दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन तन्मय बलोदा की घातक फिरकी, ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 174 पर सिमटा बाएं हाथ के स्पिनर तन्मय बलोदा ने 32 रन देकर 6 विकेट चटकाए, जिससे दूसरे यूथ टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम 174 रन पर सिमट गई। स्टंप्स तक भारत ने दो विकेट खोकर 38 रन बना लिए हैं। दूसरे चार दिवसीय यूथ टेस्ट मैच के शुरुआती दिन भारतीय अंडर-19 गेंदबाजों ने अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहली पारी में महज 174 रनों के कुल स्कोर पर ढेर कर दिया। बाएं हाथ के युवा स्पिन गेंदबाज तन्मय बलोदा मेहमान टीम के बल्लेबाजों पर पूरी तरह हावी रहे और उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम व निचले क्रम को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई। दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में दो विकेट खोकर 38 रन बना लिए थे, जिससे मैच का पहला दिन दोनों टीमों के बीच रोमांचक मोड़ पर समाप्त हुआ। शुरुआती झटकों से बैकफुट पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाजों ने मैच के शुरुआती पलों से ही सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। तेज गेंदबाज प्रियांशु सिंह ने दूसरे ओवर में ही ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू लॉफ को बिना खाता खोले पवेलियन की राह दिखाई। इसके कुछ ही देर बाद मोहित उलवा ने दूसरे सलामी बल्लेबाज हेडन बारबुलोविक को निजी स्कोर आठ रन पर चलता कर दिया, जिससे कंगारू टीम भारी दबाव में आ गई। तन्मय बलोदा की फिरकी का जादू शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद भारतीय स्पिन आक्रमण ने शिकंजा कसा। तन्मय बलोदा ने अपनी अनुशासित गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को लगातार बांधे रखा। उन्होंने एली ब्रेन को पगबाधा आउट कर अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद उन्होंने सेट हो चुके नील पटेल को स्टंप आउट कराया, जिन्होंने 31 रन बनाए थे। बलोदा ने अपने 25 ओवर के कोटे में 11 ओवर मेडन फेंकते हुए केवल 32 रन खर्च किए और कुल छह विकेट अपनी झोली में डाले। हेंडरसन और पीट्ज के संघर्ष के बाद बलोदा का प्रहार मुश्किल परिस्थितियों में चार्ली हेंडरसन और जैकब पीट्ज ने सातवें विकेट के लिए 70 रनों की जुझारू साझेदारी करके पारी को संभालने का प्रयास किया। विकेटकीपर बल्लेबाज हेंडरसन ने सर्वाधिक 37 रनों का योगदान दिया, जबकि पीट्ज ने 26 रन बनाए। इस खतरनाक होती दिख रही साझेदारी को तन्मय बलोदा ने पीट्ज को क्लीन बोल्ड करके तोड़ा। इसके बाद अयान अकरम ने हेंडरसन को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। निचले क्रम में पैट्रिक सुलिवन ने 20 रन बनाए, लेकिन बलोदा ने उन्हें भी आउट कर ऑस्ट्रेलिया की पूरी पारी 174 रन पर समेट दी। भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज सस्ते में लौटे गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। पहले यूथ टेस्ट में 240 रनों की रिकॉर्ड पारी खेलने वाले सलामी बल्लेबाज लक्ष्य राजेश रायचंदानी 22 गेंदों का सामना करके केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। दूसरे ओपनर सागर वीरक ने 16 रनों की पारी के दौरान तीन दर्शनीय चौके जमाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर स्पेंसर ग्रीन ने उन्हें पगबाधा आउट करके भारत को दूसरा झटका दिया। पहले दिन का खेल समाप्त होने पर कुशाग्र ओझा 13 रन और कप्तान यशवर्धन चौहान सात रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे। भारतीय टीम अभी पहली पारी के आधार पर ऑस्ट्रेलिया