अभिषेक शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल में रचा इतिहास, 25 या उससे कम गेंदों में 12वीं बार पचास रन बनाकर स्थापित किया कीर्तिमान अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच में अभिषेक शर्मा ने 32 गेंदों पर 82 रन की धुआंधार पारी खेली। इसके साथ ही उन्होंने 25 या उससे कम गेंदों में सर्वाधिक 50+ स्कोर बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया और 6000 टी20 रन भी पूरे किए। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी तूफानी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। अफगानिस्तान के खिलाफ आयोजित पहले टी20 मैच में मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपनी आक्रामक शैली से विरोधी गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। इस मुकाबले के दौरान उन्होंने एक ऐसा अभूतपूर्व मुकाम हासिल किया, जहां तक दुनिया का कोई भी अन्य बल्लेबाज अब तक नहीं पहुंच पाया है। 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा फिफ्टी का वैश्विक कीर्तिमान टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अभिषेक शर्मा 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा बार पचास या उससे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। अफगानिस्तान के विरुद्ध खेली गई इस धमाकेदार पारी के दौरान उन्होंने यह कारनामा अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 12वीं बार दोहराया। विश्व क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गज और विस्फोटक बल्लेबाज इस खास सूची में भारतीय ओपनर से काफी पीछे छूट गए हैं। दिल्ली मुकाबले में 256 के स्ट्राइक रेट से बरसे रन दिल्ली के मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज ने गेंदबाजों को संभलने तक का कोई अवसर नहीं दिया। उन्होंने महज 32 गेंदों का सामना करते हुए 82 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 256 का दर्ज किया गया। टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में अभिषेक शर्मा का यह कुल 14वां 50 से अधिक का स्कोर रहा। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि इन 14 बड़े स्कोरों में से 12 मौकों पर उन्होंने पचास का आंकड़ा छूने के लिए महज 25 या उससे भी कम गेंदें लीं। सूर्यकुमार यादव को पछाड़कर बनाई बड़ी बढ़त तेजतर्रार पारियों के इस रिकॉर्ड में अभिषेक शर्मा ने पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी पीछे छोड़ दिया है। सूर्यकुमार यादव ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर के दौरान 25 या उससे कम गेंदों में 50 या उससे अधिक रन 9 बार बनाए हैं। इस प्रकार अभिषेक अब सूर्यकुमार यादव के आंकड़े से तीन कदम आगे निकलकर 12 पारियों के साथ शीर्ष स्थान पर मजबूती से काबिज हो चुके हैं। टी20 क्रिकेट में 6000 रनों का आंकड़ा पार अपनी इस पारी के दौरान अभिषेक ने टी20 क्रिकेट करियर में 6000 रन पूरे करने की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। गेंदों के लिहाज से देखा जाए तो वह विश्व टी20 क्रिकेट में दूसरे सबसे तेज 6000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए उन्होंने कुल 3420 गेंदों का सामना किया, जिससे वह भारत की तरफ से सबसे तेज 6000 टी20 रन पूरे करने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं। फिन एलेन, आंद्रे रसेल और टिम डेविड से तुलना विश्व स्तर पर गेंदों के मामले में सबसे तेज 6000 टी20 रन बनाने की सर्वकालिक सूची में अभिषेक से आगे सिर्फ न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलेन मौजूद हैं, जिन्होंने 3386 गेंदों में यह आंकड़ा छुआ था। इस मामले में अभिषेक ने आंद्रे रसेल और टिम डेविड जैसे नामचीन पावर हिटर्स को भी पछाड़ दिया है। आंद्रे रसेल ने अपने 6000 टी20 रन पूरे करने के लिए 3550 गेंदें ली थीं, जबकि टिम डेविड को इसी उपलब्धि तक पहुंचने के लिए 3681 गेंदों का सामना करना पड़ा था। इसका आप पर असर अभिषेक शर्मा के इस कीर्तिमान से भारतीय टी20 टीम की ओपनिंग रणनीति और विश्व क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी के मानकों पर सीधा प्रभाव पड़ा है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: दर्शकों को शुरुआती ओवरों में ही बेहद मनोरंजक और चौकों-छक्कों से भरी