# अजिंक्य रहाणे ने की शुभमन गिल की तारीफ, बताया कप्तानी से बल्लेबाजी पर क्यों नहीं पड़ा असर

> अनुभवी क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने शुभमन गिल के आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल की सराहना करते हुए कहा कि अतिरिक्त जिम्मेदारी से उनका खेल और निखरा है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/ajinkya-rahane-ne-ki-shubman-gill-ki-taripha-bataya-kaptani-se-ballebaji-para-kyon-nahin-para-asara-56632 · **Language:** Hindi
**Tags:** शुभमन गिल, अजिंक्य रहाणे, भारतीय क्रिकेट, विराट कोहली, अर्शदीप सिंह, न्यूजीलैंड क्रिकेट

भारतीय टीम में युवा खिलाड़ियों को कमान सौंपे जाने के दौर में शुभमन गिल ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। खेल के सबसे छोटे और पचास ओवरों के फॉर्मेट में नेतृत्व संभालते हुए उन्होंने अपने व्यक्तिगत खेल के स्तर को गिरने नहीं दिया। टीम की कमान हाथ में आने के बावजूद वे लगातार रन जुटा रहे हैं और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की वैश्विक सूची में पहले पायदान पर काबिज हो चुके हैं। मैदान पर उनके इस निर्भीक खेल और परिपक्व रणनीति को देखकर अनुभवी खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे भी उनके मुरीद नजर आ रहे हैं।

## मैदान पर गिल का मिजाज और बढ़ता आत्मविश्वास
अजिंक्य रहाणे के अनुसार गिल जैसे-जैसे मुकाबले खेल रहे हैं, उनकी कप्तानी और निर्णय लेने की क्षमता में स्पष्ट सुधार दिख रहा है। हर नए दौरे और प्रतियोगिता के साथ वे एक अधिक सुलझे हुए कप्तान के रूप में उभर रहे हैं। रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि एक बल्लेबाज के रूप में उनका खेल असाधारण स्तर का रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि शुभमन गिल के आंकड़े खुद उनकी प्रतिभा की गवाही देते हैं, मगर सबसे खास पहलू उनका निडर होकर क्रीज पर टिके रहना है।

> बल्लेबाजी के लिहाज से शुभमन का प्रदर्शन शानदार रहा है।
अड़तीस साल के रहाणे ने बताया कि किसी भी पेशेवर क्रिकेटर के जीवन में रन बनाने की गति हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी कोई खिलाड़ी शतक जड़ता है तो कभी अगली पारी में जल्दी पवेलियन लौट जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बल्लेबाज किस सोच और इरादे के साथ क्रीज पर कदम रखता है। गिल का सकारात्मक रुख और उनका शारीरिक हाव-भाव यह साबित करता है कि वे दबाव में बिखरने के बजाय अपने खेल पर पूरा भरोसा रखते हैं। हालिया मुकाबलों में लगातार बड़े स्कोर बनाकर उन्होंने इस भरोसे को और मजबूत किया है।

## तेज गेंदबाजों का जलवा और पहले मैच में टीम की जीत
इस बीच भारतीय टीम ने पांच मुकाबलों की एकदिवसीय श्रृंखला के शुरुआती मैच में शानदार शुरुआत दर्ज की है। वर्षा से बाधित इस मुकाबले में भारत ने डकवर्थ लुईस प्रणाली के तहत न्यूजीलैंड पर पांच विकेट से विजय प्राप्त कर 1-0 की बढ़त बना ली। इस मुकाबले में विराट कोहली के बल्ले से निकली तेजतर्रार अर्धशतकीय पारी ने टीम की राह आसान की।

इससे पहले मुकाबले में भारत की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने विपक्षी बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। अर्शदीप सिंह ने सत्तर रन खर्च करके चार महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। वहीं गुरनूर बराड़ ने चवालीस रन देकर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया, जबकि अंशुल कंबोज ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए अपने दस ओवरों के कोटे में सिर्फ बाईस रन दिए और दो विकेट चटकाए। इन तीनों तेज गेंदबाजों ने मिलकर नौ शिकार किए और न्यूजीलैंड की पूरी पारी को 40.2 ओवरों में 185 रनों के मामूली योग पर समेट दिया।

