ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी जिताने के बाद मुकेश कुमार नॉटिंघमशायर से जुड़े, खेलेंगे काउंटी चैंपियनशिप भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार काउंटी चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दो मैचों के लिए नॉटिंघमशायर टीम में शामिल हो गए हैं। हाल ही में ईस्ट जोन को खिताब दिलाने वाले मुकेश का यह विदेशी घरेलू क्रिकेट में पहला सफर होगा। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार गेंदबाजी कर रहे भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार अब पहली बार इंग्लैंड के घरेलू सत्र में अपनी धार दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले 32 वर्षीय मुकेश काउंटी चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दो मुकाबलों में नॉटिंघमशायर का प्रतिनिधित्व करेंगे। क्लब ने सोमवार को इस नए करार की आधिकारिक पुष्टि की है, जिसके साथ ही मुकेश के करियर में भारत से बाहर किसी विदेशी घरेलू टीम के लिए खेलने का पहला अध्याय शुरू हो गया है। काउंटी क्रिकेट में पहली बार उतरेंगे मुकेश कुमार भारत के लिए तीनों प्रारूपों में खेल चुके मुकेश के पास लाल गेंद की क्रिकेट का लंबा अनुभव है। उन्होंने अब तक देश के लिए 26 इंटरनेशनल मुकाबलों में 32 विकेट झटके हैं, जिसमें 3 टेस्ट मैच भी शामिल हैं। नॉटिंघमशायर के लिए चैंपियनशिप के अंतिम चरण में तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देने के लिहाज से मुकेश का शामिल होना काफी अहम माना जा रहा है। टूर्नामेंट के इस निर्णायक मोड़ पर उनकी सटीक लाइन और लेंथ टीम के लिए काफी असरदार साबित हो सकती है। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लेकर भी यह संभावना जताई जा रही है कि वे काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी चरण में किसी टीम के साथ जुड़ने के लिए करार पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। मुकेश के साथ ही शमी के भी इंग्लैंड में खेलने की चर्चाएं तेज रही हैं। नई परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का संकल्प नॉटिंघमशायर के साथ अनुबंध की घोषणा के बाद मुकेश ने अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैं सीजन के अहम समय पर नॉटिंघमशायर के साथ जुड़कर बहुत खुश हूं। मैं इंग्लैंड पहुंचने और काउंटी क्रिकेट में खुद को आजमाने के लिए बेताब हूं।” मुकेश ने स्पष्ट किया कि वे टीम को जीत दिलाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे। उनका कहना है कि इंग्लैंड की पिचों पर खेलना हमेशा से ही गेंदबाजों के लिए एक अलग चुनौती पेश करता है। वे नए कोचों और साथी खिलाड़ियों के साथ तालमेल बैठाकर इन परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं। जब तक वे नॉटिंघमशायर की जर्सी में मैदान पर उतरेंगे, तब तक उनका पूरा ध्यान टीम की सफलता पर रहेगा। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेमिसाल आंकड़े आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से गेंदबाजी की कमान संभालने वाले मुकेश कुमार के पास फर्स्ट क्लास क्रिकेट का बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड है। वे ट्रेंट ब्रिज में एक मजबूत गेंदबाजी प्रोफाइल के साथ कदम रख रहे हैं। मुकेश ने 61 फर्स्ट क्लास मैचों में 21.79 की शानदार औसत से 233 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उन्होंने पारी में 10 बार 5 विकेट लेने का कारनामा भी किया है। हाल ही में चेन्नई में आयोजित मुकाबले में ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब जिताने के बाद वे आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और इंग्लैंड में नई चुनौती का सामना करने के लिए कमर कस चुके