इकाना स्टेडियम में ईशान किशन के कैच पर थर्ड अंपायर के निर्णय से वेस्टइंडीज खेमा नाराज, कोच डैरेन सैमी भी भड़के लखनऊ में भारत और वेस्टइंडीज के मुकाबले में थर्ड अंपायर द्वारा ईशान किशन को नॉटआउट दिए जाने पर कैरेबियाई टीम और कोच डैरेन सैमी ने कड़ी नाराजगी जताई। लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान एक विवादास्पद फैसले को लेकर मैदान से लेकर डगआउट तक जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिली। मुकाबले में थर्ड अंपायर के एक निर्णय से वेस्टइंडीज के खिलाड़ी बेहद असंतुष्ट नजर आए और टीम के हेड कोच डैरेन सैमी भी डगआउट में बेहद गुस्से में दिखाई दिए। 11वें ओवर में कैच को लेकर खड़ा हुआ विवाद यह पूरा वाकया भारतीय पारी के 11वें ओवर के दौरान सामने आया। उस समय वेस्टइंडीज के गेंदबाज शमार स्प्रिंगर गेंदबाजी कर रहे थे और उनके सामने भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन मौजूद थे। स्प्रिंगर की गेंद पर किशन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आई और मिसहिट होकर हवा में काफी ऊंची चली गई। गेंद को लपकने के लिए फील्डर मैथ्यू फोर्ड ने काफी लंबी दौड़ लगाई और बेहतरीन डाइव लगाते हुए गेंद को अपने हाथों में समेट लिया। मैदानी अंपायरों को इस बात को लेकर संशय था कि गेंद जमीन को छू गई थी या कैच पूरी तरह साफ था, जिसके चलते उन्होंने तुरंत अंतिम निर्णय के लिए मामला थर्ड अंपायर को सौंप दिया। रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने दिया नॉटआउट थर्ड अंपायर ने अलग-अलग एंगल से इस कैच के वीडियो फुटेज को कई बार बारीकी से देखा। लंबी पड़ताल के बाद टीवी अंपायर इस नतीजे पर पहुंचे कि गेंद को लपकने के दौरान उसका कुछ हिस्सा जमीन से टकरा रहा था और उंगलियां पूरी तरह गेंद के नीचे नहीं थीं। इस वजह से बल्लेबाज को नॉटआउट करार दिया गया। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को पूरी उम्मीद थी कि यह साफ कैच था और किशन के विकेट के साथ वे मैच में जोरदार वापसी कर सकते हैं। जैसे ही बड़ी स्क्रीन पर नॉटआउट का फैसला दिखा, पूरी कैरेबियाई टीम स्तब्ध और हताश रह गई। डैरेन सैमी का गुस्सा और ईशान किशन का फायदा मैदान पर मौजूद कैरेबियाई खिलाड़ी इस निर्णय से खासे झल्लाए हुए दिखे, वहीं ड्रेसिंग रूम के बाहर डगआउट में बैठे कोच डैरेन सैमी भी अंपायर के रुख से बेहद आगबबूला नजर आए। हालांकि, क्रिकेट नियमों के मुताबिक अंपायर का फैसला ही सर्वोपरि होता है, इसलिए उनके विरोध का कोई असर नहीं हुआ। मिले जीवनदान का ईशान किशन ने पूरा लाभ उठाया और अपनी पारी को आगे बढ़ाया। किशन ने संभलकर खेलते हुए 27 गेंदों में नाबाद 37 रन बनाए, जिसमें उन्होंने बिना कोई छक्का लगाए 5 चौके जमाए। श्रेयस अय्यर के तूफानी शतक से भारत की तेज जीत इस मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी का मुजाहिरा किया और अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पहला शतक जड़ दिया। अय्यर ने महज 43 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 102 रनों की पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। कप्तान की इस तूफानी पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज द्वारा दिए गए 172 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 14.4 ओवर में ही हासिल कर लिया और मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की। इसका आप पर असर क्रिकेट प्रशंसकों और खेल विश्लेषकों के लिए इस मैच ने अंपायरिंग तकनीक की बारीकियों और मैच पर उसके सीधे असर को उजागर किया है। • क्रिकेट प्रशंसकों के लिए: करीबी कैचों में तकनीक के इस्तेमाल से मैच