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  "title": "शी जिनपिंग को 'दोस्त' बता रहे ट्रंप, बैठक में उइगरों के मुद्दे पर साधी चुप्पी से भड़के एक्टिविस्ट",
  "summary": "ट्रंप और शी जिनपिंग की हाल की मुलाकात के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग के बयानों में उइगरों पर कथित उत्पीड़न का जिक्र तक नहीं हुआ, जिससे उइगर एक्टिविस्ट नाराज हैं।",
  "content": "अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल में हुई मुलाकात ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा, लेकिन इस बैठक के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों की तरफ से जारी आधिकारिक बयानों में एक बड़ा मुद्दा पूरी तरह गायब रहा, मानवाधिकार। खासकर चीन में उइगर समुदाय के खिलाफ कथित उत्पीड़न का जिक्र तक नहीं किया गया, और यही बात अब सवालों के घेरे में है।\n\nयह चुप्पी ऐसे वक्त पर सामने आई है जब ट्रंप शी जिनपिंग को लेकर अपने तेवर काफी नरम कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने शी को अपना 'दोस्त' और 'अच्छा इंसान' तक बता दिया था।\n\nएक बहन, आठ साल की कैद और टूटती उम्मीद\nउइगर एक्टिविस्ट रुशान अब्बास को उम्मीद थी कि पिछले महीने ट्रंप की बीजिंग यात्रा उनकी बहन गुलशन अब्बास की रिहाई की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गुलशन अब्बास को चीन में करीब आठ साल से कैद रखा गया है।\n\nट्रंप की बीजिंग रवानगी से कुछ दिन पहले अमेरिकी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स ने ऐसे प्रस्ताव पास किए थे, जिनमें राष्ट्रपति से कहा गया था कि वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से हिरासत में लिए गए छह लोगों की रिहाई के लिए दबाव बनाएं। इस सूची में गुलशन अब्बास का नाम भी शामिल था।\n\n14 मई को रुशान अब्बास ने लिखा, \"मैं दुनिया के सबसे ताकतवर लोकतांत्रिक नेता से कह रही हूं कि वे एक तानाशाह की आंखों में आंखें डालकर मेरी बहन को वापस लाने की मांग करें।\"\n\nबातचीत से नहीं निकला कोई नतीजा\nशी जिनपिंग के साथ ट्रंप की इन बैठकों से उइगरों की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर फौरन कोई हल नहीं निकला। न तो वॉशिंगटन और न ही बीजिंग ने यह बताया कि बातचीत में मानवाधिकारों का मुद्दा उठा भी या नहीं।\n\nअब कई उइगरों का भरोसा कमजोर पड़ गया है कि अमेरिका में हो रही कोशिशों से कोई बड़ा बदलाव आएगा। वे चीन के शिनजियांग इलाके में हिरासत में लिए गए या निगरानी में रखे गए अपने परिवार और दोस्तों की मदद के लिए दूसरे रास्ते तलाशने लगे हैं।\n\n'पहले नरसंहार रोको, फिर बात करो'\n33 साल के एक्टिविस्ट सालिह हुदयार ने नाराजगी जताते हुए कहा, \"ट्रंप ने लगातार जारी नरसंहार के बावजूद शी जिनपिंग से मुलाकात की, यही हमारे लिए सबसे बड़ा झटका है। शर्त तो यह होनी चाहिए थी कि पहले आप यह नरसंहार खत्म करें, उसके बाद ही हमारे साथ बैठकर बात करें।\"\n\n2017 से जारी कार्रवाई\nसाल 2017 से अब तक चीनी सरकार ने कथित तौर पर 10 लाख से ज्यादा तुर्किक जातीय समूहों के लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें ज्यादातर उइगर हैं। उइगर एक मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय है, जो चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र शिनजियांग में रहता है।\n\nइसका आप पर असर\n• दुनिया भर के पाठकों के लिए: यह बैठक दिखाती है कि अमेरिका और चीन के रिश्तों में फिलहाल कारोबार और कूटनीति को मानवाधिकार के मुद्दों पर तरजीह मिल रही है।\n• उइगर परिवारों के लिए: चीन में हिरासत में बंद रिश्तेदारों की रिहाई की उम्मीद को फिलहाल कोई ठोस सहारा नहीं मिला है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक के बाद किस मुद्दे पर चुप्पी रही?\nबैठक के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग दोनों के बयानों में मानवाधिकार, खासकर उइगरों के खिलाफ कथित उत्पीड़न का कोई जिक्र नहीं किया गया।\n\n2. रुशान अब्बास कौन हैं और उनकी मांग क्या है?\nरुशान अब्बास एक उइगर एक्टिविस्ट हैं, जो चीन में करीब आठ साल से कैद अपनी बहन गुलशन अब्बास की रिहाई की मांग कर रही हैं।\n\n3. अमेरिकी सीनेट और हाउस ने ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले क्या किया?\nदोनों ने प्रस्ताव पास कर राष्ट्रपति से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से हिरासत में लिए गए छह लोगों की रिहाई के लिए दबाव बनाने को कहा, जिनमें गुलशन अब्बास भी शामिल थीं।\n\n4. सालिह हुदयार ने बैठक पर क्या कहा?\n33 साल के एक्टिविस्ट सालिह हुदयार ने कहा कि नरसंहार जारी रहने के बावजूद ट्रंप का शी जिनपिंग से मिलना सबसे बड़ा झटका है, और शर्त यह होनी चाहिए थी कि पहले नरसंहार खत्म हो।\n\n5. चीन ने 2017 से अब तक कितने लोगों को हिरासत में लिया है?\nरिपोर्ट के मुताबिक 2017 से चीनी सरकार ने कथित तौर पर 10 लाख से ज्यादा तुर्किक जातीय समूहों के लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें ज्यादातर उइगर हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/china/xi-jinping-ko-dosta-bata-rahe-trump-baithaka-men-uyghur-ke-mudde-para-sadhi-chuppi-se-bharake-ektivista-3030",
  "category": "चीन",
  "publishedAt": "2026-06-25",
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    "उइगर मुद्दा",
    "ट्रंप शी जिनपिंग मुलाकात",
    "शिनजियांग",
    "चीन मानवाधिकार",
    "रुशान अब्बास",
    "उइगर नरसंहार"
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  "site": "TrendKia"
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