# डेनिस लिली और उनके बेटे एडम ने जब पाकिस्तान के खिलाफ मिलकर झटके थे छह विकेट

> साल 1999 में 50 साल के डेनिस लिली ने अपने बेटे एडम लिली के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई प्रेसिडेंट्स इलेवन की ओर से खेलते हुए पाकिस्तान के खिलाफ घातक गेंदबाजी की थी।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/dennis-lillee-aura-unake-bete-adam-ne-jaba-pakistan-ke-khilapha-milakara-jhatake-the-chhaha-viketa-49575 · **Language:** Hindi
**Tags:** क्रिकेट, डेनिस लिली, एडम लिली, ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट, पाकिस्तान क्रिकेट, मोइन खान, रायन कैंपबेल

क्रिकेट के इतिहास में कई यादगार मुकाबले दर्ज हैं, लेकिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो हमेशा के लिए खेल प्रेमियों के जेहन में बस जाते हैं। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी के दिग्गज डेनिस लिली का खौफ अपने दौर में दुनिया भर के बल्लेबाजों पर साफ दिखता था। जब वह गेंद थामकर दौड़ना शुरू करते थे, तो क्रीज पर खड़े बड़े से बड़े बल्लेबाज असहज महसूस करने लगते थे। उन्होंने महज 34 साल की उम्र में साल 1984 के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, मगर खेल के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ। संन्यास लेने के बावजूद वह ऑस्ट्रेलियाई घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार सक्रिय रहे और समय-समय पर मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे।

## पचास की उम्र में मैदान पर ऐतिहासिक वापसी
जैसे-जैसे वक्त बीता, उम्र के तकाजे के साथ उनका मैदान पर आना कम होने लगा था। हालांकि साल 1999 में क्रिकेट जगत को तब एक सुखद झटका लगा, जब 50 वर्ष की उम्र में डेनिस लिली ने सफेद जर्सी पहनकर फिर से मैदान पर कदम रखा। यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया प्रेसिडेंट्स इलेवन और पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के बीच खेला जा रहा था। इस मैच की सबसे अनोखी और भावुक बात यह रही कि उसी एकादश में डेनिस लिली के साथ उनके बेटे एडम लिली भी गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा बने हुए थे। पिता और पुत्र की जोड़ी को एक साथ मैदान पर गेंदबाजी करते देखना अपने आप में एक बेहद दुर्लभ नजारा था।

## पिता और पुत्र की घातक गेंदबाजी से थर्राया पाकिस्तान
विपक्षी पाकिस्तानी खेमे को शायद यह लग रहा था कि उम्र के पचासवें पड़ाव पर पहुंच चुका एक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाजों के सामने क्या चुनौती पेश कर पाएगा। मगर डेनिस लिली ने यह साबित कर दिखाया कि प्रतिभा और कौशल के आगे उम्र महज एक आंकड़ा भर होती है। उन्होंने मैच में बेहद कसी हुई लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। अपने 8 ओवर के कोटे में उन्होंने 4 ओवर मेडन डाले और केवल 8 रन खर्च करते हुए पाकिस्तान के 3 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।

दूसरी ओर, युवा एडम लिली ने भी अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया। एडम ने अपनी तेज गेंदबाजी की धार दिखाते हुए 6 ओवर में 29 रन दिए और 3 विकेट हासिल किए। इस तरह लिली पिता-पुत्र की इस अनुशासित जोड़ी ने मिलकर पाकिस्तान के 6 मुख्य बल्लेबाजों को आउट कर समूची टीम की कमर तोड़ दी।

## 168 रनों पर ढेर हुआ पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया को मिली आसान जीत
लिली जोड़ी के तीखे प्रहारों के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम 44 ओवर में महज 168 रनों के कुल स्कोर पर ढेर हो गई। पाकिस्तान की तरफ से केवल कप्तान मोइन खान ही कुछ संघर्ष दिखा सके, जिन्होंने 62 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 60 रनों की जुझारू पारी खेली। निचले क्रम में अजहर महमूद ने 46 रन जोड़कर टीम को कुछ हद तक सहारा दिया, लेकिन शेष बल्लेबाज सस्ते में निपट गए।

