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  "type": "article",
  "title": "साल की दूसरी छमाही में फिर खुलेगा चीन का सरकारी खर्च का पिटारा, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ेगा जोर",
  "summary": "पहली तिमाही में तेज खर्च के बाद चीन ने दूसरी तिमाही में सरकारी खर्च की रफ्तार धीमी कर दी थी, लेकिन अर्थशास्त्रियों कैरल लियाओ और हंटर चैन का अनुमान है कि दूसरी छमाही में बीजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय सरकारों की उधारी के जरिए फिर खर्च बढ़ाएगा।",
  "content": "साल 2026 की शुरुआत में चीन की सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था में जमकर पैसा झोंका, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उसने खर्च की रफ्तार पर चुपचाप ब्रेक लगा दिया। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के अर्थशास्त्री कैरल लियाओ और हंटर चैन का मानना है कि यह सुस्ती अस्थायी है। उनका अनुमान है कि साल की दूसरी छमाही में बीजिंग एक बार फिर सरकारी खर्च का पिटारा खोलेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश तथा स्थानीय सरकारों की नई उधारी के सहारे विकास की गाड़ी को पटरी पर बनाए रखेगा।\n\nअसल में इस साल की पहली छमाही की कहानी दो बिल्कुल अलग तिमाहियों की कहानी है। पहली तिमाही में आर्थिक गतिविधि बाजार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा मजबूत रही, जिसे शुरुआत में ही किए गए भारी सरकारी खर्च और दमदार निर्यात ने सहारा दिया। इसी बढ़त ने नीति-निर्माताओं को खर्च की रफ्तार थोड़ी धीमी करने की गुंजाइश दे दी, और दूसरी तिमाही आते-आते आंकड़े साफ तौर पर नरम पड़ गए।\n\nवसंत की सुस्ती, जो जानबूझकर लगती है\nयह गिरावट तीखी थी। अप्रैल और मई में कुल व्यापक सरकारी खर्च एक साल पहले के मुकाबले 5.7% घट गया, जबकि इसी दौरान व्यापक राजस्व की वृद्धि तेज होकर सालाना आधार पर 2.2% पर पहुंच गई। इन दोनों के मेल से व्यापक राजकोषीय घाटा सिकुड़कर तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। परिवारों को दी जाने वाली सब्सिडी और मदद पूरे साल एक जैसी रफ्तार से बंटती रही, इसलिए कटौती का लगभग पूरा बोझ निवेश वाले हिस्से पर पड़ा। पूंजीगत खर्च नरम पड़ा, और इसी वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर फिक्स्ड एसेट इन्वेस्टमेंट (FAI) तेजी से नीचे आ गया, ठीक वैसा ही रुझान जैसा 2025 की दूसरी छमाही में दिखा था।\n\nलियाओ और चैन का तर्क है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं था। चूंकि पहली तिमाही पहले ही उम्मीदों से आगे निकल चुकी थी, इसलिए ऐसा लगता है कि सरकार ने जानबूझकर अपने खर्च की रफ्तार को साध लिया और अपनी ताकत को शुरू में ही खर्च करने के बजाय पूरे साल में फैला दिया। सामान्य लोक बजट भी यही कहानी कहता है, इस मद के तहत अप्रैल-मई में खर्च साल-दर-साल 2.4% घटा, जबकि इसी अवधि में राजस्व 6.6% बढ़ा। यानी सरकार के पास खर्च की खासी गुंजाइश अब भी बची हुई है।