# दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद की रिकॉर्ड साझेदारी से भारत जीता, मंधाना की कप्तानी का विजयी आगाज

> शुरुआती झटकों के बाद दीप्ति शर्मा के 49 रन और निकी प्रसाद की नाबाद 39 रनों की पारी की बदौलत भारत ने पहले टी20 मैच में जिम्बाब्वे को चार विकेट से हराया.

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/deepti-sharma-aura-nikki-prasad-ki-rikorda-sajhedari-se-bharata-jita-smriti-mandhana-ki-kaptani-ka-vijayi-agaja-49208 · **Language:** Hindi
**Tags:** महिला क्रिकेट, भारतीय महिला टीम, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, निकी प्रसाद, जिम्बाब्वे महिला टीम, टी20 इंटरनेशनल

स्मृति मंधाना के नियमित टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तानी सफर की शुरुआत एक बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण मुकाबले में जीत के साथ हुई है. तीन मुकाबलों की घरेलू श्रृंखला के पहले टी20 मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ चार विकेट से शानदार जीत दर्ज की. हालांकि 115 रनों के सामान्य लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम एक समय गहरे संकट में घिर गई थी, जब स्कोरबोर्ड पर केवल 19 रन दर्ज होते-होते शीर्ष चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुकी थीं. ऐसे बेहद नाजुक मोड़ पर अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहीं निकी प्रसाद ने संयम तथा आक्रामकता का बेजोड़ संतुलन दिखाते हुए मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया.

## जिम्बाब्वे की शुरुआत और भारतीय गेंदबाजों का शिकंजा
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 114 रन ही जुटा सकी. भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती पलों से ही सटीक लाइन-लेंथ से मेहमान टीम को खुलकर खेलने की कोई छूट नहीं दी. पारी के पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने अपनी सटीक इनस्विंगर गेंद पर सलामी बल्लेबाज बिलव्ड बिजा का लेग स्टंप उखाड़कर भारत को पहली बड़ी सफलता दिलाई. इस शुरुआती झटके के बाद सलामी बल्लेबाज केलिस एंडलोहवु ने मॉडेस्टर मुपाचिकवा के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की. दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी हुई, जिससे जिम्बाब्वे की पारी थोड़ी संभलती दिखी.

केलिस एंडलोहवु ने इस दौरान 44 गेंदों पर 42 रनों की जुझारू पारी खेली, जिसमें उन्होंने तेज गेंदबाजों की शॉर्ट लेंथ गेंदों पर कुछ शानदार कट और पुल शॉट लगाए. हालांकि भारतीय स्पिनरों ने बीच के ओवरों में शिकंजा कस दिया. 11वें ओवर में स्पिनर श्री चरणी ने मुपाचिकवा (16 रन) को चलता कर इस साझेदारी का अंत कर दिया. मुपाचिकवा के आउट होते ही रन गति पूरी तरह धीमी पड़ गई और एंडलोहवु भी खुलकर रन बनाने के लिए संघर्ष करने लगीं. वह अपनी आखिरी 12 गेंदों में सिर्फ दो रन ही जोड़ सकीं और अंततः तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी की सीधी गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गईं.

## शारने मेयर्स का आक्रामक प्रहार और जिम्बाब्वे का स्कोर
पारी के अंतिम ओवरों में जब जिम्बाब्वे एक बेहद मामूली स्कोर की तरफ बढ़ रहा था, तब अनुभवी बल्लेबाज शारने मेयर्स ने मोर्चा संभाला. मेयर्स ने भारतीय गेंदबाजों की ढीली गेंदों को निशाने पर लेते हुए महज 33 गेंदों पर नाबाद 43 रनों की तेजतर्रार पारी खेली. अपनी इस आक्रामक पारी में उन्होंने चार दर्शनीय चौके और दो गगनचुंबी छक्के जड़े. मेयर्स के इन आक्रामक प्रहारों की बदौलत ही जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 114 रनों के चुनौतीपूर्ण आंकड़े तक पहुंच पाई. हालांकि जिम्बाब्वे की पूरी पारी में काफी संख्या में डॉट गेंदें देखने को मिलीं, जिससे साफ पता चलता है कि मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के सामने उन्हें अपने स्ट्राइक रोटेशन पर काफी काम करने की जरूरत है.

