दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी के साथ चमके शिखर मोहन, डेब्यू मैच में खेली शानदार पारी चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने अपने डेब्यू मैच में ही शानदार बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया। उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 120 गेंदों का सामना करते हुए 85 रनों की शानदार पारी खेली जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में एक तरफ जहां 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के चर्चे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 21 साल के एक अन्य युवा खिलाड़ी ने अपने पहले ही मैच में जबरदस्त बल्लेबाजी से सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। ईस्ट जोन की प्लेइंग-11 में विराट सिंह की जगह शामिल किए गए शिखर मोहन ने अपनी पारी से यह साबित कर दिया कि उन्हें इस बड़े मंच पर क्यों मौका मिला था। झारखंड के इस युवा ओपनर ने साउथ जोन के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने मैदान पर उतरकर बेहतरीन खेल दिखाया और पहले दिन के खेल की समाप्ति तक अपनी टीम के लिए बेहद अहम योगदान दिया। शानदार शुरुआत के बाद संभाली पारी मैच की शुरुआत में ईस्ट जोन ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और मैदान पर उतरकर काफी आक्रामक रुख अपनाया। ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन और वैभव सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए बेहद तेज गति से बल्लेबाजी करते हुए 100 रनों की साझेदारी पूरी कर ली। हालांकि, वैभव अपने अर्धशतक से महज 6 रन दूर चूक गए और 37 गेंदों का सामना करते हुए 44 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद क्रीज पर उतरे नंबर तीन के बल्लेबाज शिखर मोहन ने न केवल शुरुआती झटकों से टीम को उबारा, बल्कि पारी को पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत स्कोर की नींव रखी। दिग्गज गेंदबाजों का किया डटकर सामना शिखर मोहन ने अपनी पारी की शुरुआत में काफी संयम दिखाया और पिच पर टिकने को प्राथमिकता दी, लेकिन जैसे ही उन्हें ढीली गेंदें मिलीं, उन्होंने बिना किसी झिझक के उन्हें बाउंड्री के पार पहुंचाया। उन्होंने साउथ जोन के अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके गेंदबाजों जैसे मोहम्मद सिराज और श्रेयस गोपाल की गेंदों का बेहद आत्मविश्वास के साथ सामना किया। उनकी इस साहसिक पारी ने विपक्षी खेमे को दबाव में ला दिया और ईस्ट जोन को मैच में एक मजबूत स्थिति तक पहुंचाने का काम किया। कप्तान ईशान किशन के साथ बड़ी साझेदारी पारी को आगे बढ़ाते हुए शिखर मोहन ने ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बहुमूल्य 94 रनों की साझेदारी निभाई। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच तालमेल और स्कोरबोर्ड को चलाने की क्षमता ने टीम को पूरी तरह से नियंत्रण में ला दिया। मोहन की बल्लेबाजी में डिफेंस और अटैक का एक बहुत ही खूबसूरत संतुलन देखने को मिला। हालांकि, वह अपने इस डेब्यू मैच को और ज्यादा ऐतिहासिक बनाने के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए और शतक पूरा नहीं कर सके। शतक से चूके लेकिन जीता दिल अपने पहले ही दलीप ट्रॉफी फाइनल मुकाबले में शतक से केवल 15 रन दूर खड़े शिखर मोहन की पारी का अंत गेंदबाज चामा मिलिंद ने एक खतरनाक शॉर्ट गेंद के जरिए किया। बाउंसर पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह अपना विकेट गंवा बैठे और पवेलियन लौट गए, लेकिन तब तक वह टीम के स्कोर को काफी आगे बढ़ा चुके थे। उनकी इस 85 रनों की पारी में कुल 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे, जिसने घरेलू क्रिकेट सर्किट में उनकी तकनीकी क्षमता और बड़े मंच पर खेलने के हुनर का लोहा मनवा दिया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन शिखर मोहन का यह कोई पहला शानदार प्रदर्शन नहीं है, बल्कि वह इससे पहले भी घरेलू क्रिकेट में लगातार अपने बल्ले का जौहर दिखाते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सत्र के दौरान अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था और उस सीजन में खेली गई 12 पारियों में 55 की औसत से कुल 613 रन बनाए थे। उस शानदार प्रदर्शन के दौरान उनके बल्ले से एक दोहरा शतक और एक शतक भी निकला था। दलीप ट्रॉफी फाइनल की इस ताजा पारी को जोड़ने के बाद अब उनके नाम फर्स्ट-क्लास क्रिकेट की 13 पारियों में कुल 698 रन हो गए हैं, जिसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। लिस्ट-ए क्रिकेट में भी रहा है जलवा केवल लाल गेंद के क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि सफेद गेंद के लिस्ट-ए क्रिकेट में भी इस युवा खिलाड़ी का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। शिखर ने विजय हजारे ट्रॉफी के पिछले सत्र में लिस्ट-ए प्रारूप में पदार्पण किया था और अपने पहले ही सीजन में उन्होंने 7 पारियों में 55.85 की बेहतरीन औसत से 391 रन बनाए थे। खेल के अलग-अलग प्रारूपों में लगातार रन बनाने की यह क्षमता उन्हें इस समय देश के सबसे होनहार उभरते हुए बल्लेबाजों की सूची में सबसे आगे खड़ा करती है। विराट सिंह की जगह टीम में आए इस खिलाड़ी ने अपने चयन को पूरी तरह से सही साबित कर दिखाया है। सवाल-जवाब 1. दलीप ट्रॉफी फाइनल में शिखर मोहन ने किस टीम के लिए खेला? शिखर मोहन ने ईस्ट जोन की तरफ से खेलते हुए यह पारी खेली। 2. शिखर मोहन ने साउथ जोन के खिलाफ कितने रन बनाए? उन्होंने 120 गेंदों का सामना करते हुए 85 रनों की शानदार पारी खेली जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे। 3. शिखर मोहन को किसकी जगह प्लेइंग-11 में मौका मिला था? उन्हें इस खिताबी मुकाबले के लिए विराट सिंह की जगह ईस्ट जोन की टीम में शामिल किया गया था। 4. शिखर मोहन किस राज्य से ताल्लुक रखते हैं और उनका घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड कैसा है? शिखर मोहन झारखंड के ओपनर हैं और उन्होंने 13 फर्स्ट-क्लास पारियों में लगभग 700 रन बनाए हैं। प्रेरणा और सबक शिखर मोहन की इस प्रेरणादायक पारी से युवा खिलाड़ियों और संघर्ष करने वालों के लिए कुछ खास सबक मिलते हैं: • मौके का पूरा इस्तेमाल करना: जब भी आपको करियर में आगे बढ़ने का मौका मिले, अपनी काबिलियत साबित करने में पीछे न हटें, जैसा कि शिखर ने विराट सिंह की जगह पाकर किया। • दबाव में धैर्य रखना: कठिन परिस्थितियों और बड़े गेंदबाजों के सामने भी घबराने के बजाय अपनी तकनीक पर भरोसा रखकर खेलना सफलता की कुंजी है। • निरंतरता बनाए रखना: घरेलू क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार रन बनाने की आदत ही खिलाड़ी को बड़े स्तर पर पहचान दिलाती है। • सीखने की ललक: शतक से चूकने जैसी छोटी असफलताओं से निराश होने के बजाय अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए। https://trendkia.com/cricket/duleep-trophy-final-mein-shikhar-mohan-ka-shandar-debut-28621 TrendKia — Har trend, sabse pehle.