\n\nस्थानीय बॉन्ड पर पड़ा दबाव\nदूसरी तिमाही की सुस्ती का बड़ा हिस्सा सरकारी फंड बजट से आया, जहां स्थानीय सरकार विशेष बॉन्ड (LGSB) की बिक्री काफी धीमी पड़ गई। यह इसलिए मायने रखता है क्योंकि स्थानीय प्रशासन इन्हीं बॉन्ड के सहारे उन परियोजनाओं को पैसा देते हैं जो निर्माण मजदूरों को काम पर लगाए रखती हैं। इसी दौरान जमीन की बिक्री से मिलने वाला राजस्व, जो लंबे समय से स्थानीय वित्त की रीढ़ रहा है, तिमाही भर लगातार कमजोर होता गया और इसने शहरों तथा प्रांतों की खर्च करने की ताकत को और घटा दिया। अगर बॉन्ड की बिक्री तेज रहती तो यह झटका कुछ हद तक संभल सकता था, लेकिन बिक्री थमी रहने से यह दबाव लगभग बिना भरपाई के ही रह गया।\n\nदूसरी छमाही में क्यों फिर खुलेगा खजाना\nअर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि बाकी बचे साल में राजकोषीय समर्थन फिर रफ्तार पकड़ेगा और इसमें सबसे बड़ी भूमिका इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की होगी। तर्क सीधा है, वसंत में हाथ रोक लेने के बाद अब बीजिंग के पास खर्च करने की आरामदायक गुंजाइश है। लियाओ और चैन को उम्मीद है कि सरकार बॉन्ड जारी करने की रफ्तार बढ़ाएगी और किसी नए प्रोत्साहन पैकेज के बारे में सोचने से पहले पहले से मंजूर कोटे का पूरा इस्तेमाल करेगी। दूसरे शब्दों में, पहले से मौजूद गोला-बारूद पहले खर्च होगा, नई राहत बाद की बात है।\n\nग्रोथ लड़खड़ाई तो तैयार है बैकअप\nबीजिंग के पास एक आपातकालीन योजना भी तैयार है। अगर निर्यात अचानक लड़खड़ाता है, या तीसरी तिमाही में हाउसिंग बाजार की गिरावट स्थानीय सरकारों की माली हालत को और गहरे तक काटती है, तो नीति-निर्माताओं के पास फौरन इस्तेमाल करने लायक कई विकल्प हैं। एक रास्ता यह होगा कि 2027 के LGSB कोटे को आगे खींच लिया जाए, यानी अगले साल की उधारी इसी साल में ले ली जाए। दूसरा रास्ता पहले से इस्तेमाल न हुए कर्ज कोटे में से स्थानीय सरकारों को अतिरिक्त बॉन्ड जारी करने की मंजूरी देना होगा। इनमें से कोई भी कदम अधिकारियों को पूरा नया प्रोत्साहन पैकेज बनाने और उसे मंजूर कराने का इंतजार किए बिना खर्च बढ़ाने की छूट दे देगा।\n\nबाजार का बड़ा माहौल\nचीन के खर्च को लेकर यह नया आकलन एक बेचैन वैश्विक बाजार के बीच आ रहा है, जो अमेरिकी ब्याज दरों के अनुमान को लगातार नए सिरे से आंक रहा है। जुलाई की शुरुआत में कारोबारी दिसंबर में दरें बढ़ने को ही आधार मान रहे थे, फिर पांच कारोबारी सत्र इसी सोच को भूलने और दोबारा अपनाने में बीत गए। सिर्फ 57,000 की कमजोर पेरोल रिपोर्ट ने दरें बढ़ने के दांव को बाजार से खींच लिया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने ने उन्हें फिर वापस धकेल दिया। फेडरल रिजर्व की जून बैठक के मिनट्स इसी उठापटक के बीच सामने आए और उन्होंने एक ऐसी दुनिया का हाल बयां किया जो असल में खत्म हो चुकी थी।\n\nअमेरिकी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के सामने फेड की अर्धवार्षिक मौद्रिक नीति रिपोर्ट पर गवाही देते हुए चेयरमैन केविन वॉर्श ने दोहराया कि केंद्रीय बैंक मूल्य स्थिरता और 2% महंगाई के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। उनकी टिप्पणियों और कमजोर पड़ते डॉलर का असर सीधे दूसरी संपत्तियों पर दिखा। सोने ने अपनी हालिया कमजोरी झाड़ते हुए प्रति औंस $4,000 के अहम स्तर के पार वापसी की और $4,100 की ओर बढ़ चला। यूरो भी 1.1460 के पार कई दिनों के ऊंचे स्तर छूने के बाद उत्तरी अमेरिकी सत्र की समाप्ति तक फिसलकर 1.1400 के निचले दायरे में लौट आया, क्योंकि नरम अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और फेड की सख्ती के घटते दांव ने डॉलर पर दबाव डाला।