## नयाशा ग्वानजुरा की फिरकी में उलझा भारतीय शीर्ष क्रम
जीत के लिए मिले 115 रनों के लक्ष्य को भारतीय परिस्थितियों में बेहद आसान माना जा रहा था, लेकिन जिम्बाब्वे की गेंदबाजों ने मुकाबले में जान फूंक दी. जिम्बाब्वे की कप्तान ने पारी के शुरुआत में ही ऑफ स्पिनर नयाशा ग्वानजुरा को नई गेंद थमाई और यह रणनीति पूरी तरह सटीक साबित हुई. ग्वानजुरा ने अपने पहले ही ओवर में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना को पवेलियन भेज दिया. मंधाना ने ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर बैकफुट पर जाकर पुल शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में तैर गई और बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर आसान कैच थमा बैठीं. मंधाना केवल 09 रन ही बना सकीं.

कप्तान के आउट होने के दो गेंद बाद ही ग्वानजुरा ने एक और बड़ा झटका दिया, जब उन्होंने अनुष्का शर्मा (04 रन) को बैकवर्ड प्वाइंट पर फील्डर के हाथों कैच आउट करा दिया. अभी भारतीय टीम इन दोहरे झटकों से उबर भी नहीं पाई थी कि मिशेल मावुंगा की इनस्विंगर गेंद पर पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर फ्लिक करने के प्रयास में शॉर्ट मिडविकेट पर सीधे ग्वानजुरा को आसान कैच दे बैठीं. इसके बाद ग्वानजुरा ने उप-कप्तान शेफाली वर्मा को अपनी ही गेंद पर कॉट एंड बोल्ड कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. भारतीय टीम ने केवल 19 रन के कुल स्कोर पर अपने शीर्ष चार प्रमुख बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे, जिससे पूरे स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया.

## दीप्ति और निकी के बीच पांचवें विकेट की रिकॉर्ड साझेदारी
जब भारतीय पारी लड़खड़ा रही थी, तब दीप्ति शर्मा और पदार्पण कर रही निकी प्रसाद ने पूरे धैर्य और आत्मविश्वास के साथ मोर्चा संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने अनावश्यक जोखिम उठाए बिना पहले स्ट्राइक रोटेट की और फिर कमजोर गेंदों पर बाउंड्री बटोरीं. दीप्ति शर्मा ने अपने ट्रेडमार्क स्वीप और कट शॉट का शानदार इस्तेमाल करते हुए 37 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 49 रनों की बहुमूल्य पारी खेली. दुर्भाग्य से वह अपने अर्धशतक से महज एक रन दूर ओलिंडर चारे की गेंद पर आउट हो गईं. वहीं दूसरी छोर पर शांत चित्त होकर खेल रही निकी प्रसाद ने किसी भी दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. निकी ने 35 गेंदों में छह नफासत भरे चौकों की मदद से नाबाद 39 रन बनाए.

दीप्ति और निकी के बीच पांचवें विकेट के लिए 63 गेंदों पर 82 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी हुई. यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पांचवें विकेट के लिए भारत की तरफ से सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है. इन दोनों ने मिलकर मिताली राज और अनुजा पाटिल के 77 रनों के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. दीप्ति के विकेट गिरने के बावजूद भारत ने 15.4 ओवरों में छह विकेट खोकर 116 रन बनाकर मुकाबला 4.2 ओवर शेष रहते चार विकेट से जीत लिया. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की अहम बढ़त बना ली है.

## इसका आप पर असर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इस मुकाबले से प्रशंसकों और आगामी श्रृंखला के संतुलन पर सीधा प्रभाव पड़ा है.

