अंडर-19 एशिया कप: संकट के समय चमके जालंधर के अर्जुन राजपूत, पाकिस्तान के खिलाफ दागा ताबड़तोड़ शतक पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप मुकाबले में 22 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद 19 वर्षीय अर्जुन राजपूत ने 80 गेंदों में 107 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलकर भारतीय टीम को संकट से उबारा। एसीसी पुरुष अंडर-19 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच खेले जा रहे हाई-वोल्टेज मुकाबले में पंजाब के 19 वर्षीय बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया। जब भारतीय टीम 22 रन के मामूली स्कोर पर 3 विकेट गंवाकर गहरे संकट में फंसी हुई थी, तब अर्जुन ने क्रीज संभालकर न सिर्फ पारी को उबारा बल्कि महज 80 गेंदों में शतक जड़कर टीम इंडिया को एक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचा दिया। इस मुकाबले में पूर्व भारतीय दिग्गजों के बेटों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन असली चमक अर्जुन के बल्ले से देखने को मिली। मुश्किल परिस्थितियों में अर्जुन की धमाकेदार शतकीय पारी पाकिस्तानी गेंदबाजों के शुरुआती प्रहार के सामने भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह पस्त हो गया था। महज 22 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद मैदान में उतरे 19 साल के अर्जुन राजपूत ने संयम और निडरता का बेजोड़ मिश्रण पेश किया। उन्होंने शुरुआती दौर में समझदारी से सिंगल-डबल लेकर पारी को आगे बढ़ाया और मात्र 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। हाफ सेंचुरी बनाने के बाद अर्जुन ने अपना आक्रामक रूप दिखाया और विरोधी गेंदबाजों पर धावा बोल दिया। उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्के लगाते हुए सिर्फ 80 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। अपनी 107 रनों की बेहतरीन पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 गगनचुम्बी छक्के लगाए। 107 रन के स्कोर पर तेजी से रन बटोरने की कोशिश में वह पाकिस्तानी गेंदबाज रिजवानुल्लाह का शिकार बने। अर्जुन के आउट होते ही भारतीय पारी एक बार फिर बिखर गई। छोले-कुलचे बेचने वाले परिवार से भारतीय टीम तक का सफर पंजाब के औद्योगिक शहर जालंधर के रहने वाले अर्जुन राजपूत बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम होती राम है और उनके दादाजी सड़कों पर छोले-कुलचे बेचकर परिवार का गुजारा करते थे। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने अर्जुन के क्रिकेटर बनने के सपने में कभी रुकावट नहीं आने दी और उन्हें हर संभव सहयोग दिया। बाएं हाथ के इस होनहार खिलाड़ी ने भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की क्रिकेट एकेडमी से खेल की बुनियादी ट्रेनिंग ली। अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत वह पंजाब की अंडर-16 टीम के कप्तान बने। इसके बाद वीनू मांकड़ ट्रॉफी और कूच बिहार ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम में जगह पक्की की। बल्लेबाजी के साथ-साथ अर्जुन उपयोगी ऑफ स्पिनर भी हैं, जिन्होंने पिछले ही मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। स्टार संतानों का बल्ला रहा खामोश, पाकिस्तानी गेंदबाजों का दबदबा इस हाई-प्रोफाइल मैच में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम के कप्तान लक्ष्य रायचंदानी बिना कोई रन बनाए शून्य पर आउट हो गए। वहीं वीके विनीत ने 8 रन और यशवर्धन चौहान ने केवल 1 रन का योगदान दिया। क्रिकेट फैंस की नजरें पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों के बेटों पर टिकी थीं, लेकिन वे भी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ केवल 10 रन बना सके। इन दोनों युवा बल्लेबाजों को पाकिस्तान के गेंदबाज निकाब शफीक ने पवेलियन की राह दिखाई। