बीसीसीआई की वार्षिक बैठक में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल विस्तार और रांची टेस्ट पर सचिव देवजीत सैकिया ने स्थिति साफ की बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला समय आने पर लेने की बात कही है। साथ ही रांची में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट के आयोजन स्थल बदलाव की अटकलों को खारिज किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की बहुप्रतीक्षित वार्षिक आम बैठक के समापन के बाद राष्ट्रीय टीम और चयन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर स्थिति स्पष्ट की गई है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने मुंबई स्थित मुख्यालय में संवाददाताओं से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि वरिष्ठ चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर के कार्यकाल पर उचित अवसर आने पर अंतिम निर्णय सामने आएगा। अगरकर की अध्यक्षता वाली समिति की मौजूदा अवधि चार अक्टूबर को समाप्त हो रही है, जिससे उनके सेवा विस्तार को लेकर क्रिकेट जगत में व्यापक उत्सुकता बनी हुई है। अगरकर के कार्यकाल विस्तार पर बोर्ड का रुख देवजीत सैकिया ने बताया कि मुख्य चयनकर्ता के भविष्य को लेकर किसी भी जल्दबाजी में निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं है। सैकिया ने कहा, 'हमारे पास अभी 15 दिन बाकी हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि क्रिकेट के मैदान और प्रशासन दोनों में पंद्रह दिनों की अवधि पर्याप्त लंबी मानी जाती है। बोर्ड के अनुसार वार्षिक बैठक में किसी खास पदधारक अथवा व्यक्ति विशेष के मूल्यांकन पर केंद्रित चर्चा नहीं की गई। अगरकर ने हाल ही में नई दिल्ली के भीतर संपन्न हुई चयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया था, जो उनके वर्तमान कार्यकाल की आखिरी निर्धारित आधिकारिक बैठक मानी जा रही थी। आने वाले समय में 2027 के एकदिवसीय विश्व कप की तैयारियों, खिलाड़ियों की कार्यभार व्यवस्था और फिटनेस प्राथमिकताओं को लेकर बोर्ड तथा चयन प्रमुख के बीच विचारों के तालमेल को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त इंग्लैंड दौरे की समीक्षा बैठक में अगरकर की अनुपस्थिति ने भी इन प्रशासनिक समीकरणों पर ध्यान आकर्षित किया था। सीनियर खिलाड़ियों का भविष्य और विश्व कप की योजनाएं न्यूजीलैंड के विरुद्ध भारत की सीनियर टीम और भारत-ए के आगामी घरेलू कार्यक्रम लगभग एक माह बाद शुरू होने तय हैं। ऐसे नाजुक मोड़ पर चयन समिति के प्रमुख पद पर स्थिरता बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। क्रिकेट जगत के जानकारों और पूर्व खिलाड़ियों के एक वर्ग का विचार है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में बीते तीन वर्षों के निरंतर संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए अगरकर को अपनी जिम्मेदारियों पर बने रहने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि प्रशासनिक हलकों में एक अन्य दृष्टिकोण बदलाव के पक्ष में भी देखा गया है, किंतु विश्व कप चक्र के बीच इतने बड़े दायित्व को संभालने के लिए तत्काल कोई उपयुक्त और अनुभवी विकल्प उपलब्ध नहीं दिखाई देता। आने वाले महीनों में रोहित शर्मा तथा विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय भविष्य और प्रारूप प्राथमिकताओं से संबंधित नीतिगत फैसले भी इसी समिति के अधिकार क्षेत्र में आने हैं। रांची टेस्ट के आयोजन स्थल पर अटकलों पर विराम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला के अंतर्गत रांची में होने वाले टेस्ट मैच को किसी अन्य मैदान पर स्थानांतरित किए जाने की अटकलों को भी बोर्ड ने सिरे से नकार दिया है। यह महत्वपूर्ण टेस्ट मुकाबला 19 से 23 फरवरी के बीच आयोजित किया जाना निर्धारित है। सैकिया ने उन प्रशासनिक खबरों को निराधार बताया जिनमें कहा जा रहा था कि टीम प्रबंधन रांची के मैदान पर खेलने से परहेज कर रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि टेस्ट के आयोजन में अभी छह महीने का वक्त शेष है और आयोजन स्थल में फेरबदल को लेकर बोर्ड के पास किसी भी पक्ष से कोई आधिकारिक आग्रह प्राप्त नहीं हुआ है। इस प्रकार रांची में मुकाबले का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। जूनियर चयन समिति और क्षेत्ररक्षण कोच की नियुक्ति भारतीय क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से जूनियर चयन समिति के पुनर्गठन की रूपरेखा भी साझा की गई। सैकिया के अनुसार क्रिकेट सलाहकार समिति जल्द ही प्राप्त आवेदनों में से योग्य प्रत्याशियों का साक्षात्कार लेगी। बड़ी संख्या में मिले आवेदनों की समीक्षा के बाद अगले दस से पंद्रह दिनों के भीतर इस चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में भी एक अहम