चयन पर उठ रहे सवालों के बीच बाबर आजम बोले, टीम चुनना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के आगाज से ठीक पहले पाकिस्तान की टीम में हुए बदलावों पर कप्तान बाबर आजम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि खिलाड़ियों का चयन करना उनके हाथ में नहीं है, बल्कि उनका मुख्य काम कप्तान के तौर पर उपलब्ध खिलाड़ियों से बेहतरीन खेल निकलवाना है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के चयन को लेकर एक बार फिर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से ठीक पहले टीम में अचानक किए गए कई बदलावों के बीच कप्तान बाबर आजम ने खुलकर अपनी बात रखी है और साफ कर दिया है कि खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना या उन्हें बाहर करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चयनकर्ता और कोच उन्हें जिस भी 15 सदस्यीय टीम की जिम्मेदारी सौंपते हैं, उनका एकमात्र काम उन खिलाड़ियों से मैदान पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना होता है। रावलपिंडी में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मुकाबले से ठीक एक दिन पहले मीडिया से बातचीत करते हुए बाबर आजम ने स्पष्ट किया कि वह टीम के चयन को लेकर अपनी राय या सुझाव जरूर देते हैं, लेकिन अंतिम मुहर हमेशा चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ का ही फैसला होती है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें जो भी खिलाड़ी दिए जाते हैं, उन्हें मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार रखना और उनसे मैच जिताने वाला खेल दिखाना ही उनकी असल जिम्मेदारी है। चयन और निष्कासन पूरी तरह से प्रबंधकों के हाथ में है और चयनकर्ताओं तथा कोचों द्वारा दी गई टीम को मैदान पर उतारना उनका दायित्व है। अपनी भूमिका के बारे में बात करते हुए बाबर ने बताया कि वह अपनी राय खुलकर रखते हैं और उसके बाद चयनकर्ता तथा कोच अपना काम करते हैं। हालांकि, वह सार्वजनिक रूप से यह कभी नहीं बता सकते कि उनकी भूमिका की सीमाएं कहां तक हैं और किन अंदरूनी मामलों में उनका कोई दखल नहीं होता है। सीरीज से ठीक पहले पाकिस्तानी टीम में बड़े बदलाव श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने जा रही इस टेस्ट सीरीज से पहले पाकिस्तानी टीम में हुए फेरबदल ने क्रिकेट गलियारों में काफी चर्चाएं बटोरी हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार दूसरी टेस्ट सीरीज ऐसी है जिसमें टीम की घोषणा के बाद ऐन वक्त पर बदलाव किए गए हैं। शनिवार को पहले टेस्ट मैच शुरू होने से 48 घंटे से भी कम समय पहले अब्दुल्ला फजल और अली उस्मान को अचानक टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि उनकी जगह 4 नए खिलाड़ियों को दल में शामिल कर लिया गया। इनमें से तीन खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने अब तक अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर में कोई भी डेब्यू नहीं किया है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट मुकाबले से ठीक पहले भी पाकिस्तान ने अचानक 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था और उनकी जगह 7 नए चेहरों को मौका दिया था। उस उथल-पुथल भरे दौर के दौरान मुख्य कोच और गेंदबाजी कोच को भी उनके पदों से हटा दिया गया था। हालांकि, बाबर आजम ने टीम में लगातार युवाओं को तरजीह देने के फैसले का पूरी तरह से बचाव किया है। उनके अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट इस वक्त अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बीच एक बेहतर और टिकाऊ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम काफी युवा है और वे सीनियर तथा जूनियर खिलाड़ियों का एक मजबूत संयोजन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसका आप पर असर पाकिस्तान क्रिकेट टीम में लगातार हो रहे बदलावों और चयन विवाद का असर खिलाड़ियों के मनोबल और टीम के प्रदर्शन पर सीधा पड़ सकता है। • राष्ट्रीय स्तर पर: टीम में लगातार हो रहे फेरबदल से खिलाड़ियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तानी टीम की स्थिरता प्रभावित होती है। • पाकिस्तान में: रावलपिंडी और अन्य घरेलू मैदानों पर मैच देखने वाले स्थानीय प्रशंसकों और खेल प्रेमियों को लगातार बदलती प्लेइंग इलेवन देखने को मिलती है। इससे टीम संयोजन और खिलाड़ियों के तालमेल पर भी असर पड़ता है। ऐसा क्यों हुआ पाकिस्तान क्रिकेट टीम में लगातार हो रहे बदलाव और चयन को लेकर उठ रहे सवालों के पीछे कई प्रशासनिक और रणनीतिक कारण जुड़े हुए हैं। हालिया दौर में खराब प्रदर्शन और टीम संयोजन में सुधार की कोशिशों के चलते यह स्थिति बनी है। • बार-बार बदलाव: श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले टीम में चार नए खिलाड़ियों को शामिल किया जाना और दो खिलाड़ियों का बाहर होना चयन समिति की बदलती रणनीतियों को दर्शाता है। • युवाओं को मौका: पिछले इंग्लैंड दौरे के दौरान भी सात खिलाड़ियों को एक साथ बाहर किया गया था, जिसका उद्देश्य टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का एक नया संतुलन तैयार करना बताया गया। • प्रबंधन का निर्णय: कप्तान बाबर आजम ने स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन का अधिकार पूरी तरह से चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ के पास है, जिससे यह साबित होता है कि टीम चयन में कप्तानी की बजाय प्रबंधन की नीति सर्वोपरि है। सवाल-जवाब 1. बाबर आजम ने टीम चयन को लेकर क्या बयान दिया है? बाबर आजम ने साफ किया है कि खिलाड़ियों का चयन करना या उन्हें बाहर करना उनके हाथ में नहीं है, और यह फैसला चयनकर्ता तथा कोच लेते हैं। 2. श्रीलंका सीरीज से पहले पाकिस्तान टीम में कितने बदलाव किए गए? श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले चार नए खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई, जबकि अब्दुल्ला फजल और अली उस्मान को बाहर कर दिया गया। 3. किन खिलाड़ियों को टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले बाहर किया गया? शनिवार को पहले टेस्ट से 48 घंटे से भी कम समय पहले अब्दुल्ला फजल और अली उस्मान को टीम से बाहर कर दिया गया। 4. बाबर आजम के अनुसार कप्तान की क्या जिम्मेदारी होती है? बाबर का कहना है कि उन्हें चयनकर्ताओं द्वारा जो 15 खिलाड़ी दिए जाते हैं, उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना और मैच जिताना उनकी जिम्मेदारी है। 5. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले पाकिस्तान टीम में क्या हुआ था? इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले अचानक 7 खिलाड़ियों को बाहर कर उनकी जगह 7 नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया था और कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव हुआ था। https://trendkia.com/cricket/chayana-para-utha-rahe-savalon-ke-bicha-babar-azam-bole-tima-chunana-mere-adhikara-kshetra-men-nahin-58069 TrendKia — Har trend, sabse pehle.