अजय जडेजा ने यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो विवाद पर तोड़ी चुप्पी, भारतीय ओपनर को लगाई कड़ी फटकार कोलंबो टेस्ट के दौरान यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच हुई तीखी झड़प पर अजय जडेजा ने अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मैदान पर छींटाकशी करने वालों को पलटकर सुनना भी आना चाहिए। कोलंबो टेस्ट के पहले दिन मैदान पर उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब भारतीय टीम के ओपनर यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई गेंदबाज असिथा फर्नांडो आपस में भिड़ गए। यह मामला केवल जुबानी नोकझोक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क की नौबत भी आ गई। इस घटना के बाद से युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की खेल भावना को लेकर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और यशस्वी को इस तरह के आक्रामक रवैये से बचने की सख्त हिदायत दी है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे। पवेलियन लौट रहे बल्लेबाज को देखकर असिथा फर्नांडो ने विकेट मिलने का आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया और कुछ टिप्पणियां कीं। इस बात से नाराज होकर भारतीय बल्लेबाज बीच रास्ते से ही वापस मुड़ गए और दोनों के बीच शब्दों के बाण चलने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बहस के दौरान यशस्वी का हेलमेट फर्नांडो के माथे से जा टकराया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। बढ़ते तनाव को थामने के लिए श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा और अन्य खिलाड़ियों को तुरंत बीच-बचाव करना पड़ा और दोनों को अलग किया गया। अजय जडेजा ने इस पूरी घटना पर खुलकर बात की और बताया कि किस तरह से खेल के मैदान पर ऐसी हरकतें एक खतरनाक रेखा को पार कर जाती हैं। उन्होंने एक खेल प्रसारण मंच पर चर्चा के दौरान कहा कि यशस्वी को इस स्तर तक आक्रामक नहीं होना चाहिए था। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने गॉल टेस्ट का एक पुराना वाकया भी याद किया, जब यशस्वी फील्डिंग के दौरान निरोशन डिकवेला के साथ उलझे थे। जडेजा का मानना है कि मैदान पर हल्की-फुल्की नोकझोक और स्लेजिंग तब तक ठीक है जब तक वह मर्यादा के दायरे में रहे और भाषा की गरिमा बनी रहे। अजय जडेजा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो खिलाड़ी मैदान पर दूसरों पर फब्तियां कसते हैं और छींटाकशी करते हैं, उन्हें खुद भी वैसी ही प्रतिक्रिया सुनने का हौसला रखना चाहिए। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि कोई खिलाड़ी खुद पर हंसने का माद्दा नहीं रखता है, तो उसे दूसरों का मजाक उड़ाने का भी कोई हक नहीं है। यदि आप पलटकर आलोचना सुनना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं, तो मैदान पर खड़े होकर किसी दूसरे खिलाड़ी को कुछ भी न कहें। जडेजा की यह नसीहत साफ करती है कि क्रिकेट जैसे जेंटलमैन गेम में अति-आक्रामकता और अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह घटना खिलाड़ियों के मैदान पर अनुशासन और खेल भावना के महत्व को उजागर करती है, जहां अति-आक्रामकता से बचने की सलाह दी गई है। सवाल-जवाब 1. यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच विवाद किस मैच के दौरान हुआ? यह विवाद कोलंबो टेस्ट के पहले दिन के खेल के दौरान हुआ था। 2. यशस्वी जायसवाल आउट होने से पहले कितने रन बनाकर पैवेलियन लौटे थे? यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए थे। 3. अजय जडेजा ने यशस्वी जायसवाल को क्या चेतावनी दी? अजय जडेजा ने चेतावनी दी कि शारीरिक संपर्क और अत्यधिक आक्रामकता एक खतरनाक सीमा पार करना है, और जो खिलाड़ी स्लेजिंग करते हैं उन्हें सुनना भी आना चाहिए। 4. मैदान पर बढ़ते तनाव को देखकर किसने बीच-बचाव किया था? श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा और अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया था। https://trendkia.com/cricket/ajay-jadeja-slams-yashasvi-jaiswal-over-heated-on-field-clash-with-asitha-fernando-20928 TrendKia — Har trend, sabse pehle.