## इसका आप पर असर
भारतीय टीम के युवा नेतृत्व और मैदान पर शानदार नतीजों से खेल प्रशंसकों तथा टीम संरचना पर सीधा असर पड़ेगा।

- **क्रिकेट प्रशंसकों के लिए:** शुभमन गिल की कप्तानी में आक्रामकता और निरंतरता देखने को मिल रही है। शीर्ष क्रम में उनके लगातार रन बनाने से दर्शकों को आगामी बड़े टूर्नामेंटों में संतुलित भारतीय एकादश देखने की उम्मीद बंधी है।
- **टीम संयोजन पर प्रभाव:** एकदिवसीय रैंकिंग में शीर्ष पर रहते हुए कप्तानी संभालने से टीम के अन्य युवा खिलाड़ियों का मनोबल मजबूत होगा। इससे टीम प्रबंधन बिना किसी झिझक के बदलाव के दौर को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र रहेगा।
- **गेंदबाजी बेंच स्ट्रेंथ:** युवा तेज गेंदबाजों का यह धारदार प्रदर्शन दिखाता है कि बैकअप गेंदबाजी विकल्प अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अनुभवी खिलाड़ियों की गैरहाजिरी में भी आक्रमण बेहद घातक बना रहेगा।
- **श्रृंखला की दिशा:** पहला मुकाबला डकवर्थ लुईस नियम से जीतकर बढ़त हासिल करने से भारतीय टीम मानसिक रूप से आगे है। बाकी चार मुकाबलों में विरोधी टीम पर वापसी करने का भारी मनोवैज्ञानिक दबाव रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय टीम में नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ मैदान पर आक्रामक प्रदर्शन कई सुनियोजित रणनीतियों और खिलाड़ियों की फॉर्म का परिणाम है।

- **कप्तानी का परिपक्व प्रबंधन:** शुभमन गिल ने नेतृत्व के दबाव को अपनी बल्लेबाजी पर हावी नहीं होने दिया और अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा। निरंतर रन जुटाते हुए एकदिवसीय रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंचने से उनके नेतृत्व कौशल को और अधिक स्वीकृति मिली।
- **तेज गेंदबाजी का सटीक आक्रमण:** पहले एकदिवसीय में अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़ और अंशुल कंबोज ने परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाते हुए कसी हुई लाइन और लेंथ पर गेंदें फेंकी। विपक्षी बल्लेबाजों पर निरंतर दबाव बनाकर उन्होंने नौ विकेट चटकाए और न्यू जीलैंड को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया।
- **मध्यक्रम में अनुभव का सहयोग:** वर्षा से प्रभावित मैच में डकवर्थ लुईस लक्ष्य का पीछा करते समय विराट कोहली के अर्धशतक ने टीम को स्थिरता दी। युवा नेतृत्व को जब अनुभवी दिग्गजों का साथ मिलता है, तो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जीत दर्ज करना आसान हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. शुभमन गिल के बारे में अजिंक्य रहाणे ने क्या राय दी?
रहाणे ने कहा कि कप्तानी के साथ गिल का अनुभव और खेल लगातार निखर रहा है, और उनका आत्मविश्वास मैदान पर उनके रवैये से साफ झलकता है।

### 2. एकदिवसीय रैंकिंग में शुभमन गिल किस स्थान पर मौजूद हैं?
शुभमन गिल एकदिवसीय बल्लेबाजों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुके हैं।

### 3. भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहले एकदिवसीय मैच का क्या परिणाम रहा?
भारत ने बारिश से प्रभावित पहले मुकाबले में डकवर्थ लुईस पद्धति से न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।

### 4. पहले मैच में भारत के किन तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया?
अर्शदीप सिंह ने चार, गुरनूर बराड़ ने तीन और अंशुल कंबोज ने दो विकेट हासिल किए।

### 5. न्यूजीलैंड की पूरी टीम कितने स्कोर पर सिमट गई थी?
न्यूजीलैंड की टीम 40.2 ओवर में 185 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी।

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