अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1990 के दशक का वो दौर जब इन पांच गेंदबाजों का चला था सिक्का 1990 से 1999 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष पांच गेंदबाजों में वसीम अकरम शीर्ष पर रहे, जबकि भारत की तरफ से सिर्फ अनिल कुंबले इस खास सूची में जगह बना सके। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 1990 का दशक गेंदबाजों के अभूतपूर्व दबदबे और आक्रामक प्रदर्शन के लिए हमेशा याद किया जाता है। उस दौर में दुनिया भर की पिचों पर तेज रफ्तार, रिवर्स स्विंग और कलात्मक लेग स्पिन का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने विपक्षी बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ली। दोनों प्रारूपों को मिलाकर इस पूरे दशक में कई गेंदबाजों ने अपनी असाधारण गेंदबाजी से रिकॉर्ड बुक में खास मुकाम बनाया। इस सूची में शीर्ष पायदान से लेकर पांचवें स्थान तक ऐसे दिग्गजों के नाम दर्ज हैं जिन्होंने अपनी गेंदों की धार से मैच का रुख पलटने में महारत हासिल की थी। वसीम अकरम की स्विंग और शीर्ष पायदान पर राज इस पूरे दशक में सबसे सफल गेंदबाज के रूप में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वसीम अकरम पहले पायदान पर मौजूद रहे। उन्होंने 1990 से 1999 के दौरान दोनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों को मिलाकर कुल 257 मुकाबले खेले और शानदार खेल दिखाते हुए 568 विकेट हासिल किए। वसीम अकरम ने इस दौर में 305 पारियों में गेंद संभाली और 3.13 के बेहद कसे हुए इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की। अपनी असाधारण स्विंग और निरंतरता के दम पर उन्होंने इस दशक में 20 मौकों पर एक पारी में पांच विकेट झटकने का करिश्मा किया, जबकि तीन मैचों में उन्होंने 10 या उससे अधिक विकेट लेने में सफलता हासिल की। उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन 119 रन देकर 7 विकेट रहा। वसीम अकरम ने केवल विकेट चटकाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि लंबे स्पेल डालकर प्रतिद्वंद्वी बल्लेबाजों को रन बनाने से रोककर निरंतर दबाव भी कायम रखा। शेन वॉर्न की फिरकी का जादू दूसरे नंबर पर कायम ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न इस ऐतिहासिक फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर काबिज हैं। वॉर्न ने 1992 से 1999 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 213 मैच खेलते हुए 563 विकेट अपनी झोली में डाले। उन्होंने इस समयावधि में 277 पारियों में गेंदबाजी की और अपनी फिरकी के जाल में दुनिया के तमाम बल्लेबाजों को फंसाए रखा। वॉर्न के नियंत्रण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने इस दौरान 1233 मेडन ओवर फेंके और उनका इकॉनमी रेट महज 2.83 का रहा। उन्होंने 17 बार पारी में पांच विकेट और चार मैचों में 10 विकेट चटकाने का असाधारण कारनामा किया। उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 71 रन देकर 8 विकेट रहा। शेन वॉर्न ने गेंद को दोनों तरफ घुमाने की अपनी अनूठी कला से लंबे समय तक विश्व क्रिकेट में अपना खौफ बनाए रखा और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार हुए। वकार यूनिस की तेज रफ्तार और रिवर्स स्विंग का खौफ पाकिस्तान के तूफानी गेंदबाज वकार यूनिस सर्वाधिक विकेट चटकाने वालों की इस सूची में तीसरे स्थान पर रहे। वकार ने 1990 से 1999 के बीच कुल 219 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 548 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। उन्होंने कुल 263 पारियों में गेंदबाजी की और उनका इकॉनमी रेट 3.79 दर्ज किया गया। वकार यूनिस की गेंदबाजी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी तेज रफ्तार और खतरनाक रिवर्स स्विंग रही, जिससे वह नई और पुरानी दोनों गेंदों से समान रूप से कहर बरपाते थे। उन्होंने इस दशक में रिकॉर्ड 30 बार किसी पारी में पांच विकेट झटके और पांच बार किसी मुकाबले में 10 विकेट हासिल किए। 