जिम्मेदारी तय की गई है। टी. दिलीप के जाने के पश्चात असम के पूर्व रणजी खिलाड़ी सुब्हदीप घोष को भारतीय टीम का अंतरिम क्षेत्ररक्षण कोच नियुक्त किया गया है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि घोष को फिलहाल सीमित समय के लिए यह दायित्व सौंपा गया है और उनके कार्य के समग्र मूल्यांकन के बाद ही उन्हें लंबे अनुबंध पर विचार किया जाएगा। न्यूजीलैंड दौरे के उपरांत उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी और यदि परिणाम संतोषजनक रहे तो दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे विश्व कप तक उनके कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है। इसका आप पर असर बीसीसीआई के इन फैसलों से भारतीय क्रिकेट के चयन ढांचे और घरेलू मैचों के आयोजन कार्यक्रम पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: रांची में होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट मैच के टिकट और यात्रा योजनाएं बिना किसी असमंजस के तय की जा सकती हैं। आयोजन स्थल न बदलने से स्थानीय दर्शकों को विश्व स्तरीय टेस्ट मुकाबला देखने को मिलेगा। • टीम संयोजन पर प्रभाव: मुख्य चयनकर्ता के पद पर फैसला होने तक खिलाड़ियों के चयन में मौजूदा निरंतरता बनी रहेगी। वरिष्ठ और युवा खिलाड़ियों दोनों के लिए विश्व कप की योजनाओं के तहत चयन प्रक्रिया स्थिर रहेगी। • युवा प्रतिभाओं के लिए: नई जूनियर चयन समिति के गठन से उभरते हुए युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने के स्पष्ट अवसर खुलेंगे। 10 से 15 दिनों में नए चयनकर्ताओं की नियुक्ति से अंडर-19 और राज्य स्तर की प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित होगा। • क्षेत्ररक्षण तैयारी पर असर: नए क्षेत्ररक्षण कोच की नियुक्ति से राष्ट्रीय टीम के अभ्यास सत्रों और ग्राउंड फील्डिंग में नए तौर-तरीके देखने को मिलेंगे। यह अल्पकालिक व्यवस्था आगामी न्यूजीलैंड श्रृंखला में खिलाड़ियों की फिटनेस और चुस्ती को परखेगी। ऐसा क्यों हुआ बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक में चयन समिति के अध्यक्ष के कार्यकाल की समाप्ति और आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं की तैयारियों के कारण ये निर्णय और स्पष्टीकरण सामने आए। • कार्यकाल की समयसीमा: मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का वर्तमान कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। इसके चलते बोर्ड को आगामी विश्व कप चक्र और महत्वपूर्ण दौरों को ध्यान में रखते हुए सेवा विस्तार अथवा नए विकल्प पर विचार करना पड़ा। • आयोजन स्थल पर फैली भ्रांतियां: मीडिया हलकों में भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा रांची में खेलने से हिचकिचाने की अप्रमाणित खबरें प्रकाशित हुई थीं। बोर्ड सचिव को आधिकारिक रूप से स्पष्ट करना पड़ा कि आयोजन स्थल बदलने का कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था। • सपोर्ट स्टाफ में रिक्तियां: पूर्व क्षेत्ररक्षण कोच टी. दिलीप के कार्यकाल समाप्ति के बाद टीम को आगामी विदेशी और घरेलू दौरों के लिए तत्काल एक सक्षम कोच की आवश्यकता थी। इसी वजह से सुब्हदीप घोष को अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई। सवाल-जवाब 1. अजीत अगरकर का वर्तमान कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है? अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। 2. क्या रांची में होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट का आयोजन स्थल बदला जा रहा है? नहीं, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया है कि आयोजन स्थल बदलने का कोई अनुरोध नहीं मिला है और मैच रांची में ही होगा। 3. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रांची टेस्ट कब से कब तक खेला जाएगा? यह टेस्ट मुकाबला 19 से 23 फरवरी तक खेला जाना निर्धारित है। 4. भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया क्षेत्ररक्षण कोच किसे बनाया गया है? असम के पूर्व रणजी खिलाड़ी सुब्हदीप घोष को अंतरिम आधार पर भारतीय टीम का क्षेत्ररक्षण कोच नियुक्त किया गया है। 5. सुब्हदीप घोष के प्रदर्शन की समीक्षा कब की जाएगी? उनके प्रदर्शन का आकलन न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला के बाद किया जाएगा। 6. जूनियर चयन समिति के गठन को लेकर बीसीसीआई की क्या योजना है? क्रिकेट सलाहकार समिति अगले 10 से 15 दिनों में योग्य उम्मीदवारों के साक्षात्कार लेकर नई जूनियर समिति की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेगी। https://trendkia.com/cricket/bcci-ki-varshika-baithaka-men-mukhya-chayanakarta-ajit-agarkar-ke-karyakala-vistara-aura-ranchi-test-para-sachiva-devajit-saikia-n-34091 TrendKia — Har trend, sabse pehle.