से 136 रन पीछे है। इस सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने पारी और 148 रन से जीता था। इसका आप पर असर यह मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया की आगामी पीढ़ी के क्रिकेटरों की क्षमता और घरेलू परिस्थितियों में उनके कौशल को दर्शाता है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: भारतीय युवा स्पिनरों की यह फॉर्म दर्शाती है कि टीम की बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है। तन्मय बलोदा जैसे गेंदबाजों का प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट संरचना की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। • सीरीज की स्थिति: भारत पहले टेस्ट में बड़ी जीत दर्ज कर चुका है और दूसरे मैच में भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है। आने वाले सत्रों में बल्लेबाजों का प्रदर्शन तय करेगा कि भारत इस मुकाबले में बढ़त बना पाता है या नहीं। • खिलाड़ियों के करियर पर प्रभाव: अंडर-19 स्तर पर पांच या अधिक विकेट लेना चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने में मददगार साबित होता है। ऐसे प्रदर्शन खिलाड़ियों को सीनियर घरेलू क्रिकेट और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं में जगह दिलाने का आधार बनते हैं। • ऑस्ट्रेलियाई टीम की चुनौती: मेहमान बल्लेबाजों को भारतीय स्पिनरों के सामने टिकने के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी। दूसरी पारी में उनका प्रदर्शन इस दौरे के परिणाम को सीधा प्रभावित करेगा। ऐसा क्यों हुआ ऑस्ट्रेलियाई टीम के लड़खड़ाने और 174 रन पर सिमटने के पीछे मुख्य कारण भारतीय स्पिनरों की अनुशासित गेंदबाजी और शुरुआती झटके रहे। मैच का रुख इन अहम वजहों से तय हुआ: • शुरुआती विकेटों का पतन: भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक आक्रमण करते हुए ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। कप्तान मैथ्यू लॉफ के शून्य पर आउट होने से पारी शुरू में ही लड़खड़ा गई। • तन्मय बलोदा की सटीक लाइन और लेंथ: बाएं हाथ के स्पिनर ने बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका नहीं दिया और 25 ओवर में 11 मेडन फेंके। इस लगातार दबाव के कारण ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने गलतियां कीं। • बड़ी साझेदारियों का अभाव: चार्ली हेंडरसन और जैकब पीट्ज की 70 रनों की साझेदारी को छोड़ दें तो कोई अन्य जोड़ी विकेट पर ज्यादा देर नहीं टिक सकी। यह साझेदारी टूटते ही निचला क्रम तेजी से बिखर गया। सवाल-जवाब 1. तन्मय बलोदा ने पहली पारी में कितने विकेट हासिल किए? तन्मय बलोदा ने 25 ओवर में 11 मेडन डालते हुए 32 रन देकर छह विकेट लिए। 2. ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम पहली पारी में कितने रनों पर ऑलआउट हुई? ऑस्ट्रेलियाई टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 174 रनों पर सिमट गई। 3. ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा रन किस बल्लेबाज ने बनाए? विकेटकीपर बल्लेबाज चार्ली हेंडरसन ने सर्वाधिक 37 रन बनाए, जबकि जैकब पीट्ज ने 26 रन जोड़े। 4. पहले दिन का खेल खत्म होने पर भारत का स्कोर क्या था? पहले दिन की समाप्ति तक भारत ने दो विकेट खोकर 38 रन बना लिए थे और वह अभी ऑस्ट्रेलिया से 136 रन पीछे है। 5. पहले यूथ टेस्ट मैच का नतीजा क्या रहा था? भारतीय टीम ने पहला यूथ टेस्ट मैच एक पारी और 148 रनों के बड़े अंतर से जीता था। https://trendkia.com/cricket/dusare-yutha-testa-ke-pahale-dina-tanmay-baloda-ki-ghataka-phiraki-australia-pahali-pari-men-174-para-simata-43529 TrendKia — Har trend, sabse pehle.