दलीप ट्रॉफी में चमके आबिद मुश्ताक, वेस्ट जोन के खिलाफ पांच विकेट झटककर बटोरी सुर्खियां जम्मू-कश्मीर के बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक ने दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉर्थ जोन के लिए खेलते हुए वेस्ट जोन के पांच बल्लेबाजों को आउट किया। घरेलू क्रिकेट में एक नए सितारे का उदय हुआ है। जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर आबिद मुश्ताक ने दलीप ट्रॉफी में अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नॉर्थ जोन की तरफ से मैदान पर उतरते हुए उन्होंने वेस्ट जोन के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी के जाल में ऐसा उलझाया कि विरोधी टीम के पांच खिलाड़ी सस्ते में पवेलियन लौट गए। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दौरान उन्होंने केवल 39 रन खर्च किए और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मूल रूप से भदरवाह के रहने वाले आबिद मुश्ताक भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं। अपने दमदार खेल के बूते जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी चैंपियन बनाने का गौरव हासिल करने वाले इस गेंदबाज ने इस मुकाबले में बड़े-बड़े बल्लेबाजों को अपने शिकंजे में फंसाया। उन्होंने अपनी एक लाजवाब गेंद पर सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद शिवालिक शर्मा, कप्तान रुतुराज गायकवाड़, उर्विल पटेल और तुषार देशपांडे जैसे अहम खिलाड़ियों को भी अपना शिकार बनाया। मैदान पर आबिद मुश्ताक की गेंदबाजी की खासियतों की बात करें तो उनकी एक गेंद ने खासी सुर्खियां बटोरीं। पृथ्वी शॉ को आउट करने के दौरान उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ अराउंड द विकेट गेंदबाजी करने का फैसला किया। आमतौर पर टी-20 फॉर्मेट में इस एंगल से गेंद फेंकने पर लेग स्टंप के बाहर गिरने से एलबीडब्ल्यू की संभावनाएं कम हो जाती हैं, लेकिन उनकी यह गेंद लेग स्टंप के आसपास टप्पा खाने के बाद अंदर की तरफ ड्रिफ्ट हुई और सीधे ऑफ स्टंप उखाड़ दी। उनकी इस घातक गेंदबाजी के सामने वेस्ट जोन की पहली पारी महज 187 रन पर सिमट गई। नॉर्थ जोन की पारी के दौरान कुल 65.4 ओवर फेंके गए, जिसमें से अकेले 25.4 ओवर आबिद मुश्ताक के खाते में आए। उनके इस लंबे और किफायती स्पेल के दम पर नॉर्थ जोन ने पहली पारी के आधार पर 64 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। अपनी सफलता के पीछे के कारणों पर बात करते हुए आबिद मुश्ताक का मानना है कि मैदान पर उनका शांत स्वभाव और रणनीतिक गहराई से सोचना उनके काम आता है। वे मैच के दौरान अपने आदर्श रवींद्र जडेजा की तरह ही लंबी गेंदबाजी करते हैं और बल्लेबाजों को लगातार असमंजस में रखते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साल 2023 के दौरान भारत में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जड्डू की फिरकी से निपटने के लिए अभ्यास के वास्ते आबिद को अपने नेट गेंदबाजों के दल में शामिल किया था। इसके अलावा, आबिद अपनी इस शानदार गेंदबाजी का श्रेय लाल मिट्टी की पिचों पर मिलने वाले अनुभव को भी देते हैं। उनके गृह राज्य जम्मू-कश्मीर में अमूमन ऐसी पिचें नहीं मिलती हैं, इसलिए जब भी उन्हें काली मिट्टी या अन्य चुनौतीपूर्ण पिचों पर गेंदबाजी करने का मौका मिलता है, तो वे अपनी कला को और अधिक निखार पाते हैं। इसका आप पर असर भारत में: घरेलू क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रदर्शन प्रेरणास्त्रोत है कि किस तरह स्थानीय स्तर से उठकर खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। सवाल-जवाब 1. आबिद मुश्ताक किस टीम के लिए खेल रहे थे? आबिद मुश्ताक दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। 2. उन्होंने वेस्ट जोन के खिलाफ कितने विकेट लिए? उन्होंने वेस्ट जोन के खिलाफ सिर्फ 39 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। 3. आबिद मुश्ताक किसे अपना आदर्श मानते हैं? आबिद मुश्ताक भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को अपना आदर्श मानते हैं। 4. वेस्ट जोन की पहली पारी कितने रन पर सिमट गई थी? वेस्ट जोन की पहली पारी 187 रन पर ऑलआउट हो गई थी। प्रेरणा और सबक कड़ी मेहनत और धैर्य: घरेलू स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मानसिक शांति और सही दिशा में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। आदर्शों से सीखना: अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए शीर्ष खिलाड़ियों के तौर-तरीकों का अध्ययन करना और उनसे प्रेरणा लेना फायदेमंद होता है। चुनौतियों का सामना: अलग-अलग प्रकार की पिचों और कठिन परिस्थितियों में ढलने की क्षमता ही एक खिलाड़ी को परिपक्व बनाती है। https://trendkia.com/cricket/duleep-trophy-mein-chamke-abid-mushtaq-west-zone-ke-khilaf-panch-wicket-jhatakkar-batori-surkhiyan-21670 TrendKia — Har trend, sabse pehle.