बड़ा स्कोर बनाकर भी भारत की हार से दुखी केएल राहुल, बोले वनडे में अब चार सौ रन बनाना जरूरी वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में नाबाद 129 रन बनाने के बावजूद केएल राहुल ने निराशा जताई और कहा कि मौजूदा दौर में 340 रन भी सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए 400 तक पहुंचना होगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने नाबाद 129 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, लेकिन उनकी यह व्यक्तिगत उपलब्धि टीम इंडिया को पराजय से नहीं बचा सकी। इस मुकाबले के बाद अपने विचार साझा करते हुए राहुल ने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत तौर पर मैदान पर लंबा समय बिताने और शतक जड़ने से उनका मनोबल जरूर बढ़ा है, लेकिन पूरी टीम इस बात से निराश है कि वह मुकाबला जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने का मौका गंवा बैठी। सीरीज में क्लीन स्वीप चूकने का मलाल तीसरे एकदिवसीय मुकाबले के समाप्त होने पर जियो स्टार से बात करते हुए केएल राहुल ने कहा कि 129 रन बनाने का संतोष अपनी जगह है, लेकिन मैच में पराजय मिलना और विपक्षी टीम का पूरी तरह सफाया न कर पाना बेहद अखरता है। राहुल के मुताबिक, उनके लिए क्रीज पर पर्याप्त समय गुजारना बेहद आवश्यक हो गया था। दरअसल, जनवरी महीने में न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए मुकाबले के बाद से उन्हें पचास ओवर के प्रारूप में कोई बड़ी और लंबी पारी खेलने का अवसर नहीं मिल सका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले साल अक्टूबर में प्रस्तावित विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह बल्लेबाजी काफी महत्वपूर्ण थी, जिससे अभ्यास सत्रों में सीखी गई नई तकनीकों और रणनीतियों को वास्तविक मैच परिस्थितियों में आजमाया जा सके। विश्व कप 2027 की तैयारी और 400 रनों का लक्ष्य साल 2027 के वनडे विश्व कप की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए केएल राहुल ने खुलासा किया कि भारतीय टीम इन द्विपक्षीय सीरीज का उपयोग नए खिलाड़ियों को परखने के लिए कर रही है। राहुल का मानना है कि आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट में केवल 330 या 340 रन बना लेना जीत की गारंटी नहीं देता, क्योंकि इतने बड़े स्कोर भी आसानी से चेज हो रहे हैं। इसी कारण बल्लेबाजों की प्राथमिकता यह बन चुकी है कि क्रीज पर एक बार आंखें जम जाने के बाद आक्रामक रुख अपनाकर स्कोर को 370 से 400 रन के पार पहुंचाया जाए। मध्यक्रम के दायित्वों को रेखांकित करते हुए राहुल ने समझाया कि मध्यक्रम में आने वाले बल्लेबाजों का मुख्य काम मैदान पर उतरते ही तेजी से रन गति बढ़ाना और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते रहना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे प्रमुख तथा अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने का शानदार अवसर मिला है, ताकि आने वाले विश्व कप के लिए एक बेहद मजबूत और संतुलित टीम तैयार की जा सके। तीसरे वनडे मुकाबले का लेखा-जोखा इस तीसरे एकदिवसीय मुकाबले की बात करें तो पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस पारी में केएल राहुल ने नाबाद रहते हुए 129 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 10 चौके और 6 छक्के निकले। उनके अलावा कप्तान रोहित शर्मा ने भी 85 गेंदों का सामना करते हुए 92 रनों का उम्दा योगदान दिया था। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम ने आक्रामक और संयमित खेल दिखाते हुए 48.4 ओवरों में 5 विकेट खोकर 352 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कैरेबियाई टीम की इस शानदार जीत के सूत्रधार उनके कप्तान शाई होप रहे, जिन्होंने 143 गेंदों पर 162 रनों की शतकीय और मैच जिताऊ पारी खेली। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रेमियों और प्रशंसकों के लिए यह मैच वनडे क्रिकेट के बदलते मिजाज और भारतीय टीम की रणनीति के नए संकेत देता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: आधुनिक वनडे क्रिकेट में 350 रनों के करीब स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। आने वाले मुकाबलों में दर्शकों को 400 रनों के आक्रामक लक्ष्य और रोमांचक चेज देखने को मिलेंगे। • टीम संतुलन के लिहाज से: जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे प्रमुख गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में युवा गेंदबाजों की परीक्षा हो रही है। यदि भारत को बड़े स्कोर बचाने हैं, तो गेंदबाजी विभाग में अधिक अनुशासन और धार की आवश्यकता होगी। • मध्यक्रम की भूमिका पर: केएल राहुल का फॉर्म में लौटना भारतीय मध्यक्रम के लिए शुभ संकेत है। विश्व कप की तैयारियों के बीच सेट होने के बाद तेजी से रन जुटाने की रणनीति अब नियमित रूप से अमल में लाई जाएगी। • आगामी सीरीज पर असर: क्लीन स्वीप चूकने के बावजूद प्रयोगों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। नए खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव देकर विश्व कप के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसा क्यों हुआ भारतीय टीम 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बावजूद वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा एकदिवसीय मुकाबला गंवा बैठी, जिसके पीछे मुख्य रूप से कैरेबियाई बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन और भारतीय गेंदबाजी का बेअसर होना रहा। • शाई होप की कप्तानी पारी: वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 143 गेंदों पर 162 रनों की असाधारण पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह अपनी टीम की तरफ मोड़ दिया। उन्होंने पारी को अंत तक संभाला और 48.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल करवा दिया। • प्रमुख गेंदबाजों की अनुपस्थिति: इस मुकाबले में भारत अपने प्रमुख स्ट्राइक गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल के बिना मैदान में उतरा था। नए और प्रयोग के तौर पर उतारे गए गेंदबाज आखिरी ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। • सपाट पिच और आधुनिक रन चेज: आधुनिक क्रिकेट में पाटा विकेटों पर 340-350 रनों के लक्ष्य भी सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं। भारतीय बल्लेबाजों ने 351 रन तो बना लिए, लेकिन सेट होने के बाद 370 से 400 तक न पहुंच पाना अंत में भारी पड़ गया। सवाल-जवाब 1. तीसरे वनडे में केएल राहुल ने कितने रन बनाए? केएल राहुल ने 10 चौकों और 6 छक्कों की मदद से नाबाद 129 रनों की शतकीय पारी खेली। 2. भारत ने तीसरे वनडे मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कितना स्कोर बनाया था? भारतीय टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रन बनाए थे। 3. वेस्टइंडीज की ओर से मैच जिताऊ पारी किस खिलाड़ी ने खेली? वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 143 गेंदों पर 162 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई। 4. केएल राहुल ने 400 रन बनाने की जरूरत क्यों बताई? राहुल का मानना है कि आधुनिक वनडे में 330-340 रन भी आसानी से चेज हो जाते हैं, इसलिए बल्लेबाजों को 370 से 400 रन का लक्ष्य रखना चाहिए। 5. तीसरे वनडे में भारत की ओर से रोहित शर्मा का क्या योगदान रहा? रोहित शर्मा ने 85 गेंदों पर 92 रनों की शानदार पारी खेली। 6. केएल राहुल ने किन प्रमुख गेंदबाजों की गैरमौजूदगी का जिक्र किया? राहुल ने जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल की गैरमौजूदगी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका मिला। https://trendkia.com/cricket/bara-skora-banakara-bhi-bharata-ki-hara-se-dukhi-kl-rahul-bole-vanade-men-aba-chara-sau-rana-banana-jaruri-42834 TrendKia — Har trend, sabse pehle.