76 रन देकर 7 विकेट उनका इस समयावधि में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उनकी इन घातक यॉर्कर और इनस्विंगिंग गेंदों ने उन्हें अपने जमाने के सबसे खौफनाक गेंदबाजों में स्थापित किया। शीर्ष पांच में इकलौते भारतीय दिग्गज अनिल कुंबले भारत के महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले इस संभ्रांत सूची में चौथे स्थान पर मौजूद हैं और वह शीर्ष पांच में जगह बनाने वाले एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। कुंबले ने 1990 से 1999 के बीच भारत के लिए 242 मैच खेले और 508 विकेट अपने नाम करने का कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने कुल 283 पारियों में बॉलिंग की और 3.03 का बेहद प्रभावशाली इकॉनमी रेट दर्ज कराया। अनिल कुंबले ने इस दौरान 17 बार पारी में पांच विकेट लिए और तीन टेस्ट मैचों में 10 विकेट लेने की उपलब्धि दर्ज की। उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 74 रन देकर 10 विकेट रहा, जब उन्होंने एक ही पारी में विपक्षी टीम के सभी 10 खिलाड़ियों को आउट कर इतिहास रच दिया था। क्रिकेट इतिहास में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को दुनिया के सिर्फ दो अन्य गेंदबाज ही हासिल कर पाए हैं, जो कुंबले की अद्वितीय क्षमता को प्रमाणित करता है। दक्षिण अफ्रीका की रफ्तार एलन डोनाल्ड पांचवें स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड इस सूची को पूरा करते हुए पांचवें पायदान पर रहे। डोनाल्ड ने 1991 से 1999 के बीच 180 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हिस्सा लिया और कुल 490 विकेट हासिल किए। उन्होंने 225 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 3.25 के इकॉनमी रेट से रन दिए। एलन डोनाल्ड अपने आक्रामक रवैये और बिजली जैसी तेज रफ्तार के लिए जाने जाते थे, जिसके सामने बल्लेबाज अक्सर असहज नजर आते थे। उन्होंने इस दशक में 21 बार पारी में पांच विकेट हासिल करने का कमाल दिखाया और तीन मुकाबलों में 10 विकेट लेने का आंकड़ा छुआ। उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 71 रन देकर 8 विकेट रहा। उनकी अनुशासित लाइन और तीखी गेंदों ने दक्षिण अफ्रीका को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक मजबूत ताकत बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। इसका आप पर असर यह ऐतिहासिक आंकड़ा क्रिकेट प्रशंसकों और खेल विश्लेषकों को यह समझने में मदद करता है कि 1990 के दशक में गेंदबाजी का स्तर किस कदर मजबूत और प्रतिस्पर्धी था। • क्रिकेट प्रेमियों के लिए: यह सूची दर्शाती है कि 90 के दशक में दोनों प्रारूपों में बल्ले और गेंद के बीच कितना कड़ा मुकाबला होता था। खेल प्रेमी इन आंकड़ों के जरिए समझ सकते हैं कि आधुनिक टी20 दौर की तुलना में उस समय गेंदबाजों का इकॉनमी रेट कितना नियंत्रित रहता था। • भारतीय क्रिकेट के संदर्भ में: शीर्ष पांच गेंदबाजों में भारत के केवल अनिल कुंबले का नाम होना उस दौर में भारतीय तेज गेंदबाजी की तुलना में स्पिन पर निर्भरता को रेखांकित