# एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी को भारतीय टीम से फिर झेलना पड़ा कड़ा विरोध, बिना ट्रॉफी के मना खिताबी जश्न

> महिला टी20 एशिया कप में श्रीलंका को 72 रनों से हराने के बाद टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी, वहीं दुबई स्टेडियम की स्क्रीन पर भारत को 8 बार का चैंपियन घोषित किया गया।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/acc-adhyaksha-mohsin-naqvi-ko-bharatiya-tima-se-phira-jhelana-para-kara-virodha-bina-trophi-ke-mana-khitabi-jashna-34926 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोहसिन नकवी, एशिया कप, टीम इंडिया, पीसीबी, एसीसी, सूर्यकुमार यादव, महिला एशिया कप, दुबई क्रिकेट स्टेडियम

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख मोहसिन नकवी को एक बार फिर असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। संभावित बहिष्कार की जानकारी होने के बावजूद वह समारोह में उपस्थित हुए, जहां उन्हें कड़े रुख का सामना करना पड़ा। यह ताजा घटनाक्रम महिला टी20 एशिया कप के खिताबी मुकाबले के दौरान सामने आया। इस मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को 72 रनों के अंतर से शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन दुर्भाग्यवश विजेता टीम को ट्रॉफी नहीं मिल पाई। भले ही हाथ में ट्रॉफी नहीं थी, लेकिन दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बड़े स्क्रीन बोर्ड पर बड़े अक्षरों में टीम इंडिया को 8 बार की चैंपियन दर्शाया गया था।

## मेंस एशिया कप 2025 में भी हुआ था ऐसा ही विवाद
यह पहला अवसर नहीं था जब इस प्रकार का नाटकीय दृश्य देखने को मिला हो। इससे पहले मेंस एशिया कप 2025 के दौरान भी ठीक ऐसा ही घटनाक्रम घटित हुआ था। उस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना हुआ था, जहां टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। मोहसिन नकवी उस समय भी एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष के नाते स्टेडियम में मौजूद थे। उन्हें यह उम्मीद थी कि पाकिस्तान मुकाबला जीतकर खिताब हासिल करेगा और वह स्वयं अपनी टीम को विजेता कप प्रदान करेंगे, लेकिन मुकाबले का नतीजा उनके पक्ष में नहीं रहा। मैच समाप्त होने के बाद जब पुरस्कार वितरण का समय आया, तब नकवी विजेता को ट्रॉफी देने के लिए आगे बढ़ गए।

## सूर्यकुमार की कप्तानी वाली टीम ने कर दिया था सीधा बहिष्कार
उस समय मेंस एशिया कप 2025 के खिताबी मुकाबले के समापन के बाद नकवी ने भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपने का प्रयास किया, लेकिन सूर्यकुमार यादव और उनके साथी खिलाड़ियों ने पीसीबी प्रमुख का पूरी तरह बहिष्कार करने का निर्णय लिया। भारतीय टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने स्पष्ट कर दिया था कि वे नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे। इसके विपरीत पीसीबी प्रमुख भी अपनी जिद पर कायम रहे और उन्होंने ठान लिया कि वही अपने हाथों से ट्रॉफी देंगे। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों के लिए व्यक्तिगत सम्मान और देश की प्रतिष्ठा ट्रॉफी हासिल करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण थी।

## पोडियम पर बिना ट्रॉफी के ही मनाया गया था जीत का जश्न
खिलाड़ियों के इस कड़े रुख के बाद मोहसिन नकवी काफी समय तक मायूस होकर मैदान में इंतजार करते रहे। क्रिकेट के लंबे इतिहास में संभवतः यह अपनी तरह की पहली घटना मानी जा रही थी, जब किसी बड़े टूर्नामेंट में ऐसी स्थिति बनी हो। काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद जब कोई रास्ता नहीं निकला, तो नकवी ने वहां से वापस लौटने का फैसला किया। नकवी के मैदान से चले जाने के तुरंत बाद टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी पोडियम पर पहुंचे और उन्होंने बिना आधिकारिक ट्रॉफी के ही अपनी शानदार खिताबी जीत का जोरदार जश्न मनाया।

## इसका आप पर असर
क्रिकेट प्रशंसकों और खेल प्रेमियों के लिए यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान से लेकर प्रशासनिक स्तर तक जारी तनाव को दर्शाती है।

- **प्रशंसकों के लिए:** दर्शकों को टूर्नामेंट के शानदार अंत के बावजूद बिना ट्रॉफी वाले असामान्य जश्न का गवाह बनना पड़ा। इस विवाद से दोनों देशों के बीच भविष्य के क्रिकेट आयोजनों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ सकती है।
- **टूर्नामेंट व्यवस्था पर असर:** बहुपक्षीय आयोजनों में पुरस्कार वितरण प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोजकों को भविष्य के टूर्नामेंटों में विवादों से बचने के लिए तटस्थ अधिकारियों की तैनाती पर विचार करना पड़ सकता है।
- **खिलाड़ियों के रुख का संदेश:** राष्ट्रीय सम्मान को प्रतीकात्मक पुरस्कारों से ऊपर रखने का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। इससे यह साफ हो गया है कि खेल जगत में प्रशासनिक हठधर्मिता को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- **प्रशासनिक खींचतान:** एसीसी और पीसीबी के नेतृत्व पर नए सिरे से दबाव बढ़ सकता है। आगामी बैठकों में पद और जिम्मेदारियों के निष्पक्ष निर्वहन पर कड़े सवाल पूछे जाने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद मुख्य रूप से एशियन क्रिकेट काउंसिल और पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी तथा भारतीय टीम प्रबंधन के बीच गहरे मतभेद और पूर्व की घटनाओं के कारण हुआ।

- **सीधा कारण:** भारतीय टीम ने साफ तौर पर नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार करते हुए उनका बहिष्कार किया, जबकि नकवी स्वयं ट्रॉफी देने की जिद पर अड़े रहे।
- **पिछली पृष्ठभूमि:** मेंस एशिया कप 2025 के फाइनल में भी सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराने के बाद ऐसा ही रुख अपनाया था, जिससे तनाव बना हुआ था।
- **आधिकारिक खींचतान:** नकवी द्वारा एसीसी अध्यक्ष की हैसियत का इस्तेमाल कर भारतीय टीम को ट्रॉफी थमाने की कोशिश को टीम ने स्वीकार नहीं किया, क्योंकि खिलाड़ियों ने इसे स्वाभिमान के खिलाफ माना।

## सवाल-जवाब

### 1. महिला टी20 एशिया कप फाइनल में भारत ने किस टीम को हराया?
भारतीय महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।

### 2. स्टेडियम के बड़े स्क्रीन बोर्ड पर भारत के लिए क्या लिखा गया था?
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के स्क्रीन बोर्ड पर भारत के लिए '8 बार की चैंपियन' लिखा गया था।

### 3. मेंस एशिया कप 2025 के फाइनल का नतीजा क्या रहा था?
मेंस एशिया कप 2025 के खिताबी मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था।

### 4. भारतीय टीम ने किसके हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार किया?
भारतीय टीम ने एसीसी और पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से मना कर दिया था।

### 5. ट्रॉफी न मिलने पर भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न कैसे मनाया?
मोहसिन नकवी के वापस लौटने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर चढ़कर बिना ट्रॉफी के ही जीत का जश्न मनाया।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._