जीत के लिए मिले 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया प्रेसिडेंट्स इलेवन ने बेहद आक्रामक अंदाज अपनाया। सलामी बल्लेबाज रायन कैंपबेल ने तूफानी खेल दिखाते हुए महज 58 गेंदों पर 103 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली। शीर्ष क्रम में मैथ्यू हेडन ने 32 रन तथा जस्टिन लैंगर ने 18 रनों का योगदान दिया। इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया प्रेसिडेंट्स इलेवन ने 23.3 ओवर में ही 3 विकेट के नुकसान पर 173 रन बनाकर मुकाबला 7 विकेट से आसानी से जीत लिया।

## ऐसा क्यों हुआ
यह ऐतिहासिक मुकाबला 1999 में तब संभव हुआ जब पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी और अभ्यास मैच के तहत ऑस्ट्रेलिया प्रेसिडेंट्स इलेवन का सामना कर रही थी।

- **दौरे का अभ्यास मुकाबला:** पाकिस्तान की टीम अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे की तैयारी के लिए अभ्यास मैच खेल रही थी, जहां प्रेसिडेंट्स इलेवन के खिलाफ मुकाबला तय हुआ था। इस विशेष मैच के लिए चयनकर्ताओं ने युवा प्रतिभाओं के साथ अनुभवी दिग्गजों को मैदान पर उतारा।
- **खेल के प्रति अनूठा समर्पण:** डेनिस लिली ने 1984 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने के बाद भी अपनी फिटनेस और गेंदबाजी का अभ्यास जारी रखा था। इसी उच्च स्तर की फिटनेस ने उन्हें 50 वर्ष की उम्र में भी पेशेवर स्तर पर खेलने के योग्य बनाए रखा।
- **पिता और पुत्र का दुर्लभ संयोग:** उनके बेटे एडम लिली भी उस समय घरेलू क्रिकेट में तेज गेंदबाज के रूप में उभर रहे थे। आयोजकों और चयनकर्ताओं ने इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाते हुए दोनों को एक साथ मैदान पर उतारने का फैसला किया।

## सवाल-जवाब

### 1. डेनिस लिली ने पाकिस्तान के खिलाफ 1999 के मैच में कैसा प्रदर्शन किया था?
डेनिस लिली ने 8 ओवर में 4 मेडन रखते हुए केवल 8 रन दिए और पाकिस्तान के 3 बल्लेबाजों को आउट किया।

### 2. एडम लिली ने इस मैच में कितने विकेट चटकाए?
एडम लिली ने 6 ओवर में 29 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

### 3. पाकिस्तानी टीम कुल कितने स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी?
पाकिस्तान की पूरी टीम 44 ओवर में केवल 168 रनों पर सिमट गई थी।

### 4. ऑस्ट्रेलिया प्रेसिडेंट्स इलेवन की तरफ से किस बल्लेबाज ने शतक लगाया था?
रायन कैंपबेल ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों में 103 रनों की शतकीय पारी खेली थी।

## प्रेरणा और सबक
50 की उम्र में डेनिस लिली की यह शानदार गेंदबाजी साबित करती है कि अनुशासन, जुनून और फिटनेस से किसी भी सीमा को तोड़ा जा सकता है।

- **उम्र केवल एक संख्या है:** डेनिस लिली ने 50 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर दिखाया कि अगर लगन सच्ची हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
- **लगातार अभ्यास की ताकत:** 1984 में संन्यास लेने के 15 साल बाद भी उन्होंने खुद को खेल से जोड़े रखा और अपनी धार बरकरार रखी। निरंतर अभ्यास ही इंसान को हमेशा तैयार रखता है।
- **अगली पीढ़ी के साथ साझेदारी:** अपने बेटे एडम के साथ एक ही टीम में खेलकर और दोनों का तीन-तीन विकेट लेना यह सिखाता है कि अपने ज्ञान और अनुभव को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना कितना फलदायी होता है।

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