करता है। यह तथ्य साबित करता है कि कुंबले किस तरह अकेले दम पर लंबे स्पेल डालकर भारतीय आक्रमण को संभालते थे। • आधुनिक गेंदबाजों के लिए सबक: इस सूची के सभी पांच गेंदबाजों ने 2.83 से लेकर 3.79 के इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की, जो आज के युवा गेंदबाजों के लिए अनुशासन का बड़ा उदाहरण है। सटीक लाइन, लेंथ और रिवर्स स्विंग सीखने वाले क्रिकेटरों के लिए यह आंकड़े अध्ययन का विषय हैं। • रिकॉर्ड विश्लेषण: एक पारी में 10 विकेट लेने का कुंबले का कारनामा और वकार के 30 पंजे यह बताते हैं कि विकेट लेने की क्षमता में उस दौर के दिग्गज कितने आगे थे। क्रिकेट इतिहास के शोधकर्ताओं के लिए यह दशक गेंदबाजी कौशल का स्वर्णिम काल माना जाता है। ऐसा क्यों हुआ 1990 के दशक में इन पांच गेंदबाजों की सफलता के पीछे उनकी अनोखी गेंदबाजी कला, असाधारण फिटनेस और पिचों के अनुकूल खुद को ढालने की क्षमता मुख्य कारण रही। • तकनीक और कौशल का विकास: वसीम अकरम और वकार यूनिस ने तेज रफ्तार के साथ पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने की कला को नए स्तर पर पहुंचाया। इस तकनीक ने उन्हें सपाट उपमहाद्वीपीय पिचों पर भी दोनों प्रारूपों में लगातार विकेट निकालने का रास्ता दिया। • कलाई की स्पिन का पुनर्जागरण: शेन वॉर्न और अनिल कुंबले ने अलग-अलग शैलियों की लेग स्पिन से पारंपरिक बल्लेबाजों को पूरी तरह अचंभित कर दिया। वॉर्न के पास गेंद को तेज घुमाने का हुनर था, जबकि कुंबले अपनी गति, उछाल और सटीक निशाने से एलबीडब्ल्यू और बोल्ड करते थे। • लंबे स्पेल डालने की क्षमता: एलन डोनाल्ड और अन्य दिग्गजों ने अपनी फिटनेस के दम पर दिन में 20 से 25 ओवर लगातार तेज गति से फेंकने की आदत विकसित की। इस निरंतर दबाव के कारण विपक्षी बल्लेबाज अक्सर अपनी गलतियों से विकेट गंवा बैठते थे। सवाल-जवाब 1. 1990 से 1999 के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट किस गेंदबाज ने लिए? पाकिस्तान के वसीम अकरम ने 1990 से 1999 के बीच 257 मैचों में कुल 568 विकेट हासिल कर इस सूची में पहला स्थान हासिल किया। 2. 1990 के दशक में शीर्ष पांच विकेट लेने वालों में कौन सा भारतीय गेंदबाज शामिल था? भारत के लेग स्पिनर अनिल कुंबले इस सूची में शामिल एकमात्र भारतीय थे, जिन्होंने 242 मैचों में 508 विकेट लेकर चौथा स्थान हासिल किया। 3. शेन वॉर्न ने 1992 से 1999 के बीच कितने विकेट और मेडन ओवर फेंके? शेन वॉर्न ने 213 मैचों में 563 विकेट लिए और 2.83 के इकॉनमी रेट के साथ 1233 मेडन ओवर फेंके। 4. 1990 के दशक में किसी पारी में सबसे ज्यादा बार पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड किसके नाम रहा? पाकिस्तान के वकार यूनिस ने इस दशक में सबसे ज्यादा 30 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। 5. अनिल कुंबले का इस दशक में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन क्या रहा? अनिल कुंबले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 74 रन देकर 10 विकेट रहा, जहां उन्होंने एक ही पारी में सभी 10 बल्लेबाजों को आउट किया। 6. एलन डोनाल्ड ने 1991 से 1999 के बीच कुल कितने अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किए? दक्षिण अफ्रीका के एलन डोनाल्ड ने 180 मैचों की 225 पारियों में 3.25 के इकॉनमी रेट से कुल 490 विकेट चटकाए। https://trendkia.com/cricket/antararashtriya-kriketa-men-1990-ke-dashaka-ka-vo-daura-jaba-ina-pancha-gendabajon-ka-chala-tha-sikka-56031 TrendKia — Har trend, sabse pehle.