15 साल के इंटरनेशनल करियर के बाद इंग्लैंड की तेज गेंदबाज केट क्रॉस ने किया संन्यास का ऐलान इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज केट क्रॉस ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है, जहां जारी समर सीजन उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज केट क्रॉस ने 34 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 21 अगस्त की शाम को सोशल मीडिया के जरिए इस बात का ऐलान करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जारी इंग्लिश समर सीजन उनके करियर का आखिरी सीजन साबित होगा। पिछले 15 सालों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रही केट क्रॉस ने इंग्लैंड के लिए तीनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 102 मुकाबले खेले हैं। गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर महीने में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा जारी किए गए प्लेयर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से उन्हें बाहर कर दिया गया था, जिसके बाद से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई मैच नहीं खेला था। इंस्टाग्राम पोस्ट पर भावुक संदेश और करियर का अंतिम चरण केट क्रॉस ने अपने संन्यास की जानकारी फैंस के साथ साझा करते हुए इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह समर सीजन प्रोफेशनल क्रिकेट में उनका आखिरी सीजन होगा। अपने जीवन का इतना बड़ा हिस्सा रहे खेल को अलविदा कहना उनके लिए बेहद कठिन फैसला रहा, क्योंकि इसी खेल ने उन्हें आज का इंसान बनाया है। उन्होंने लिखा कि अब उनके करियर का आखिरी अध्याय उनके सामने है। इसके साथ ही उन्होंने खुद को भाग्यशाली बताया कि उन्हें उस खेल को सबसे ऊंचे स्तर पर बतौर पेशेवर खिलाड़ी खेलने का अवसर मिला, जिससे वह बेहद प्यार करती हैं। अपने 15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान केट क्रॉस ने तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया। वनडे क्रिकेट उनके करियर का सबसे सफल फॉर्मेट रहा, जहां उन्होंने 76 महिला वनडे मैचों में 101 विकेट हासिल किए। वहीं 8 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 25 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा उन्होंने 18 T20I अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14 विकेट चटकाए। लंकाशायर एकेडमी में इतिहास रचने से लेकर काउंटी सफर तक घरेलू क्रिकेट में केट क्रॉस का नाता लंकाशायर काउंटी क्रिकेट क्लब से लगभग दो दशकों तक रहा। वह महज 13 साल की उम्र में पहली बार काउंटी की जूनियर टीम में शामिल हुई थीं। इसके ठीक दो साल बाद यानी 15 वर्ष की आयु में उन्होंने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब वह लंकाशायर एकेडमी में दाखिला पाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। साल 2005 में उन्होंने सीनियर लंकाशायर टीम के लिए अपना पर्दापण किया और तब से लेकर अपने पूरे करियर के दौरान काउंटी क्रिकेट में अपनी टीम के लिए लगातार खेलती रहीं। इंग्लैंड टीम में चयन और यादगार अंतरराष्ट्रीय डेब्यू केट क्रॉस को साल 2011 में एशेज श्रृंखला के लिए पहली बार इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में चुना गया था, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैदान में उतरने के लिए उन्हें दो साल का इंतजार करना पड़ा। साल 2013 में वेस्टइंडीज दौरे के दौरान उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। उसी दौरे पर बारबाडोस में खेले गए वनडे मैच से उन्होंने अपने वनडे करियर की शुरुआत की। अपने डेब्यू वनडे मुकाबले में ही क्रॉस ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 51 रन देकर 4 विकेट चटकाए और अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार हासिल किया था। सवाल-जवाब 1. केट क्रॉस कौन हैं और उन्होंने क्या घोषणा की है? केट क्रॉस इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की 34 वर्षीय तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने जारी इंग्लिश समर सीजन के बाद प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया है। 2. केट क्रॉस ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल कितने मैच खेले हैं? उन्होंने अपने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए तीनों फॉर्मेट मिलाकर कुल 102 मुकाबले खेले हैं। 3. केट क्रॉस का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन कैसा रहा है? उन्होंने 76 वनडे मैचों में 101 विकेट, 8 टेस्ट मैचों में 25 विकेट और 18 T20I मैचों में 14 विकेट हासिल किए हैं। 4. केट क्रॉस ने लंकाशायर एकेडमी में कौन सा इतिहास रचा था? 15 साल की उम्र में केट क्रॉस लंकाशायर एकेडमी में दाखिला लेने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनी थीं। 5. केट क्रॉस ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कब किया और डेब्यू मैच का प्रदर्शन कैसा था? उन्होंने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया था, जहां बारबाडोस में खेले गए अपने पहले वनडे में 51 रन देकर 4 विकेट हासिल करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था। https://trendkia.com/cricket/15-sala-ke-intaraneshanala-kariyara-ke-bada-england-ki-teja-gendabaja-kate-cross-ne-kiya-snnyasa-ka-ailana-19888 TrendKia — Har trend, sabse pehle.