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  "title": "बाबर आजम बने पाकिस्तानी क्रिकेट की सबसे बड़ी उलझन, चार साल से नहीं आया शतक",
  "summary": "पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम गंभीर समस्या बन गए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और पिछले चार साल से उनके बल्ले से कोई टेस्ट शतक नहीं निकला है।",
  "content": "पाकिस्तान क्रिकेट के गलियारों में इस समय अनुभवी खिलाड़ी बाबर आजम को लेकर गहरी चिंता छाई हुई है। मौजूदा समय में टीम प्रबंधन के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि उन्हें टीम में रखा जाए या बाहर का रास्ता दिखाया जाए। इंग्लैंड के दौरे पर खेली जा रही इस तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। शुरुआती दो मुकाबले गंवाने के बाद पाकिस्तान ने सीरीज पहले ही अपने नाम से गंवा दी थी। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि मेहमान टीम कम से कम आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी साख बचा पाएगी, लेकिन मैदानी हकीकत इसके बिल्कुल उलट साबित हुई और पुरानी गलतियां फिर से दोहराई गईं।\n\nइंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की पहली पारी का हाल\n\nसीरीज के आखिरी और तीसरे मुकाबले की पहली पारी में पूरी पाकिस्तानी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और केवल 133 रन बनाकर सिमट गई। इस महत्वपूर्ण पारी के दौरान कप्तान बाबर आजम ने 18 गेंदों का सामना करते हुए केवल सात रन बनाए और पवेलियन लौट गए। हैरानी की बात यह रही कि बल्लेबाजी क्रम के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में से एक भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छूने में नाकामयाब रहा। पारी के दौरान केवल साउद शकील, रजाउल्ला और मोहम्मद अब्बास ही दहाई का अंक पार करने में सफल हो सके, जिससे पूरी टीम गहरे संकट में नजर आई।\n\n \n\nवापसी के बाद भी नहीं चल रहा बल्ला\n\nबाबर आजम के लिए यह खराब दौर पिछले कुछ समय से लगातार जारी है। फिटनेस संबंधी समस्याओं के कारण वह श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। इसके बाद जब उन्होंने दूसरे मैच में वापसी की, तो पहली पारी में उनके बल्ले से आठ रन निकले और दूसरी पारी में वह महज छह रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह से इस दौरे पर खेली गई तीनों पारियों में से एक बार भी वह दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं, जिसका सीधा असर उनके समग्र टेस्ट औसत पर भी पड़ा है। हालांकि, श्रृंखला के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही उनके आंकड़ों की असली तस्वीर सामने आ पाएगी।\n\nचार साल से टेस्ट शतक का इंतजार\n\nबाबर आजम के करियर का सबसे बड़ा सूखा उनके टेस्ट शतकों को लेकर चल रहा है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर का आखिरी शतक दिसंबर 2022 में लगाया था। उस समय कराची के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला खेला जा रहा था, जिसमें उन्होंने पहली पारी के दौरान शानदार 161 रनों की पारी खेली थी। उस मुकाबले को बीते हुए लगभग चार साल का लंबा वक्त बीत चुका है, लेकिन तब से लेकर आज तक उनके बल्ले से कोई शतकीय पारी देखने को नहीं मिली है। इस लंबे अंतराल के दौरान गिने-चुने मौकों पर ही उनके बल्ले से अर्धशतक निकले हैं, जबकि अधिकांश पारियों में वह सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौटते रहे हैं।\n\nटीम से बाहर होने का मंडरा रहा खतरा\n\nअपने पिछले शतक के बाद से लेकर अब तक बाबर आजम कुल 39 टेस्ट पारियां खेल चुके हैं, जिनमें वह अपनी पुरानी फॉर्म हासिल करने में असफल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के खराब प्रदर्शन के बाद एक बार फिर इस बात की प्रबल संभावना बन रही है कि चयनकर्ता उन्हें आगामी मुकाबलों से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और टीम प्रबंधन के लिए उनका यह खराब फॉर्म एक सिरदर्द बनता जा रहा है।\n\nइसका आप पर असर\nपाकिस्तान क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन और बाबर आजम के फॉर्म में गिरावट का सीधा असर खेल प्रेमियों और देश के खेल जगत पर पड़ रहा है।\n\n• क्रिकेट प्रशंसकों पर असर: राष्ट्रीय टीम के लगातार निराशाजनक प्रदर्शन से खेल प्रेमियों में गहरी निराशा और नाराजगी बढ़ रही है।\n\n• खिलाड़ियों का भविष्य: खराब फॉर्म के चलते बड़े खिलाड़ियों पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे चयनकर्ताओं को कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।\n\n• घरेलू क्रिकेट ढांचा: टीम के लचर प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर घरेलू व्यवस्था और चयन प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने का दबाव बढ़ गया है।\n\n• सीरीज के नतीजे: इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद टीम की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग और प्रतिष्ठा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।\n\n• खिलाड़ियों का मनोबल: लगातार कम स्कोर पर आउट होने से पूरी टीम का मानसिक मनोबल प्रभावित हो रहा है, जिससे आगामी दौरों पर भी असर पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nबाबर आजम के लंबे समय से शतक न बना पाने और पाकिस्तानी टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे तकनीकी कमियां और मानसिक दबाव प्रमुख वजह रहे हैं।\n\n• तकनीकी कमियां: पिछले चार वर्षों में अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों ने उनकी कमजोरियों को भांपकर उसी हिसाब से रणनीति बनाई है, जिससे वे लगातार आउट हो रहे हैं।\n\n• मानसिक दबाव: लंबे समय तक शतक न आने के कारण बल्लेबाज पर क्रीज पर टिकने का अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक दबाव लगातार बढ़ता गया है।\n\n• चोट की समस्याएं: हालिया दौरे पर चोट के कारण शुरुआती मैच न खेल पाना और बीच में टीम से अंदर-बाहर होना भी लय हासिल करने में बाधक बना है।\n\n• शीर्ष क्रम का पतन: टीम के अन्य शीर्ष बल्लेबाजों के भी रन न बना पाने के कारण पूरी बल्लेबाजी इकाई पर दबाव अधिक बढ़ जाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बाबर आजम ने अपना आखिरी टेस्ट शतक कब लगाया था?\nबाबर आजम ने अपना आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में कराची में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था।\n\n2. इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की पूरी टीम कितने रन पर आउट हुई?\nपाकिस्तान की पूरी टीम पहली पारी में केवल 133 रन बनाकर आउट हो गई।\n\n3. इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट की पहली पारी में बाबर आजम ने कितने रन बनाए?\nबाबर आजम ने 18 गेंदों पर केवल सात रन बनाए।\n\n4. आखिरी टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान के कितने शीर्ष बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए?\nटीम के शीर्ष पांच बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार करने में नाकामयाब रहे।\n\n5. अंतिम टेस्ट से पहले बाबर आजम ने इस सीरीज के कितने मैच मिस किए थे?\nचोटिल होने के कारण वह सीरीज का पहला मैच नहीं खेल पाए थे।",
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  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-09-10",
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    "पाकिस्तान क्रिकेट",
    "इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान",
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