\n\nब्रिटिश पाउंड भी कुछ ऐसी ही जंग लड़ रहा है। पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ और पहले के नुकसान की भरपाई करते हुए 1.3375 के इलाके में लौटा, ताकि अपने 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के पास मौजूद रुकावट को फिर परख सके। यह बारीकी से देखी जाने वाली रेखा 1.3400 से कुछ ही पिप्स नीचे है और पिछले दो हफ्तों से पाउंड की रिकवरी पर बार-बार ढक्कन लगाती रही है। ताजा लाइव आंकड़े दिखाते हैं कि GBP/USD करीब 1.34 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 1.33 के बंद भाव से करीब 0.32% ऊपर है, जबकि 14-दिन का RSI लगभग 55 पर है और जोड़ी अपने बॉलिंगर बैंड्स के भीतर टिकी है, यानी बाजार रुकावट को तोड़ने के बजाय उसे टटोल रहा है। अब सबकी नजर अमेरिकी उत्पादक मूल्य आंकड़ों और वॉर्श की गवाही के दूसरे दिन पर टिकी है, जो अगली दिशा तय करेंगे।\n\nइसका आप पर असर\n• निवेशकों के लिए: दूसरी छमाही में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाने से धातु और कच्चे तेल जैसी औद्योगिक कमोडिटी की मांग और एशिया से जुड़ी संपत्तियों में भरोसा मजबूत हो सकता है।\n• करेंसी और कमोडिटी पर नजर रखने वालों के लिए: चीनी प्रोत्साहन की उम्मीद और कमजोर डॉलर मिलकर सोने को $4,000 के पार और पाउंड तथा यूरो जैसी जोखिम वाली मुद्राओं को सहारा दे रहे हैं।\n• सावधानी: यह अतिरिक्त खर्च अभी सिर्फ अनुमान है, तय नहीं, और यह इस पर निर्भर करेगा कि तीसरी तिमाही में निर्यात और हाउसिंग बाजार कैसा टिकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. चीन का सरकारी खर्च दूसरी तिमाही में क्यों घटा?\nपहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन के बाद सरकार ने जानबूझकर खर्च की रफ्तार साध ली, जिससे अप्रैल-मई में व्यापक खर्च सालाना 5.7% गिर गया।\n\n2. अप्रैल-मई में राजकोषीय आंकड़े क्या रहे?\nव्यापक राजस्व 2.2% बढ़ा जबकि व्यापक खर्च 5.7% घटा, जिससे व्यापक राजकोषीय घाटा तीन साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। सामान्य लोक बजट खर्च 2.4% घटा जबकि राजस्व 6.6% बढ़ा।\n\n3. दूसरी छमाही में क्या बदलाव की उम्मीद है?\nकैरल लियाओ और हंटर चैन को उम्मीद है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और बॉन्ड जारी करने की रफ्तार बढ़ाएगी और नए प्रोत्साहन से पहले मौजूदा कोटे का पूरा इस्तेमाल करेगी।\n\n4. अगर निर्यात या हाउसिंग कमजोर पड़े तो चीन क्या करेगा?\nनीति-निर्माता 2027 के LGSB कोटे को आगे खींच सकते हैं या पहले से इस्तेमाल न हुए कर्ज कोटे से अतिरिक्त स्थानीय सरकार बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दे सकते हैं।\n\n5. स्थानीय सरकार बॉन्ड की धीमी बिक्री क्यों मायने रखती है?\nस्थानीय प्रशासन इन्हीं बॉन्ड से परियोजनाओं को पैसा देते हैं। जमीन बिक्री का राजस्व गिरने के बीच बॉन्ड बिक्री धीमी रहने से खर्च का दबाव बिना भरपाई के रह गया।",
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  "category": "चीन",
  "publishedAt": "2026-07-15",
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