# भारतीय क्रिकेट सलाहकार समिति के विस्तार की वकालत, गावस्कर ने दिग्गज खिलाड़ियों को शामिल करने की उठाई आवाज

> सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई से क्रिकेट सलाहकार समिति का दायरा बढ़ाने और उसमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ व सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों को जोड़ने का सुझाव दिया है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/bharatiya-kriketa-salahakara-samiti-ke-vistara-ki-vakalata-gavaskar-ne-diggaja-khilariyon-ko-shamila-karane-ki-uthai-avaja-34784 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुनील गावस्कर, बीसीसीआई, क्रिकेट सलाहकार समिति, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, भारतीय क्रिकेट

विश्व क्रिकेट में भारतीय टीम के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद व्यवस्था से जुड़ी कुछ बारीकियों पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व दिग्गज सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई से अपील की है कि वह अपनी क्रिकेट सलाहकार समिति के कामकाज और प्रभाव क्षेत्र पर दोबारा गंभीरता से विचार करे। उनका मानना है कि वर्तमान दौर में क्रिकेट के बदलते स्वरूप को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के सलाहकार तंत्र का मजबूत और दूरगामी होना बेहद जरूरी है।

गावस्कर का साफ तौर पर कहना है कि सलाहकार समिति के अधिकार और जिम्मेदारियां केवल सीमित दायरों तक नहीं रहनी चाहिए। इस पैनल को विस्तार देकर देश के महानतम पूर्व क्रिकेटरों के विशाल अनुभव का फायदा भारतीय क्रिकेट के विकास में उठाया जाना चाहिए। यह सुझाव दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में ईस्ट जोन की रणनीति पर नाराजगी जताने के बाद सामने आया है, जहां ईशान किशन की अगुवाई वाली टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी जीत ली थी। गावस्कर पहले भी पहली पारी की बढ़त वाले नियम को लेकर अपनी असहमति जाहिर कर चुके हैं।

## वर्तमान समिति का स्वरूप और जिम्मेदारियां
बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति में साल 2022 के दौरान नियुक्तियां की गई थीं। उस समय इस समिति में अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षण नाइक को शामिल किया गया था। इस पैनल का मुख्य कार्य राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ताओं की नियुक्ति करना तथा उनके साक्षात्कार आयोजित करना रहा है। हालांकि, मौजूदा समय में इस बात को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह समिति अभी भी अपने पुराने स्वरूप में सक्रिय है या इसे समाप्त कर दिया गया है।

## दायरा बढ़ाकर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय मामलों को जोड़ने का प्रस्ताव
गावस्कर की राय है कि बोर्ड को इस समिति का अधिकार क्षेत्र केवल कोच या चयनकर्ता चुनने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसके बजाय घरेलू टूर्नामेंटों और अंतरराष्ट्रीय दौरों के पूरे कार्यक्रम जैसे खेल से जुड़े अहम मुद्दों को भी इसके तहत लाया जाना चाहिए। उन्होंने डेली मेल में अपने कॉलम के जरिए यह बात उठाई कि बोर्ड में चयन समितियों और सलाहकार समिति के अलावा अन्य कोई विशेष समितियां नहीं बची हैं, इसलिए अब समय आ गया है कि इस समिति के संक्षिप्त दायरे को बड़ा रूप दिया जाए।

## महान दिग्गजों को पैनल में लाने की अपील
सुनील गावस्कर चाहते हैं कि इस समिति में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी दी जाए। अपने विचार रखते हुए उन्होंने लिखा, 
> "सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग जैसे नामों के बारे में क्या खयाल है, कुछ ही नाम गिनाने के लिए? अध्यक्ष और सचिव भी वहीं होंगे."

गावस्कर का विश्वास है कि तेंदुलकर और द्रविड़ जैसे दिग्गजों को कोचिंग और डेवलपमेंट ढांचे से जुड़ी अहम बैठकों में शामिल करने से पूरी व्यवस्था को बेहतर विशेषज्ञता, वजन और रणनीतिक मजबूती हासिल होगी।

## इसका आप पर असर
क्रिकेट प्रशंसकों और उभरते घरेलू खिलाड़ियों के लिए यह सुझाव खेल प्रशासन और मैच के नियमों में सुधार का संकेत देता है।

- **क्रिकेट प्रशंसकों पर असर:** घरेलू मैचों में रक्षात्मक खेल और पहली पारी की बढ़त जैसे नियमों की समीक्षा हो सकती है। इससे प्रशंसकों को अधिक प्रतिस्पर्धी और नतीजे वाले मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।
- **घरेलू क्रिकेटरों पर असर:** यदि खेल के दिग्गजों को निर्णय प्रक्रिया में जगह मिलती है तो खिलाड़ियों के विकास कार्यक्रम बेहतर होंगे। इससे उभरते खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर कैलेंडर का सीधा फायदा मिलेगा।
- **प्रशासनिक फैसलों पर असर:** चयन समिति और कोच की नियुक्ति में अधिक पारदर्शिता और विशेषज्ञता आ सकती है। बोर्ड के फैसलों में पूर्व कप्तानों की राय से टीम संयोजन ज्यादा मजबूत होगा।
- **शेड्यूल प्रबंधन पर असर:** घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दौरों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। इससे शीर्ष खिलाड़ियों के वर्कलोड और घरेलू टूर्नामेंट्स की गरिमा दोनों की सुरक्षा होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सुनील गावस्कर ने यह मांग घरेलू क्रिकेट के एक अहम मुकाबले में अपनाई गई रणनीति और प्रशासनिक ढांचे की सीमाओं को देखकर उठाई है।

- **दलीप ट्रॉफी का नतीजा:** दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब जीता, जिसमें आक्रामक खेल की कमी दिखी। गावस्कर ने इस मैच में अपनाई गई रणनीति और नियम पर अपनी कड़ी असहमति जताई।
- **सीएसी का सीमित दायरा:** साल 2022 में बनी सलाहकार समिति का काम केवल कोच और चयनकर्ता चुनने तक सीमित रहा है। गावस्कर का मानना है कि इतने छोटे अधिकार क्षेत्र से भारतीय क्रिकेट की बड़ी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता।
- **अन्य समितियों की कमी:** वर्तमान में चयन पैनल और सलाहकार समिति के अलावा खेल से जुड़े व्यापक मामलों के लिए कोई विशेषज्ञ मंच सक्रिय नहीं है। इसी खालीपन को भरने के लिए गावस्कर ने दिग्गज खिलाड़ियों के अनुभव को जोड़ने का तर्क दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई से क्या मांग की है?
गावस्कर ने क्रिकेट सलाहकार समिति की भूमिका पर पुनर्विचार करने और उसके अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने की मांग की है।

### 2. गावस्कर ने सलाहकार समिति में किन पूर्व क्रिकेटरों के नाम सुझाए हैं?
उन्होंने सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गजों को शामिल करने का सुझाव दिया है।

### 3. साल 2022 में गठित सीएसी में कौन-कौन शामिल थे?
साल 2022 में बनी इस समिति में अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षण नाइक को नियुक्त किया गया था।

### 4. गावस्कर ने यह सुझाव किस घटना के बाद दिया?
उन्होंने यह सुझाव दलीप ट्रॉफी फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब जीतने वाली ईस्ट जोन की रणनीति की आलोचना के बाद दिया।

### 5. सलाहकार समिति का मुख्य कार्य क्या रहा है?
इस समिति का मुख्य कार्य राष्ट्रीय मुख्य कोच और चयनकर्ताओं का चयन करना तथा उनके इंटरव्यू लेना रहा है।

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