# एशियाई खेलों में श्रीलंका के खिलाफ जीत के बाद ईशान किशन ने बताया खिताबी मुकाबले का खाका

> श्रीलंका के खिलाफ अहम पारी खेलने के बाद भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन ने मुश्किल पिच की रणनीति और खिताबी भिड़ंत की तैयारियों पर अपनी बात रखी।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/asian-games-men-sri-lanka-ke-khilapha-jita-ke-bada-ishan-kishan-ne-bataya-khitabi-mukabale-ka-khaka-41226 · **Language:** Hindi
**Tags:** ईशान किशन, एशियाई खेल, भारतीय क्रिकेट टीम, श्रीलंका क्रिकेट, स्वर्ण पदक मैच

एशियाई खेलों में श्रीलंका के खिलाफ अहम पारी खेलकर टीम को जीत दिलाने के बाद भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन ने बल्लेबाजी की रणनीति और आगामी मुकाबले को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। मुश्किल हालात और चुनौतीपूर्ण पिच पर संयम बरतते हुए उन्होंने टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया। उनका मानना है कि जब सतह से मदद न मिल रही हो, तब तकनीक और अनुशासन ही किसी बल्लेबाज को लंबी पारी खेलने में मदद करते हैं।

## मुश्किल पिच पर 150 रन का सुरक्षित लक्ष्य
ईशान किशन के अनुसार मुकाबला बेहद जटिल सतह पर खेला जा रहा था, जहाँ रन जुटाना आसान नहीं था। भारतीय टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने मिलकर यह तय किया था कि बोर्ड पर एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा करना बेहद जरूरी है। भारतीय एकादश में चार विशेषज्ञ स्पिनर शामिल थे, इसलिए यह माना गया कि यदि टीम किसी तरह 150 रन के आंकड़े तक पहुँच जाती है, तो गेंदबाजों के पास मैच में पकड़ बनाने के लिए पर्याप्त अवसर होंगे। इसी रणनीति के तहत पूरे बल्लेबाजी क्रम ने सुरक्षित स्थिति में पहुँचने का प्रयास किया।

## क्रीज पर टिके बल्लेबाज को अंत तक खेलने का जिम्मा
पारी के दौरान अपने दृष्टिकोण पर बात करते हुए ईशान ने बताया कि उन्होंने केवल परिस्थिति की मांग के अनुरूप ही शॉट चयन पर ध्यान दिया। बीच के ओवरों में पिच के अप्रत्याशित बर्ताव के चलते आत्मविश्वास जुटाना आसान नहीं था। टीम बैठक में पहले ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि जो भी खिलाड़ी क्रीज पर आँखें जमा ले, उसे पूरे 20 ओवर तक टिके रहने का प्रयास करना चाहिए। नए आने वाले बल्लेबाज के लिए ऐसी विषम सतह पर तुरंत बड़े प्रहार करना बेहद जोखिम भरा होता है, इसलिए क्रीज पर जमे बल्लेबाज का अंत तक टिकना टीम हित में था।

## खिताबी मुकाबले को लेकर योजना
स्वर्ण पदक के लिए होने वाले अगले मुकाबले पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि टीम डिफेंडिंग चैंपियन के सामने उतरेगी। उनका मानना है कि ऐसे बड़े मैचों में चीजों को बहुत अधिक उलझाने के बजाय बिल्कुल सीधा और सरल रखना ही कारगर रणनीति होती है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ भी वे यह अच्छी तरह जानते थे कि प्रतिद्वंद्वी टीम स्पिन की मददगार परिस्थितियों में चुनौती पेश करेगी। फाइनल में भी उनका ध्यान जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय खेल के प्रत्येक पल का लुत्फ उठाने और स्वाभाविक प्रदर्शन करने पर केंद्रित रहेगा।

## देश के लिए मेडल का मुकाबला और समर्थकों की ताकत
ईशान ने माना कि जब कोई एथलीट देश के लिए पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरता है, तो मन में एक विशेष अहसास और अतिरिक्त दबाव दोनों मौजूद होते हैं। स्टेडियम में उमड़े दर्शक, लहराते तिरंगे और लगातार मिलती हौसलाअफजाई खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भर देती है। उन्होंने स्थानीय दर्शकों के सहयोगी रवैये की भी सराहना की, जिन्होंने भाषा की बाधा के बावजूद हर संभव मदद की। इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक मंच पर भारतीय प्रशंसकों की मौजूदगी को टीम के लिए संबल बताते हुए कहा कि समर्थक चाहे जीत हो या हार, हमेशा टीम के साथ खड़े रहते हैं।

