क्रिकेट छोड़ ट्रेविस बने आसमान के पायलट, कतर एयरवेज में संभाल रहे कॉकपिट जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर ट्रेविस ट्रीगो ने साल 2004 के कॉन्ट्रैक्ट विवाद के बाद खेल से दूर होकर कमर्शियल पायलट के रूप में नई शुरुआत की और अब कतर एयरवेज में पैसेंजर प्लेन उड़ाते हैं। एक वक्त था जब क्रिकेट के जरिए खिलाड़ियों के लिए अपना घर चलाना भी आसान नहीं हुआ करता था। खिलाड़ियों को मैच खेलने के साथ-साथ अपनी आजीविका चलाने के लिए अन्य नौकरियां भी करनी पड़ जाती थीं। यही वह मुख्य वजह थी कि 2000 के दशक के दौरान जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड में वेतन और पैसों को लेकर विवाद इतने बढ़ गए कि खिलाड़ियों को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन तक करने पर मजबूर होना पड़ा। यह वह दौर था जब जिम्बाब्वे क्रिकेट अचानक बुलंदियों से गिरकर फर्श पर आ गया था। इसी उथल-पुथल से गुजर रही जिम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में एक ऐसा तेज गेंदबाज भी शामिल था, जिसने अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर बहुत कम समय में क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी, लेकिन किस्मत के खेल के आगे किसी की नहीं चलती। कॉन्ट्रैक्ट विवाद और जिम्बाब्वे क्रिकेट में भूचाल साल 2004 में जिम्बाब्वे क्रिकेट के खिलाड़ियों और वहां की क्रिकेट यूनियन के बीच अनुबंध यानी कॉन्ट्रैक्ट को लेकर गंभीर मतभेद पैदा हो गए थे। उस समय जिम्बाब्वे में क्रिकेट यूनियन काफी ताकतवर हुआ करती थी। इस बड़े विवाद के परिणामस्वरूप यूनियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 14 खिलाड़ियों को एक साथ बर्खास्त कर दिया। इस बर्खास्त सूची में ट्रेविस ट्रीगो का नाम भी शामिल था। इस कॉन्ट्रैक्ट विवाद के तूल पकड़ने और टीम से बाहर होने से पहले तक ट्रेविस अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 51 वनडे और 13 टेस्ट मैच खेल चुके थे। यूनियन के साथ हुए इस मनमुटाव के बाद ट्रेविस की जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम में दोबारा कभी वापसी नहीं हो सकी और उनका क्रिकेट सफर अचानक थम गया। क्रिकेट की पिच छोड़ आसमान का रुख जब क्रिकेट की दुनिया में उनका करियर जमीन पर आ गिरा और आगे खेलने के सारे रास्ते बंद हो गए, तब ट्रेविस ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तय किया कि वह अब आसमान के सिकंदर बनेंगे और पायलट बनकर नई उड़ान भरेंगे। इसके बाद उन्होंने बिना वक्त गंवाए कमर्शियल पायलट बनने की कठिन ट्रेनिंग की ठान ली। अपने इस नए और बड़े सपने को सच करने के लिए ट्रेविस ने दिन-रात कड़ी मेहनत की और उनकी यह मेहनत आखिरकार रंग लाई। वक्त बीतने के साथ वह क्रिकेट प्रेमियों की नजरों से धीरे-धीरे ओझल होते चले गए, लेकिन जिम्बाब्वे के लिए उनके मैदान पर दिए गए कुछ यादगार और बेहतरीन प्रदर्शन आज भी पुराने प्रशंसकों के जेहन में ताजा होंगे। कतर एयरवेज के कॉकपिट तक का सफर क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कहने के बाद ट्रेविस ने विमानन क्षेत्र में कदम रखा और एक कमर्शियल पायलट के रूप में अपने बिल्कुल नए करियर की शुरुआत की। आज के समय में ट्रेविस दुनिया की जानी-मानी और बड़ी एयरवेज कंपनी कतर एयरवेज में एक पैसेंजर प्लेन का कॉकपिट संभालते हैं और यात्रियों को उनकी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचाते हैं। उनके इस शानदार सफर ने