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में निकाब शफीक के अलावा अली रजा और रिजवानुल्लाह ने भी घातक प्रदर्शन करते हुए 2-2 विकेट हासिल किए। इसका आप पर असर यह मुकाबला युवा एथलीटों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए घरेलू क्रिकेट की मजबूत नींव और जमीनी प्रतिभा के महत्व को उजागर करता है। • भारत में: वीनू मांकड़ और कूच बिहार जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए भारतीय टीम का रास्ता मजबूत होता दिखेगा। युवा क्रिकेटरों के लिए यह प्रेरणा है कि प्रतिभा नाम से नहीं, बल्कि प्रदर्शन से पहचान बनाती है। • पंजाब में: जालंधर जैसे शहरों के छोटे क्रिकेट अकादमियों और जमीनी ढाँचों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा होगा। local खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए अधिक संसाधनों और कोचिंग सपोर्ट की उम्मीद की जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय शीर्ष क्रम की शुरुआती विफलता के कारण टीम गहरे संकट में आ गई थी, जिससे मध्यक्रम पर जिम्मेदारी बढ़ गई। • शुरुआती झटके: कप्तान लक्ष्य रायचंदानी (0), वीके विनीत (8) और यशवर्धन चौहान (1) के जल्दी आउट होने से टीम का स्कोर 22 रन पर 3 विकेट हो गया था। • पाकिस्तानी गेंदबाजी का सटीक प्रदर्शन: निकाब शफीक, अली रजा और रिजवानुल्लाह ने शुरुआती ओवरों में अनुशासित लाइन और लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को दबाव में डाला। • स्टार संतानों का जल्द आउट होना: आर्यवीर सहवाग (22) और अन्वय द्रविड़ (10) अच्छी शुरुआत के बावजूद पारी को बड़ा नहीं बना सके, जिससे दबाव पूरी तरह अर्जुन राजपूत पर आ गया। सवाल-जवाब 1. अर्जुन राजपूत ने पाकिस्तान के खिलाफ कितने रन बनाए? अर्जुन राजपूत ने 80 गेंदों में 11 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 107 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेली। 2. अर्जुन राजपूत किस राज्य और शहर से हैं? अर्जुन राजपूत पंजाब के जालंधर शहर के रहने वाले हैं। 3. आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ का इस मैच में प्रदर्शन कैसा रहा? आर्यवीर सहवाग ने 22 रन बनाए जबकि अन्वय द्रविड़ ने 10 रनों का योगदान दिया। दोनों को पाकिस्तानी गेंदबाज निकाब शफीक ने आउट किया। 4. अर्जुन राजपूत ने क्रिकेट की कोचिंग कहां से प्राप्त की? अर्जुन राजपूत ने पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की क्रिकेट एकेडमी से ट्रेनिंग हासिल की है। 5. अर्जुन राजपूत का गेंदबाजी में क्या रिकॉर्ड रहा है? अर्जुन एक उपयोगी ऑफ स्पिनर भी हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट के पिछले मुकाबले में मात्र 8 रन देकर 3 विकेट लिए थे। प्रेरणा और सबक अर्जुन राजपूत की सफलता की कहानी साबित करती है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। • पारिवारिक समर्थन की शक्ति: आर्थिक तंगी और दादाजी के छोले-कुलचे बेचने की पृष्ठभूमि के बावजूद परिवार ने अर्जुन के खेल के सपने का हमेशा समर्थन किया। • घरेलू सर्किट में कड़ी मेहनत: पंजाब अंडर-16 की कप्तानी करने से लेकर वीनू मांकड़ और कूच बिहार ट्रॉफी में लगातार रन बनाने तक, अर्जुन ने हर स्तर पर खुद को साबित किया। • ऑलराउंडर क्षमता पर ध्यान: केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि ऑफ स्पिन गेंदबाजी में भी सुधार करके (8 रन पर 3 विकेट) उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा विकसित की। https://trendkia.com/cricket/andara-19-eshiya-kapa-snkata-ke-samaya-chamake-jalandhar-ke-arjun-rajput-pakistan-ke-khilapha-daga-tabaratora-shataka-57887 TrendKia — Har trend, sabse pehle.