## इसका आप पर असर
इस मुकाबले और ईशान किशन की रणनीति से भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को टीम की रणनीतिक परिपक्वता देखने को मिली है।

- **क्रिकेट प्रेमियों के लिए:** यह मुकाबला दिखाता है कि मुश्किल सतहों पर धैर्यपूर्वक की गई बल्लेबाजी टी20 प्रारूप में भी मैच जिता सकती है। दर्शक अब आगामी फाइनल में टीम से स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद कर सकते हैं।
- **युवा खिलाड़ियों के लिए:** ईशान की पारी स्पष्ट करती है कि हर मैच में चौके-छक्कों की आक्रामकता के बजाय परिस्थिति अनुसार 20 ओवर टिकना अधिक महत्वपूर्ण होता है। उभरते बल्लेबाज इससे विषम परिस्थितियों में गेम-प्लान बनाना सीख सकते हैं।
- **आगामी टूर्नामेंट के लिए:** स्पिन की मददगार पिचों पर 150 जैसे औसत स्कोर को सुरक्षित लक्ष्य मानने की समझ बड़े टूर्नामेंटों में उपयोगी साबित होती है। इससे गेंदबाजों पर भरोसा मजबूत होता है और टीम संतुलन बेहतर होता है।
- **प्रशंसकों के जुड़ाव पर:** विदेशी पिचों पर भारतीय समर्थकों की मौजूदगी खिलाड़ियों के मनोबल को लगातार ऊंचा बनाए रखती है। प्रशंसक कठिन मैचों में टीम के सबसे बड़े संबल बनकर उभरते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
ईशान किशन की पारी और रणनीति मैच की अत्यंत कठिन परिस्थितियों तथा पिच की प्रकृति के कारण आकार ले सकी।

- **धीमी और टर्निंग पिच:** मुकाबले में इस्तेमाल की गई पिच काफी पेचीदा और धीमी थी, जिस पर नए बल्लेबाजों के लिए तुरंत रन बनाना लगभग असंभव साबित हो रहा था। इसी वजह से क्रीज पर जमे बल्लेबाज को अंत तक टिकने की योजना बनानी पड़ी।
- **चार स्पिनरों की मौजूदगी:** भारतीय एकादश में चार प्रमुख स्पिनर शामिल थे, जिसे ध्यान में रखते हुए टीम ने बड़ा स्कोर बनाने के बजाय 150 रन के व्यावहारिक लक्ष्य को चुना ताकि स्पिनरों को बचाव का अवसर मिल सके।
- **टीम बैठक की तय रणनीति:** टीम प्रबंधन ने पहले ही तय कर दिया था कि मुश्किल सतह पर जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय सुरक्षित रहकर स्कोरबोर्ड को गतिमान रखना ही जीत की कुंजी होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. ईशान किशन ने श्रीलंका के खिलाफ मैच के बाद क्या मुख्य बात कही?
उन्होंने बताया कि पिच काफी पेचीदा थी और चार स्पिनरों को देखते हुए 150 रन का सुरक्षित लक्ष्य हासिल करना सबसे महत्वपूर्ण था।

### 2. टीम बैठक में बल्लेबाजों के लिए क्या योजना बनाई गई थी?
योजना यह थी कि जो भी बल्लेबाज क्रीज पर सेट हो जाए, वह पूरे 20 ओवर तक टिककर खेले ताकि नए बल्लेबाज पर दबाव न बने।

### 3. फाइनल मैच को लेकर ईशान किशन का क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने कहा कि डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ चीजों को सरल रखना है और बिना किसी अतिरिक्त दबाव के खेल का आनंद लेना है।

### 4. ईशान ने विदेशी मैदानों पर भारतीय प्रशंसकों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी खेलने पर भारतीय समर्थक हमेशा मौजूद रहते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त हौसला और कम्फर्ट मिलता है।

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