# पूर्वी चीन में तूफान साउडेल का कहर, झेजियांग और फुजियान में 126 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तबाही

> इस साल के 18वें चक्रवात साउडेल ने चीन के फुजियान और झेजियांग प्रांतों में तीन बार दस्तक देकर भारी तबाही मचाई है। 126 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली हवाओं के बीच 2.47 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

**Type:** article · **Category:** चीन · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/china/purvi-china-men-tuphana-saudel-ka-kahara-zhejiang-aura-fujian-men-126-kimi-prati-ghnte-ki-raphtara-se-tabahi-26953 · **Language:** Hindi
**Tags:** तूफान साउडेल, चीन समाचार, फुजियान, झेजियांग, प्राकृतिक आपदा, मौसम अपडेट

मानसून के इस मौसम में जहां भारत के विभिन्न राज्य मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी आपदाओं से जूझ रहे हैं, वहीं पड़ोसी देश चीन में भी कुदरत का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। इस साल के 18वें शक्तिशाली समुद्री चक्रवात साउडेल ने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में भयंकर तबाही मचाई है। फुजियान और झेजियांग प्रांतों के तटीय क्षेत्रों से टकराते हुए इस तूफान ने तेज रफ्तार हवाओं और भारी वर्षा से सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू किए हैं और लाखों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

## पूर्वी चीन के तटों पर तीन बार टकराया चक्रवात साउडेल
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्टों के अनुसार चक्रवात साउडेल ने पूर्वी चीन के अलग-अलग स्थानों पर कुल तीन बार लैंडफॉल किया है। गुरुवार सुबह लगभग 6 बजकर 30 मिनट पर इस चक्रवात ने तीसरी बार फुजियान प्रांत के झांगझोउ शहर के अंतर्गत आने वाले झांगपु काउंटी के तटीय इलाके में दस्तक दी। इस दौरान तूफान के मुख्य केंद्र के समीप हवा की अधिकतम गति 23 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई, जो लगभग 86 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के बराबर है।

इससे पूर्व 28 अगस्त को इस शक्तिशाली तूफान ने पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के तटीय क्षेत्रों में दो बार लैंडफॉल किया था। पहली बार चक्रवात सुबह लगभग 8 बजकर 5 मिनट पर झेजियांग के तट से टकराया, उस समय इसके केंद्र के आसपास हवाओं की अधिकतम रफ्तार 35 मीटर प्रति सेकंड मापी गई थी। इसके तुरंत बाद सुबह करीब 9 बजकर 10 मिनट पर तूफान ने झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर के तट पर दूसरी बार लैंडफॉल किया। इस दूसरी दस्तक के दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 33 मीटर प्रति सेकंड यानी लगभग 126 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ।

## लेवल-1 अलर्ट और 2.47 लाख लोगों की सुरक्षित निकासी
तूफान की भयंकर विभीषिका की आशंका को देखते हुए झेजियांग प्रांत के अधिकारियों ने 27 अगस्त को ही आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ाकर उच्चतम स्तर यानी लेवल-1 पर लागू कर दिया था। इस सख्त आदेश के तहत तटीय और समुद्री क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति, नागरिक नौका या व्यावसायिक जहाजों की मौजूदगी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। समुद्र में मौजूद सभी नौकाओं को तुरंत बंदरगाहों पर लौटने के निर्देश दिए गए थे।

वहीं फुजियान प्रांत के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त की सुबह 7 बजे तक जोखिम वाले खतरनाक क्षेत्रों से करीब 2,47,700 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया। आपातकालीन स्थिति का मुकाबला करने हेतु 80,000 से अधिक आपातकालीन कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई और साथ ही 80,000 से ज्यादा आपदा प्रबंधन उपकरणों को तैयार रखा गया।

## भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों की तैनाती और तूफान की भावी दिशा
राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने 28 अगस्त की सुबह चक्रवात साउडेल को लेकर व्यापक चेतावनी जारी की थी। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक यह तूफान 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा। हालांकि इसके प्रभाव से होने वाली भारी बारिश और लैंडस्लाइड के खतरों को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया गया।

झेजियांग प्रांत में संभावित आपदाओं का समय रहते पता लगाने के लिए 4,000 से अधिक निगरानी कर्मियों को काम पर लगाया गया। इन टीमों ने भू-वैज्ञानिक रूप से संवेदनशील और खतरे की आशंका वाले 7,200 से अधिक स्थानों पर 19,000 से ज्यादा बार सुरक्षा गश्त की। इसके अलावा जोखिम वाले इलाकों की सटीक पहचान और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को 73 काउंटियों में विशेष रूप से भेजा गया था ताकि तबाही के असर को न्यूनतम किया जा सके।

## इसका आप पर असर
**पूर्वी एशिया यात्रा और तटीय क्षेत्रों के लिए प्रभाव:** चीन के फुजियान और झेजियांग प्रांतों में आए तूफान साउडेल की वजह से क्षेत्रीय परिवहन, उड़ान सेवाओं और समुद्री यातायात पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

- **अंतरराष्ट्रीय हवाई और समुद्री यातायात:** तटीय बंदरगाहों और क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर तेज हवाओं के कारण उड़ानों तथा जहाजों का संचालन प्रभावित हो सकता है। उड़ानों और यात्रा की समय-सारणी पहले से जांचना आवश्यक है।
- **तटीय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन:** मूसलाधार बारिश और 126 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के चलते भूस्खलन तथा जलभराव का खतरा बना हुआ है। स्थानीय बचाव दल तटीय इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं।
- **आपातकालीन तैयारियों की स्थिति:** चक्रवात के कमजोर होने के बावजूद दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी रखी है ताकि प्रभावित 73 काउंटियों में नागरिक और अधिकारी सतर्क रहें।
- **आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स:** झेजियांग और फुजियान के औद्योगिक गलियारों में खराब मौसम के कारण माल ढुलाई तथा बंदरगाह गतिविधियों में अल्पकालिक देरी हो सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. तूफान साउडेल ने चीन के किन प्रांतों में दस्तक दी है?
तूफान साउडेल ने पूर्वी चीन के झेजियांग और फुजियान प्रांतों के तटीय इलाकों से टकराकर भारी प्रभाव डाला है।

### 2. फुजियान में साउडेल तूफान कब और किस रफ्तार से टकराया?
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे साउडेल फुजियान के झांगझोउ शहर के झांगपु काउंटी तट से टकराया, जहाँ हवा की रफ्तार 23 मीटर प्रति सेकंड (लगभग 86 किमी/घंटा) दर्ज की गई।

### 3. झेजियांग प्रांत में तूफान ने कितनी बार और किस गति से लैंडफॉल किया?
28 अगस्त को झेजियांग में तूफान ने दो बार लैंडफॉल किया; पहला सुबह 8:05 बजे (35 मीटर/सेकंड) और दूसरा सुबह 9:10 बजे वेनझोउ शहर के तट पर (33 मीटर/सेकंड यानी 126 किमी/घंटा)।

### 4. सुरक्षा के मद्देनजर कितने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया?
28 अगस्त सुबह 7 बजे तक फुजियान प्रांत के जोखिम वाले इलाकों से लगभग 2,47,700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।

### 5. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कितनी तैयारी की गई थी?
राहत और बचाव कार्यों के लिए 80,000 से अधिक आपातकालीन कार्यकर्ता और 80,000 से ज्यादा उपकरण तैयार रखे गए थे।

### 6. भू-वैज्ञानिक खतरों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए गए?
4,000 से अधिक निगरानी कर्मियों ने 7,200 से अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में 19,000 से ज्यादा बार गश्त की, जबकि 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को 73 काउंटियों में तैनात किया गया।

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