# जापान, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के पनडुब्बी मिसाइल परीक्षण पर जताई कड़ी नाराजगी

> चीन ने सोमवार को एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से प्रशांत महासागर की ओर मिसाइल दागी, जिसके बाद जापान, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी.

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-07-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/japan-taiwan-aura-australia-ne-china-ke-panadubbi-misaila-parikshana-para-jatai-kari-narajagi-5274 · **Language:** Hindi
**Tags:** चीन मिसाइल परीक्षण, जापान चीन तनाव, ताइवान चीन विवाद, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, परमाणु पनडुब्बी, चीन रक्षा बजट

चीन की सेना ने सोमवार को अपनी एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से मिसाइल दागकर प्रशांत महासागर के इलाके में हलचल मचा दी. जापानी मीडिया की मानें तो इस परीक्षण के बाद इलाके के कई देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया है.

## जापान ने क्या कहा
जापान सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि मिसाइल न तो जापान के हवाई क्षेत्र से गुजरी और न ही उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में गिरी. उन्होंने यह भी साफ किया कि चीन ने इस बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की जानकारी पहले ही जापान को दे दी थी, जिससे तात्कालिक हैरानी जैसी स्थिति नहीं बनी. हालांकि इसके बावजूद किहारा ने चीन को आड़े हाथों लिया. उनका कहना था कि चीन बिना पर्याप्त पारदर्शिता बरते लगातार तेज रफ्तार से अपना रक्षा बजट बढ़ा रहा है और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों समेत अपनी परमाणु मिसाइल क्षमता का तेजी से और बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि इस परीक्षण से जापान के किसी जहाज या विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन जापान इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पूरी सतर्कता बनाए रखेगा.

## जापान ने जताई चिंता, चीन से की अपील
जापान सरकार के मुताबिक चीन ने सुबह करीब 11:30 बजे मिसाइल परीक्षण की सूचना दी थी. इसके तुरंत बाद जापान ने चीन के सामने अपनी बात रखी और कहा कि वह भविष्य में ऐसे मिसाइल परीक्षणों पर फिर से विचार करे, ताकि जापान की सुरक्षा को किसी तरह का खतरा पैदा न हो. जापान ने इसके साथ ही चीन की लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी अपनी गंभीर चिंता जाहिर की.

## ताइवान ने की कड़ी निंदा
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इस मिसाइल परीक्षण की कड़े शब्दों में निंदा की. कार्यालय की प्रवक्ता कैरेन कुओ ने कहा कि चीन ऐसे परीक्षणों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है और उसका यह रवैया दुनिया की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है. कुओ ने चीन से संयम बरतने, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का सम्मान करने और इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना और एकतरफा कदमों को तुरंत रोकने की अपील की.

## ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी नाराज
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी इस परीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है. वहीं न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल के परीक्षण को लेकर गहरी चिंता में है. पीटर्स के मुताबिक यह परीक्षण चीन के उसी लगातार जारी रुख की एक और कड़ी लगता है, जैसा उसने साल 2024 में दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम का परीक्षण करके दिखाया था.

## इसका आप पर असर
यह घटना सीधे तौर पर भारत से जुड़ी नहीं है, लेकिन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और भू-राजनीतिक हलचल पर नजर रखने वालों के लिए इसके मायने बड़े हैं.

- चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य और परमाणु मिसाइल क्षमता जापान, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों की रक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर आगे चलकर क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा गठजोड़ों पर भी दिख सकता है.

## सवाल-जवाब

### 1. चीन ने मिसाइल परीक्षण कब किया?
चीन ने सोमवार को सुबह करीब 11:30 बजे प्रशांत महासागर की ओर अपनी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से मिसाइल दागी.

### 2. क्या मिसाइल जापान के क्षेत्र में गई थी?
नहीं, जापान सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा के मुताबिक मिसाइल न तो जापान के क्षेत्र से गुजरी और न ही उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में गिरी.

### 3. क्या चीन ने परीक्षण की जानकारी पहले दी थी?
हां, चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की जानकारी पहले ही जापान को दे दी थी.

### 4. ताइवान ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता कैरेन कुओ ने चीन से संयम बरतने और इस तरह के एकतरफा कदम तुरंत रोकने की अपील की.

### 5. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया, जबकि न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने गहरी चिंता जताई.

### 6. यह परीक्षण 2024 की किस घटना से जुड़ा है?
विंस्टन पीटर्स के मुताबिक यह परीक्षण चीन के उसी रुख की कड़ी लगता है जैसा उसने 2024 में दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक आईसीबीएम का परीक्षण करके दिखाया था.

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