साबित कर दिया कि खेल के मैदान के बाद भी जीवन में सफलता के नए रास्ते बनाए जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के आंकड़े अगर ट्रेविस के शुरुआती और शानदार क्रिकेटिंग करियर पर नजर डाली जाए तो उन्होंने साल 2000 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2001 में उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। ट्रेविस ने जिम्बाब्वे के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 13 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 25 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा बल्लेबाजी में भी कमाल दिखाते हुए उन्होंने तीन अर्धशतक जड़े और कुल 447 रन बनाए। वहीं अगर वनडे मुकाबलों की बात की जाए तो उन्होंने 37 विकेट चटकाए और बल्ले से 548 रन बनाए। वनडे फॉर्मेट में भी उनके नाम तीन शानदार अर्धशतक दर्ज हैं। इसका आप पर असर यह एक प्रेरणादायक व्यक्तिगत करियर बदलाव की कहानी है जिसका पाठकों के दैनिक जीवन पर कोई सीधा वित्तीय या प्रशासनिक प्रभाव नहीं पड़ता है। • खेल प्रेमियों के लिए: यह खबर दिखाती है कि कैसे खिलाड़ी खेल के बाद भी एक नया और सफल करियर बना सकते हैं। ट्रेविस ट्रीगो का उदाहरण यह बताता है कि संकट के समय दूसरा विकल्प चुनकर जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। • युवाओं के लिए: यह प्रसंग करियर में असफलता मिलने पर हार न मानने और कड़ी मेहनत से किसी भी नए क्षेत्र में मुकाम हासिल करने का संदेश देता है। सवाल-जवाब 1. ट्रेविस ट्रीगो कौन हैं? ट्रेविस ट्रीगो जिम्बाब्वे के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो अब एक कमर्शियल पायलट के रूप में काम करते हैं। 2. ट्रेविस ने क्रिकेट क्यों छोड़ा? वर्ष 2004 में जिम्बाब्वे क्रिकेट यूनियन के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट विवाद के कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था जिसके बाद उनकी टीम में कभी वापसी नहीं हुई। 3. ट्रेविस अब वर्तमान में क्या काम करते हैं? वह वर्तमान में कतर एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनी में पैसेंजर प्लेन के पायलट के रूप में कॉकपिट संभालते हैं। 4. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कब डेब्यू किया था? ट्रेविस ने साल 2000 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में और साल 2001 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। 5. जिम्बाब्वे के लिए उन्होंने कुल कितने टेस्ट और वनडे खेले? उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए 13 टेस्ट और 51 वनडे मैच खेले थे। प्रेरणा और सबक ट्रेविस ट्रीगो के जीवन का यह सफर संघर्ष के समय हार न मानने और नई शुरुआत करने की एक बेहतरीन सीख देता है। • संकट में नया अवसर: जब खेल का करियर अचानक समाप्त हो गया, तब उन्होंने निराश होने के बजाय विमानन क्षेत्र में नई शुरुआत करने का साहसिक फैसला किया। • कड़ी मेहनत और लगन: पायलट बनने के लिए उन्होंने कठिन प्रशिक्षण और पढ़ाई में जी-तोड़ मेहनत की, जिससे साबित होता है कि दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। • कैरियर में बदलाव: यह कहानी सिखाती है कि असफलता जीवन का अंत नहीं है, बल्कि एक नए और बेहतर रास्ते की शुरुआत हो सकती है। https://trendkia.com/cricket/cricket-chod-travis-bane-aasman-ke-pilot-qatar-airways-me-sambhal-rahe-cockpit-25311 TrendKia — Har trend, sabse pehle.