सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट गंवाने के बाद ईशान किशन की दमदार वापसी, पांच पारियों से बदला खेल का रुख बोर्ड के अनुबंध से बाहर होने के बाद ईशान किशन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जबर्दस्त वापसी की है। विभिन्न प्रारूपों में उनकी पांच बेहतरीन पारियों ने टीम इंडिया को संकट से उबारते हुए मैच जिताने में अहम भूमिका निभाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की डगर किसी भी खिलाड़ी के लिए हमेशा एक जैसी नहीं रहती, और जब किसी खिलाड़ी से केंद्रीय अनुबंध छिन जाए तथा उसे लगातार चयन से दरकिनार किया जाने लगे, तो वापसी की राह और कठिन हो जाती है। भारतीय टीम के बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने इस मुश्किल दौर से गुजरने के बाद जिस अंदाज में अपनी जगह दोबारा बनाई है, वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े उदाहरणों में शामिल हो चुका है। साल 2026 विश्व कप के आसपास टीम में लौटे इस खिलाड़ी ने कुछ ही महीनों के भीतर नाजुक मौकों पर ढाल बनकर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। चाहे विदेशी जमीन की दरार वाली सूखी पिचें हों या तेज गेंदबाजों की मददगार परिस्थितियां, ईशान किशन ने हर चुनौती के सामने रन बनाकर अपनी तकनीकी और आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई उनकी पारी ने साफ कर दिया कि दबाव के क्षणों में वे विरोधी टीम से मैच छीनने का हुनर बखूबी जानते हैं। वापसी के सफर में उन्होंने पांच ऐसे मुकाबले खेले हैं, जिन्होंने उनके आत्मविश्वास और भारतीय बल्लेबाजी क्रम में उनकी उपयोगिता को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। नागोया में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 80 रनों की जुझारू पारी एशियन गेम्स के दौरान जापान के नागोया में खेली गई पारी ईशान किशन के नए अवतार को पूरी दुनिया के सामने ले आई। वहां की पिच पूरी तरह सूखी थी, जिस पर दरारें साफ नजर आ रही थीं और गेंद असामान्य रूप से घूम रही थी। भारतीय टीम उस मैच में गंभीर दबाव में घिर चुकी थी, लेकिन ईशान ने क्रीज पर कदम रखते ही जवाबी हमला बोल दिया। उन्होंने केवल 46 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 80 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। स्पिनरों की घूमती गेंदों के सामने जिस तरह उन्होंने आगे बढ़कर शॉट खेले और गेंद की लेंथ को जल्दी भांपा, उसने कमेंट्री बॉक्स में बैठे संजय मांजरेकर और अजय जडेजा को भी कायल कर दिया। दोनों पूर्व दिग्गजों ने इस पारी को ईशान के करियर की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी करार दिया। इस आक्रामक रवैये ने न सिर्फ टीम को सुरक्षित स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि भारत की जीत की ठोस नींव भी तैयार कर दी। अफगानिस्तान के सामने वनडे में ठोका 125 रनों का तूफानी शतक वनडे प्रारूप में भी ईशान किशन का बल्ला उसी रवानगी से चला, जिसके लिए वे घरेलू क्रिकेट में जाने जाते रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। इस मैच में ईशान ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस शतकीय पारी के दौरान उनके बल्ले से 14 चौके और 7 छक्के निकले। गेंदबाजों के खिलाफ पहले ही ओवर से आक्रामकता दिखाना और बिना किसी झिझक के बड़े शॉट खेलना उनकी इस पारी की पहचान बना। उन्होंने किसी भी अफगान गेंदबाज को अपनी लेंथ पकड़ने का मौका नहीं दिया और पूरे खेल का रुख भारत के पक्ष में मोड़कर रख दिया। जिम्बाब्वे के खिलाफ 44 गेंदों पर कूटे 81 रन टी20 प्रारूप में ईशान किशन ने यह साबित किया कि वे तेजी से रन गति बढ़ाने में कितने कारगर हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने केवल 44 गेंदें खेलकर 81 रन जुटाए। इस पारी में 9 दर्शनीय चौके और 2 छक्के शामिल थे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 184 से भी अधिक दर्ज किया गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम को एक तेज शुरुआत की दरकार थी, जिसे ईशान ने अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से पूरा किया। उनके इस प्रहार के चलते विपक्षी गेंदबाजी बिखर गई और भारत के लिए यह मुकाबला बेहद आसान बन गया। इंग्लैंड की मजबूत चुनौती के बीच 35 गेंदों में बनाए 56 रन विश्वस्तरीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने भी ईशान किशन के तेवर नरम नहीं पड़े। इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने मात्र 35 गेंदों पर 56 रन ठोक दिए। इस पारी में उन्होंने 7 चौके और 2 छक्के जड़े। विपक्षी टीम की तेज रफ्तार और स्विंग के बावजूद ईशान ने आक्रामक लाइन पकड़े रखी। उनकी इस तेजतर्रार पारी ने न सिर्फ विपक्षी गेंदबाजों का हौसला तोड़ा, बल्कि मिडिल ऑर्डर के आने वाले बल्लेबाजों के लिए रास्ता भी पूरी तरह खोल दिया, जिसके दम पर भारत ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की। पाकिस्तान के खिलाफ बड़े मैच में 40 गेंदों पर 77 रनों का धमाका दबाव के लिहाज से भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा सबसे कठिन माना जाता है, लेकिन ईशान किशन ने यहां भी अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की बेहद उपयोगी पारी खेलकर भारतीय स्कोरबोर्ड को विशाल रूप दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी के दम पर भारत ने मजबूत स्कोर खड़ा किया और बाद में इस मुकाबले को 61 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया। पिच