तेजतर्रार बल्लेबाजी देखने को मिल रही है। इससे टी20 मैचों का रोमांच और प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी बढ़ गया है। • टीम इंडिया की रणनीति पर: शीर्ष क्रम पर इतनी तेजी से रन बनने से मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर दबाव पूरी तरह खत्म हो जाता है। टीम अब पहले छह ओवरों में ही विशाल स्कोर की मजबूत नींव रखने में सक्षम हो रही है। • विरोधी टीमों की गेंदबाजी पर: विपक्षी कप्तानों को अब पावरप्ले के दौरान रक्षात्मक फील्डिंग लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गेंदबाजों के पास शुरुआत में गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। • युवा खिलाड़ियों के लिए सबक: यह उपलब्धि आधुनिक टी20 में स्ट्राइक रेट और निडर दृष्टिकोण के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। युवा बल्लेबाजों को पहली ही गेंद से सकारात्मक रुख अपनाने की प्रेरणा मिलती है। ऐसा क्यों हुआ अभिषेक शर्मा का यह विश्व रिकॉर्ड उनकी बेखौफ बल्लेबाजी शैली और निरंतर बाउंड्री तलाशने के आक्रामक दृष्टिकोण का सीधा परिणाम है। दिल्ली के अनुकूल मैदान पर उन्होंने अफगानिस्तान की शुरुआती गेंदबाजी कमजोरियों का भरपूर फायदा उठाया। • आक्रामक खेल शैली: अभिषेक क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर हावी होने और बाउंड्री लगाने की रणनीति अपनाते हैं। इसी निडर रुख के चलते वह महज 25 या उससे कम गेंदों में पचास रन बनाने का कारनामा बार-बार कर पाते हैं। • मैच की अनुकूल परिस्थितियां: दिल्ली के मैदान पर खेली गई 32 गेंदों में 82 रन की पारी ने उन्हें गति प्रदान की। 256 के स्ट्राइक रेट के दम पर उन्होंने अपनी 14 में से 12वीं फिफ्टी को इस रिकॉर्ड क्लब में शामिल करवा दिया। • करियर की निरंतरता: वह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय ही नहीं बल्कि संपूर्ण टी20 क्रिकेट में 3420 गेंदों में 6000 रन पूरे करने वाले भारत के सबसे तेज बल्लेबाज बने हैं। यह उनके लंबे समय से जारी उच्च स्ट्राइक रेट को प्रमाणित करता है। सवाल-जवाब 1. अभिषेक शर्मा ने कौन सा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है? अभिषेक शर्मा टी20 इंटरनेशनल में 25 या उससे कम गेंदों में सबसे ज्यादा 12 बार 50 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। 2. अभिषेक ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में कितने रन बनाए? उन्होंने 256 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए महज 32 गेंदों में 82 रनों की आक्रामक पारी खेली। 3. इस रिकॉर्ड सूची में अभिषेक ने किस भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ा? उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ा, जिनके नाम 25 या उससे कम गेंदों में 9 बार 50+ रन बनाने का रिकॉर्ड था। 4. टी20 क्रिकेट में गेंदों के हिसाब से सबसे तेज 6000 रन किसने बनाए हैं? न्यूजीलैंड के फिन एलेन ने 3386 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया, जबकि अभिषेक शर्मा 3420 गेंदों के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। 5. अभिषेक ने 6000 टी20 रनों के मामले में किन विदेशी धुरंधरों को पछाड़ा? उन्होंने आंद्रे रसेल (3550 गेंदें) और टिम डेविड (3681 गेंदें) को पछाड़कर भारत के सबसे तेज और दुनिया के दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। प्रेरणा और सबक अभिषेक शर्मा की यह ऐतिहासिक सफलता खेल में निडर सोच, लगातार आक्रामकता और अपनी स्वाभाविक शैली पर भरोसा रखने का बेहतरीन उदाहरण है। • अपनी स्वाभाविक ताकत पर भरोसा: किसी भी परिस्थिति में अपनी आक्रामक शैली से समझौता न करके उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनोखा मुकाम हासिल किया। • दबाव को अवसर में बदलना: बड़े मंच और उम्मीदों के बीच भी उन्होंने पहली गेंद से विरोधी गेंदबाजों पर प्रहार करने का साहस दिखाया। • निरंतरता ही असली पहचान: महज एक-दो पारियों में नहीं, बल्कि 12 बार 25 से कम गेंदों में पचास बनाकर उन्होंने दिखाया कि आक्रामकता के साथ निरंतरता संभव है। https://trendkia.com/cricket/abhishek-sharma-ne-ti20-intaraneshanala-men-racha-itihasa-25-ya-usase-kama-gendon-men-12vin-bara-pachasa-rana-banakara-sthapita-ki-34835 TrendKia — Har trend, sabse pehle.