का रुख तेजी से बदल सकता है। अगर यह विकेट गिर जाता तो वेस्टइंडीज की मुकाबले में वापसी हो सकती थी, लेकिन फैसले के बाद भारत ने एकतरफा जीत दर्ज की। • खेल नियमों के लिहाज से: टीवी अंपायरिंग में उंगलियों के नीचे गेंद के संपर्क की जांच को लेकर हमेशा बहस बनी रहती है। डैरेन सैमी की नाराजगी यह दिखाती है कि हाई-वोल्टेज मैचों में अंपायर का एक निर्णय टीमों की रणनीति पर गहरा असर डालता है। • इकाना स्टेडियम में दर्शकों के लिए: लखनऊ में उपस्थित दर्शकों को कप्तान श्रेयस अय्यर का तूफानी शतक देखने का शानदार मौका मिला। दर्शकों ने मात्र 14.4 ओवर में ही 172 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा होते देखा। • खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रभाव: जीवनदान मिलने के बाद बल्लेबाज अक्सर दबाव मुक्त होकर लंबी पारी खेल जाते हैं। ईशान किशन ने मिले मौके को भुनाया और नाबाद रहते हुए जीत सुनिश्चित की। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद तब उत्पन्न हुआ जब मैदानी अंपायरों को डाइव लगाकर पकड़े गए कैच की स्पष्टता पर संदेह हुआ और टीवी अंपायर ने रीप्ले में गेंद का हिस्सा जमीन से छूता पाया। • सीधा कारण: भारतीय पारी के 11वें ओवर में ईशान किशन के मिसहिट शॉट को लपकने के लिए मैथ्यू फोर्ड ने डाइव लगाई थी, लेकिन गेंद पूरी तरह साफ नहीं पकड़ी जा सकी थी। मैदानी अंपायरों ने कैच के संदेह के चलते निर्णय थर्ड अंपायर को रेफर कर दिया। • रीप्ले का निष्कर्ष: विभिन्न एंगल्स की जांच करने के बाद थर्ड अंपायर ने पाया कि गेंद का कुछ हिस्सा घास से छू रहा था। तकनीक के आधार पर यह माना गया कि फोर्ड का नियंत्रण गेंद के नीचे पूर्ण नहीं था, जिसके चलते बल्लेबाज को नॉटआउट करार दिया गया। • कैरेबियाई खेमे की नाराजगी: वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों और कोच डैरेन सैमी का मानना था कि फील्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं और कैच पूरी तरह वैध था। बड़ी स्क्रीन पर नॉटआउट दिखते ही टीम को मैच में वापसी का अवसर छिनता महसूस हुआ, जिससे मैदान और डगआउट दोनों जगह असंतोष फैल गया। सवाल-जवाब 1. ईशान किशन के कैच को लेकर विवाद किस ओवर में हुआ? यह विवाद भारतीय पारी के 11वें ओवर में हुआ जब गेंदबाज शमार स्प्रिंगर थे। 2. ईशान किशन का कैच किस फील्डर ने लपका था? वेस्टइंडीज के फील्डर मैथ्यू फोर्ड ने लंबी दौड़ लगाकर और डाइव मारकर कैच लपकने की कोशिश की थी। 3. थर्ड अंपायर ने ईशान किशन को नॉटआउट क्यों दिया? थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद पाया कि कैच पूरा करने के दौरान गेंद का कुछ हिस्सा जमीन से टकरा रहा था। 4. इस फैसले पर कोच डैरेन सैमी की क्या प्रतिक्रिया थी? डगआउट में मौजूद वेस्टइंडीज के हेड कोच डैरेन सैमी अंपायर के फैसले से बेहद गुस्से और आगबबूला नजर आए। 5. ईशान किशन ने इस मैच में कितने रन बनाए? ईशान किशन ने 27 गेंदों पर नाबाद 37 रन बनाए, जिसमें 5 चौके शामिल थे। 6. कप्तान श्रेयस अय्यर का इस मैच में क्या स्कोर रहा? श्रेयस अय्यर ने 43 गेंदों पर 10 चौके और 6 छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन बनाए और अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा। 7. भारतीय टीम ने 172 रनों का लक्ष्य कितने ओवर में हासिल किया? भारतीय टीम ने 172 रनों का लक्ष्य महज 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। https://trendkia.com/cricket/ekana-stadium-men-ishan-kishan-ke-kaicha-para-tharda-anpayara-ke-nirnaya-se-west-indies-khema-naraja-kocha-daren-sammy-bhi-bharake-44223 TrendKia — Har trend, sabse pehle.