित नहीं रहेंगे।

## इसका आप पर असर
- **वैश्विक सुरक्षा के लिए:** इस प्रकार की आधुनिक हाइपरसोनिक तकनीकों का प्रदर्शन क्षेत्रीय सैन्य होड़ को बढ़ाता है, जिससे वैश्विक व्यापार मार्गों और राजनयिक स्थिरता पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
- **रक्षा नीति के लिए:** यह घटनाक्रम नौसैनिक युद्ध प्रणालियों में बदलाव को दर्शाता है, जिससे साबित होता है कि पारंपरिक युद्धपोतों और विमान वाहकों को अब हाइपरसोनिक मिसाइलों से अभूतपूर्व खतरा है।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या अमेरिकी पैट्रियट या THAAD डिफेंस सिस्टम डोंगफेंग-17 को रोक सकते हैं?
नहीं, मौजूदा अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पारंपरिक मिसाइलों के निश्चित रास्ते को कैलकुलेट करके उन्हें नष्ट करते हैं। डोंगफेंग-17 का हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल हवा में कभी भी दिशा बदल सकता है, जिससे इसे रोकना लगभग असंभव है।

### 2. क्या चीन ने इस मिसाइल का उपयोग कभी किसी वास्तविक युद्ध में किया है?
नहीं, डोंगफेंग-17 मिसाइल अभी तक किसी भी वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल नहीं हुई है। इसका इतिहास केवल परीक्षणों और सैन्य परेडों तक सीमित था। यह पहली बार है जब इसके लाइव लॉन्च का फुटेज जारी किया गया है।

### 3. फर्स्ट आइलैंड चेन क्या है, जिसके लिए यह मिसाइल खतरा बनी हुई है?
फर्स्ट आइलैंड चेन प्रशांत महासागर में द्वीपों की वह कतार है जो चीनी समुद्री तट को घेरती है, जिसमें ताइवान, ओकिनावा (जापान) और उत्तरी फिलीपींस शामिल हैं। डोंगफेंग-17 की मारक सीमा इस पूरी चेन को अपनी जद में लेती है।

### 4. डोंगफेंग-17 की रफ्तार और मारक क्षमता कितनी है?
इस मिसाइल की मारक सीमा 1,800 से 2,500 किलोमीटर के बीच है और यह हवा में आवाज की गति से 5 से 10 गुना तेज यानी मैक 5 से मैक 10 की रफ्तार से चल सकती है।

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