- **सीरीज की बढ़त:** भारत ने तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है. इससे आगामी मुकाबलों में टीम इंडिया पर दबाव काफी कम रहेगा.
- **मध्यक्रम की मजबूती:** शीर्ष क्रम के ध्वस्त होने के बावजूद टीम ने अपनी बैटिंग गहराई साबित की है. इससे टूर्नामेंट में आगे के मैचों के लिए भारतीय मध्यक्रम का भरोसा और बढ़ेगा.
- **जिम्बाब्वे के लिए सबक:** मेहमान टीम ने गेंदबाजी में शानदार जज्बा दिखाया लेकिन डॉट गेंदों ने उन्हें रोक दिया. जिम्बाब्वे को सीरीज में वापसी करने के लिए अपने स्ट्राइक रोटेशन में बड़ा सुधार करना होगा.
- **युवा प्रतिभाओं को मौका:** निकी प्रसाद के शानदार पदार्पण से नए खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुले हैं. टीम प्रबंधन भविष्य के बड़े दौरों के लिए बेंच स्ट्रेंथ को और मजबूती से परख सकेगा.

## ऐसा क्यों हुआ
जिम्बाब्वे की सधी हुई रणनीति और भारतीय शीर्ष क्रम की जल्दबाजी के कारण मैच अप्रत्याशित रूप से रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था.

- **ग्वानजुरा की अचूक ऑफ स्पिन:** जिम्बाब्वे की कप्तान ने मंधाना के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ही ऑफ स्पिनर नयाशा ग्वानजुरा को गेंद सौंपी. ग्वानजुरा ने सही टर्न और लेंथ से भारतीय शीर्ष क्रम के तीन बड़े विकेट झटक लिए.
- **भारतीय शीर्ष क्रम के खराब शॉट:** मंधाना का गैर-जरूरी पुल शॉट और हरमनप्रीत का सीधा कैच थमाना भारत पर भारी पड़ा. दबाव में बल्लेबाजों ने परिस्थितियों को समझे बिना गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेले.
- **दीप्ति और निकी का संयमित दृष्टिकोण:** संकट के समय दोनों बल्लेबाजों ने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय सिंगल-डबल पर ध्यान केंद्रित किया. उनकी 82 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया.
- **जिम्बाब्वे की अधूरी बल्लेबाजी:** मेयर्स की आक्रामक पारी के बावजूद जिम्बाब्वे ने पारी के बीच में कई डॉट गेंदें खेलीं. 114 का कुल योग अंततः भारतीय बल्लेबाजी लाइनअप के सामने छोटा साबित हुआ.

## सवाल-जवाब

### 1. भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच का परिणाम क्या रहा?
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को चार विकेट से हराकर तीन मैचों की टी20 श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली है.

### 2. जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कितना स्कोर बनाया था?
जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए थे.

### 3. भारतीय टीम का स्कोर एक समय 19 रन पर कितना हो गया था?
भारतीय टीम ने मात्र 19 रन के कुल स्कोर पर अपने शीर्ष चार प्रमुख विकेट गंवा दिए थे.

### 4. भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन किस बल्लेबाज ने बनाए?
दीप्ति शर्मा ने 37 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से सर्वाधिक 49 रनों की शानदार पारी खेली.

### 5. दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद के बीच कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना?
दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 82 रनों की साझेदारी की, जो महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के लिए पांचवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है.

### 6. जिम्बाब्वे के लिए किस गेंदबाज ने भारतीय शीर्ष क्रम को झटका दिया?
ऑफ स्पिनर नयाशा ग्वानजुरा ने स्मृति मंधाना, अनुष्का शर्मा और शेफाली वर्मा को आउट कर शीर्ष क्रम को झकझोर दिया था.

## प्रेरणा और सबक
मुश्किल हालातों में धैर्य बनाए रखने और दबाव से पार पाने की यह एक बेहतरीन मिसाल है.

- **दबाव में संयम बनाए रखना:** 19 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद भी दीप्ति और निकी ने घबराने के बजाय अपनी बुनियादी तकनीक पर भरोसा रखा. विपरीत परिस्थितियों में मानसिक मजबूती ही सबसे बड़ा हथियार साबित होती है.
- **पदार्पण पर निडर रवैया:** पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए निकी प्रसाद ने दबाव को हावी नहीं होने दिया. नए अवसर मिलने पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभाना ही सफलता की कुंजी है.
- **साझेदारी का महत्व:** अकेले प्रहार करने के बजाय दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर स्ट्राइक बदली और जिम्मेदारी बांटी. किसी भी टीम या जीवन की चुनौती में आपसी समझ और सहयोग से ही बड़ी मुश्किलें हल होती हैं.

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