30 गेंदों में रिकॉर्ड शतक ठोकने के बाद बोले अभिषेक शर्मा, एक या दो खराब सीरीज से टीम को मत आंकिए अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में 34 गेंदों पर 108 रन बनाने वाले अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट किया कि उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय टीम का दृष्टिकोण पूरे साल दबदबा कायम रखने का है। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों में शतक जमा दिया। इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद उन्होंने टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फॉर्म पर सवाल उठाने वालों को सीधा संदेश दिया। अभिषेक ने ड्रेसिंग रूम की सकारात्मकता और टीम की दीर्घकालिक रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि कुछ सीमित मैचों के आधार पर खिलाड़ियों की क्षमता को लेकर राय नहीं बनाई जानी चाहिए। ड्रेसिंग रूम की एकजुटता और आलोचकों को जवाब लगातार क्रिकेट के दौर में जब भी कोई खिलाड़ी या टीम एक-दो सीरीज में अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती, तो बाहर कई तरह की बहस छिड़ जाती है। अभिषेक शर्मा ने इसी विषय पर बात करते हुए जोर दिया कि टीम पिछले दो साल से अपनी तय योजना के तहत खेल रही है। मैच के बाद उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि हम ऐसा पिछले दो साल से कर रहे हैं और एकाध खराब सीरीज से हमारा आकलन नहीं हो सकता।” अभिषेक का मानना है कि किसी भी क्रिकेटर के करियर में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक प्रक्रिया है। व्यक्तिगत स्कोर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह होता है कि पूरी टीम एक इकाई के रूप में किस दिशा में सोच रही है। उनका साफ कहना था कि जब टीम के सभी सदस्य मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देते हैं, तभी मैदान पर ऐसी धमाकेदार पारियां निकलकर सामने आती हैं। मैदान पर आक्रामकता और पूरे साल दबदबा बनाने का लक्ष्य अभिषेक ने स्पष्ट किया कि विरोधी खेमे में चाहे कोई भी टीम खड़ी हो, भारतीय दल का प्राथमिक उद्देश्य पूरे साल अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना है। रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय टीम लगातार निडर और आक्रामक क्रिकेट खेलने के अपने सिद्धांत पर टिकी हुई है। क्रिकेट में हर मुकाबले में जीत हासिल करना संभव नहीं होता, लेकिन टीम का विजन स्पष्ट है। अभिषेक के मुताबिक व्यक्तिगत असफलताएं खिलाड़ियों को अधिक परिपक्व बनाती हैं। कठिन हालात से निकलकर आगे बढ़ने की यह सामूहिक भूख ही भारतीय टीम को लगातार बड़ी जीत दर्ज करने की ताकत देती है। 34 गेंदों में 108 रन का तूफान और 3-0 से सीरीज पर कब्जा तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने विरोधी गेंदबाजी क्रम की बखिया उधेड़ते हुए कुल 34 गेंदों पर 108 रन बनाए। इस विध्वंसक पारी में उनके बल्ले से 11 छक्के और 9 चौके निकले। 30 गेंदों में सैकड़ा पूरा करते ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। यह इस सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में उनका तीसरा शतक भी है। अभिषेक की इस पारी और नितीश रेड्डी सहित अन्य साथियों के योगदान से भारत ने सात विकेट के नुकसान पर 221 रनों का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में उतरी अफगानिस्तान की टीम मुकाबले में टिक नहीं सकी और उसे 127 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जो टी20 में उसकी सबसे बड़ी हार है। श्रेयस की कप्तानी वाली इस भारतीय टीम ने इस शानदार जीत के साथ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इसका आप पर असर अभिषेक शर्मा की यह ऐतिहासिक पारी और आक्रामक रुख भारतीय टी20 टीम में शीर्ष क्रम की प्रतिस्पर्धा को काफी बढ़ा देता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: दर्शकों को भविष्य में भारतीय टीम की ओर से बेहद आक्रामक और मनोरंजक क्रिकेट देखने को मिलेगा। युवा खिलाड़ी बिना किसी हिचक के पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने का दृष्टिकोण बनाए रखेंगे। • टीम चयन के लिहाज से: शीर्ष क्रम में तेज गति से रन बनाने वाले युवा बल्लेबाजों की दावेदारी अब और पुख्ता हो गई है। आगामी दौरों और टूर्नामेंटों में चयन समिति पारंपरिक खेल के बजाय ऐसे स्ट्राइक रेट वाले खिलाड़ियों को तरजीह देगी। • विरोधी टीमों की योजना पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोधी टीमों को अब भारतीय ओपनरों के खिलाफ शुरुआत से ही सख्त फील्डिंग और सटीक लाइन-लेंथ की योजना तैयार करनी होगी। पावरप्ले के ओवरों में गेंदबाजी करना किसी भी विरोधी कप्तान के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। • आलोचकों और विशेषज्ञों के लिए: एक या दो खराब प्रदर्शनों के बाद खिलाड़ियों की जगह पर सवाल उठाने के रुझान पर अब विराम लग सकता है। टीम प्रबंधन द्वारा खिलाड़ियों को मिले लंबे समर्थन का असर मैदान पर स्पष्ट दिख रहा है। ऐसा क्यों हुआ यह बयान और ऐतिहासिक पारी टीम की फॉर्म पर लगातार उठ रहे बाहरी सवालों और तीसरे टी20 में बने अनुकूल बल्लेबाजी हालात की वजह से सामने आई। • बाहरी आलोचना का दबाव: पिछली कुछ श्रृंखलाओं में टीम और कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। ड्रेसिंग रूम के भरोसे को सार्वजनिक रूप से जाहिर करने के लिए मैदान पर एक बड़ी पारी के बाद यह बयान जरूरी हो गया था। • आक्रामक खेल का स्पष्ट खाका: टीम प्रबंधन ने पिछले दो वर्षों से रक्षात्मक क्रिकेट छोड़कर हर हाल में हावी रहने की कार्यशैली अपनाई है। इसी रणनीतिक छूट के कारण शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने की पूरी आजादी मिली। • विरोधी गेंदबाजी पर दबाव: अफगानिस्तान के खिलाफ मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर प्रहार करने की रणनीति बनाई गई थी। 11 छक्के और 9 चौके जड़कर गेंदबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया गया, जिससे रिकॉर्डतोड़ स्कोर खड़ा हुआ। सवाल-जवाब 1. अभिषेक शर्मा ने शतक कितने गेंदों में पूरा किया? अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे तेज है। 2. तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा का अंतिम व्यक्तिगत स्कोर क्या रहा? उन्होंने 34 गेंदों में 108 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के और 9 चौके शामिल थे। 3. टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह अभिषेक शर्मा का कौन सा शतक है? यह इस प्रारूप में अभिषेक शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का तीसरा शतक है। 4. तीसरे मुकाबले में भारत ने कुल कितना स्कोर बनाया? भारत ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 221 रनों का विशाल स्कोर बनाया। 5. भारत और अफगानिस्तान की टी20 सीरीज का अंतिम परिणाम क्या रहा? भारत ने तीसरा मैच 127 रनों से जीतकर टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। https://trendkia.com/cricket/30-gendon-men-rikorda-shataka-thokane-ke-bada-bole-abhishek-sharma-eka-ya-do-kharaba-sirija-se-tima-ko-mata-ankie-34395 TrendKia — Har trend, sabse pehle.