पर चाहे असमान उछाल हो, गेंद हवा में लहरा रही हो, सीम मिल रही हो या टर्न, बाएं हाथ के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने साबित कर दिया है कि वे हर परिस्थिति में रन बना सकते हैं। जापान में दिखाई गई उनकी जुझारू क्षमता इस बात का प्रमाण है कि वे अपनी वापसी के दूसरे दौर को हमेशा के लिए यादगार बनाने के संकल्प के साथ खेल रहे हैं। इसका आप पर असर ईशान किशन की इस शानदार वापसी ने भारतीय सफेद गेंद क्रिकेट में शीर्ष और मध्यक्रम के संयोजन को लेकर नई प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है। • टीम इंडिया के चयन पर: किशन के लगातार फॉर्म ने विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान के लिए दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है। इसके चलते आगामी टूर्नामेंटों में अन्य बल्लेबाजों पर भी अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा। • आगामी टूर्नामेंटों की रणनीति पर: किसी भी क्रम पर तेज रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम प्रबंधन को रणनीतिक लचीलापन प्रदान करती है। टीम अब मुश्किल पिचों पर भी एक अतिरिक्त आक्रामक विकल्प के साथ मैदान पर उतर सकती है। • घरेलू क्रिकेटरों के नजरिए से: केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने के बाद की गई यह वापसी घरेलू खिलाड़ियों के लिए बड़ा संदेश है। यह दिखाती है कि बोर्ड के फैसले के बावजूद मैदान पर लगातार रन बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर फिर जगह पाई जा सकती है। • फैंस और दर्शकों के लिए: दर्शकों को भारत के मैचों में शीर्ष क्रम से बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी देखने को मिल रही है। स्पिन और सीम दोनों के खिलाफ उनके बड़े शॉट्स भारतीय पारी को तेज गति देने में मददगार साबित हो रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ केंद्रीय अनुबंध गंवाने और चयन से बाहर होने के बाद ईशान किशन ने अपनी बल्लेबाजी तकनीक और मानसिकता में बड़ा बदलाव किया, जिसके चलते यह जबर्दस्त वापसी संभव हुई। • तकनीक और फुटवर्क में सुधार: नागोया जैसी सूखी और टर्न लेती पिचों पर उन्होंने स्पिनरों की लेंथ पर तेजी से चढ़कर खेलना शुरू किया। क्रीज के इस्तेमाल और गेंद की गति को भांपने की उनकी नई समझ ने उन्हें स्पिन के खिलाफ और अधिक घातक बना दिया। • दबाव में जवाबी हमले की रणनीति: मुश्किल हालातों में रक्षात्मक होने के बजाय उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया। श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी टीमों के खिलाफ शुरुआती विकेट गिरने पर भी उन्होंने रन गति नहीं गिरने दी, जिससे विरोधी गेंदबाजी की लय बिगड़ी। • मौकों को भुनाने की भूख: टीम में दोबारा शामिल होने के बाद उन्होंने हर पारी को निर्णायक बनाने का लक्ष्य रखा। बोर्ड से बाहर रहने के दौर ने उनके भीतर प्रदर्शन करने और लंबी पारियां खेलने की प्रतिबद्धता को और गहरा किया। सवाल-जवाब 1. ईशान किशन ने श्रीलंका के खिलाफ नागोया में कितने रन बनाए? ईशान किशन ने नागोया में श्रीलंका के खिलाफ 46 गेंदों पर नाबाद 80 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। 2. अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में उनका स्कोर क्या रहा? अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 79 गेंदों पर 125 रनों की शतकीय पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। 3. जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 मैच में ईशान किशन का स्ट्राइक रेट कितना था? जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 44 गेंदों पर 81 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 184 से अधिक का रहा। 4. संजय मांजरेकर और अजय जडेजा ने किस पारी को उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी बताया? दोनों पूर्व क्रिकेटरों ने नागोया की टर्निंग पिच पर श्रीलंका के खिलाफ खेली गई उनकी 80 रनों की नाबाद पारी को उनके करियर की बेस्ट पारी करार दिया। 5. पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भारत ने कितने रन से जीत हासिल की थी? ईशान किशन की 40 गेंदों पर 77 रनों की पारी के दम पर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले को 61 रनों से जीता था। प्रेरणा और सबक ईशान किशन की वापसी से यह साबित होता है कि करियर में आने वाले झटके केवल अस्थायी होते हैं, यदि खिलाड़ी अपने खेल और लगन पर भरोसा बनाए रखे। • अनुबंध छिनने पर भी धैर्य: बोर्ड के केंद्रीय अनुबंध से बाहर होने के बाद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी ऊर्जा को खेल सुधारने में लगाया। विपरीत परिस्थितियों में विचलित न होकर काम करते रहना ही बड़ी वापसी की नींव बनता है। • कठिन परिस्थितियों को अवसर बनाना: नागोया की दरार भरी और टर्निंग पिच पर जहां अन्य बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, वहां उन्होंने बेखौफ खेलकर मैच जिताया। मुश्किलें ही अपनी असाधारण क्षमता साबित करने का सबसे बेहतर मंच होती हैं। • हर मौके की पूरी कद्र करना: दूसरी पारी में मिले हर अवसर को उन्होंने शतकों और अर्धशतकों में बदलकर टीम के लिए उपयोगी बनाया। मिले हुए अवसरों का पूरा सम्मान करके ही कोई अपनी जगह पक्की कर सकता है। https://trendkia.com/cricket/central-contract-gnvane-ke-bada-ishan-kishan-ki-damadara-vapasi-pancha-pariyon-se-badala-khela-ka-rukha-41131 TrendKia — Har trend, sabse pehle.