हैं। इसका आप पर असर मुकेश कुमार का इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलना भारतीय तेज गेंदबाजी दल की बेंच स्ट्रेंथ और लाल गेंद के कौशल के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: भारतीय गेंदबाज को विदेशी पिचों पर ड्यूक्स गेंद से लय हासिल करते हुए देखने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य के टेस्ट दौरों के लिए उनके चयन और तैयारी की स्थिति का साफ आकलन हो सकेगा। • भारतीय टीम संयोजन पर: इंग्लैंड की परिस्थितियों में मैच अभ्यास मिलने से वे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैचों के लिए अधिक तैयार विकल्प बनेंगे। टीम प्रबंधन को विदेशी पिचों पर निरंतर सटीक गेंदबाजी करने वाला अनुभवी पेसर उपलब्ध रहेगा। • घरेलू क्रिकेटरों के लिए: दलीप ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन का सीधा फायदा विदेशी लीगों में दिखने से अन्य खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा। घरेलू टूर्नामेंटों में बेहतर आंकड़े खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्लबों के दरवाजे खोल रहे हैं। • काउंटी दर्शकों के लिए: नॉटिंघमशायर के प्रशंसकों को सीजन के अंतिम निर्णायक दौर में एक अनुशासित और सटीक टेस्ट गेंदबाज का खेल देखने को मिलेगा। टीम की गेंदबाजी इकाई को अंतिम दो मुकाबलों में अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ यह करार नॉटिंघमशायर द्वारा सीजन के आखिरी दो मैचों में अपनी तेज गेंदबाजी को मजबूत करने और मुकेश कुमार के हालिया शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। • शानदार घरेलू फॉर्म: मुकेश ने चेन्नई में ईस्ट जोन को दलीप ट्रॉफी का खिताब दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उनके इसी बेहतरीन प्रदर्शन और मैच फिटनेस ने क्लब को तुरंत संपर्क करने के लिए प्रेरित किया। • अंतिम दौर में मजबूत गेंदबाजी की जरूरत: नॉटिंघमशायर को काउंटी चैंपियनशिप 2026 के अंतिम दो मैचों के लिए एक अनुभवी लाल गेंद के गेंदबाज की आवश्यकता थी। मुकेश के 61 फर्स्ट क्लास मैचों में 233 विकेट के प्रभावशाली आंकड़े उनकी जरूरत पर पूरी तरह खरे उतरे। • विदेशी परिस्थितियों में अनुभव पाने की इच्छा: मुकेश कुमार अपने करियर में पहली बार किसी विदेशी घरेलू टीम के लिए खेल रहे हैं। उनका उद्देश्य इंग्लैंड की पिचों पर ड्यूक्स गेंद के साथ गेंदबाजी की बारीकियां सीखकर अपने खेल को और अधिक निखारना है। सवाल-जवाब 1. मुकेश कुमार किस काउंटी टीम के लिए खेलने वाले हैं? मुकेश कुमार इंग्लैंड में नॉटिंघमशायर की ओर से खेलेंगे। 2. वे काउंटी चैंपियनशिप 2026 में कितने मैच खेलेंगे? वे काउंटी चैंपियनशिप 2026 सीजन के अंतिम दो मैचों में हिस्सा लेंगे। 3. मुकेश कुमार का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में क्या रिकॉर्ड है? उन्होंने 61 फर्स्ट क्लास मैचों में 21.79 की औसत से 233 विकेट झटके हैं, जिसमें 10 बार पारी में 5 विकेट शामिल हैं। 4. भारत के लिए मुकेश कुमार ने कितने मैच खेले हैं? उन्होंने भारत के लिए 26 इंटरनेशनल मुकाबलों में 32 विकेट लिए हैं, जिसमें 3 टेस्ट मैच भी शामिल हैं। 5. हाल ही में मुकेश ने कौन सा बड़ा घरेलू टूर्नामेंट जीता? उन्होंने चेन्नई में ईस्ट जोन की टीम को दलीप ट्रॉफी का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। 6. क्या मोहम्मद शमी भी काउंटी क्रिकेट खेलने वाले हैं? संभावना जताई गई है कि मोहम्मद शमी भी काउंटी चैंपियनशिप के अंतिम चरण में खेलने के लिए किसी टीम से करार कर सकते हैं। https://trendkia.com/cricket/east-zone-ko-duleep-trophy-jitane-ke-bada-mukesh-kumar-nottinghamshire-se-jure-khelenge-county-championship-34807 TrendKia — Har trend, sabse pehle.