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  "type": "article",
  "title": "इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर जैक रसेल के अजीबोगरीब अंधविश्वास, ओवन में जली टोपी और एक टी-बैग से 5 दिन चाय पीने की अनोखी दास्तान",
  "summary": "क्रिकेट के मैदान पर अपने हैरतअंगेज कैचों और अनोखी आदतों के लिए मशहूर जैक रसेल ने करियर भर एक ही टोपी और फटे गियर का इस्तेमाल किया, जानिए उनके अतरंगी टोटकों की पूरी कहानी।",
  "content": "क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के अंधविश्वास और अजीबोगरीब टोटके अक्सर चर्चा में रहते हैं। कोई बल्लेबाज मैदान में उतरते समय बायां पैड पहले पहनता है तो कोई जेब में विशेष रंग का रुमाल रखता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड के विकेटकीपर रॉबर्ट चार्ल्स रसेल उर्फ जैक रसेल जैसा कोई दूसरा किरदार नहीं हुआ। जैक रसेल अपनी बेहतरीन विकेटकीपिंग के साथ-साथ अपनी अनोखी सनक और जिद के लिए जाने जाते थे। 20 साल से अधिक लंबे अपने पेशेवर करियर में उन्होंने न केवल खेल के नए मानक तय किए, बल्कि अपनी आदतों से प्रशंसकों और साथी खिलाड़ियों को हमेशा हैरान किया।\n\nओवन में सुखाई गई जली हुई टोपी और खुद रिपेयर किया गया गियर\nजैक रसेल के करियर का सबसे बड़ा प्रतीक उनकी वह मटमैली सफ़ेद सन-हैट थी, जो वक्त के साथ पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी। रसेल को यह टोपी साल 1982 में अपने फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत के दौरान मिली थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के लिए खेले गए अपने 54 टेस्ट मैचों और 40 वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में केवल इसी एक टोपी को पहना। वेस्टइंडीज के एक दौरे के दौरान जब यह टोपी बारिश में भीग गई, तो रसेल ने इसे जल्दी सुखाने के चक्कर में ओवन के अंदर रख दिया। इसके चलते टोपी में आग लग गई और उसका एक हिस्सा जल गया। इसके बावजूद उन्होंने उस टोपी का इस्तेमाल बंद नहीं किया। रसेल की यह सख्त शर्त थी कि उनकी इस खास टोपी की सिलाई और मरम्मत केवल उनकी पत्नी ही कर सकती थीं। मरम्मत के लिए भी 1950 और 1960 के दशक के पुराने सूती क्रिकेट पतलून के कपड़ों के टुकड़ों का उपयोग किया जाता था।\n\nटोपी के अलावा रसेल के दस्ताने और पैड भी उनके टोटकों का हिस्सा थे। पूरे 20 साल के पेशेवर करियर में रसेल ने सिर्फ दो जोड़ी कीपिंग ग्लव्स का इस्तेमाल किया। जब भी दस्ताने फटने लगते या उनसे धागे निकलने लगते, तो वे नया सामान खरीदने के बजाय अपनी विशेष रिपेयर किट निकालकर खुद सुई-धागे से सिलाई करते या उन पर सफ़ेद टेप लपेटकर काम चलाते थे। डाइव लगाते समय गति बनाए रखने के लिए वे सामान्य से बहुत छोटे आकार के पैड पहनते थे। पैरों में पैड को मजबूती से बांधने के लिए बकल के अलावा बड़े पैमाने पर सफ़ेद टेप का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, रसेल कभी भी हाफ स्लीव्स की शर्ट पहनकर कीपिंग नहीं करते थे। वे अपनी फुल स्लीव्स शर्ट के कफ बटन काटकर वहां इलास्टोप्लास्ट चिपका लेते थे ताकि डाइव मारते वक्त आस्तीन ऊपर न खिंचे।\n\nआईसीसी और कप्तानों के साथ टकराव तथा बोर्ड का झुकना\nजैक रसेल का अपनी पुरानी टोपी के प्रति लगाव इतना गहरा था कि इसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विवाद का रूप ले लिया। साल 1996 के विश्व कप और दक्षिण अफ्रीका के दौरे के दौरान आईसीसी और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने सभी खिलाड़ियों के लिए आधिकारिक रंगीन टोपी पहनना अनिवार्य कर दिया था। लेकिन रसेल अपनी फटी हुई मटमैली टोपी छोड़ने को किसी भी कीमत पर तैयार नहीं हुए। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों से साफ कह दिया कि अगर उन्हें उनकी पुरानी टोपी में खेलने की इजाजत नहीं मिली, तो वे मैच में हिस्सा ही नहीं लेंगे। रसेल की इस जिद के आगे क्रिकेट बोर्ड को आखिरकार झुकना पड़ा। बोर्ड ने उनकी पुरानी टोपी पर ही इंग्लैंड क्रिकेट टीम का थ्री लायंस का आधिकारिक लोगो सिल दिया और उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति दी। उनके संन्यास के समय इंग्लैंड के तत्कालीन कप्तान माइक आथर्टन ने उस ऐतिहासिक टोपी को याद करते हुए मजाक में एक ‘आरआईपी’ संदेश भी लिखा था।\n\nएक टी-बैग से 5 दिन की चाय और 8 मिनट में भीगा अनाज\nरसेल के कड़े नियम और टोटके केवल मैदान तक सीमित नहीं थे, बल्कि मैदान के बाहर भी उनका दिनचर्या बहुत हैरान करने वाला था। टेस्ट मैच के दौरान वे प्रतिदिन 20 कप से भी ज्यादा चाय पीते थे। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह थी कि पूरे 5 दिन के टेस्ट मैच के दौरान वे केवल एक ही टी-बैग का उपयोग करते थे। वे उस टी-बैग को गर्म पानी में एक बार डुबोते और फिर संभालकर खूंटी पर टांग देते थे। उसी एक टी-बैग से 5 दिनों तक चाय बनाई जाती थी।\n\nखान-पान को लेकर भी रसेल के नियम तय थे। लंच ब्रेक के दौरान वे वीटाबिक्स नाम का अनाज खाते थे, जिसे दूध में ठीक 8 मिनट तक भिगोना अनिवार्य होता था। अगर टीम का 12वां खिलाड़ी 5 मिनट या 7 मिनट में ही वह बाउल लेकर आ जाता, तो रसेल तुरंत गुस्सा हो जाते और उसे खाने से इनकार कर देते थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान रसेल हर दिन एक ही चाइनीज रेस्तरां में खाना खाने जाते थे। वहां वे रोज ‘चिकन विद काजू’ डिश ऑर्डर करते थे, लेकिन वेटर को सख्त हिदायत देते थे कि परोसने से पहले प्लेट में से एक-एक काजू निकालकर अलग कर दिया जाए।\n\nजोहान्सबर्ग का विश्व रिकॉर्ड और क्रिकेट के बाद पेंटिंग में सफलता\nतमाम अतरंगी आदतों के बावजूद जैक रसेल अपने दौर के सबसे बेहतरीन विकेटकीपरों में गिने जाते थे। साल 1995 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में रसेल ने विकेटों के पीछे कुल 11 शिकार करके एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था। यह रिकॉर्ड आज भी विकेटकीपिंग के इतिहास में कायम है। इसी मैच में उन्होंने पहली पारी में नाबाद 29 रनों की जुझारू और संयमित पारी खेलकर इंग्लैंड टीम के लिए मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई थी।\n\nक्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रसेल ने अपने दूसरे सबसे बड़े जुनून यानी चित्रकारी को अपना मुख्य पेशा बनाया। आज वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बेहद सफल और नामचीन लैंडस्केप पेंटर हैं। उनकी बनाई हुई कुदरती दृश्यों की पेंटिंग्स दुनिया भर की मशहूर आर्ट गैलरियों में लाखों रुपये में बिकती हैं। जैक रसेल की कहानी यह दर्शाती है कि खेल की दुनिया में असाधारण प्रदर्शन करने के लिए मानसिक एकाग्रता और अपने तौर-तरीकों पर भरोसा कितना मायने रखता है। उनकी पुरानी जली हुई टोपी और अनोखे नियम वास्तव में उनके लिए मैदान पर ध्यान केंद्रित रखने का एक माध्यम थे।\n\nइसका आप पर असर\nजैक रसेल की यह अनोखी कहानी खेल और जीवन में मानसिक दृढ़ता के महत्व को दर्शाती है।\n\n• मानसिक अनुशासन: रसेल के नियम यह सिखाते हैं कि अत्यधिक दबाव वाले माहौल में एकाग्रता बनाए रखने के लिए खुद पर विश्वास और अपनी दिनचर्या पर टिके रहना कितना जरूरी है।\n• हुनर और जुनून: अंधविश्वासों के बावजूद रसेल ने अपने विकेटकीपिंग हुनर से दुनिया में लोहा मनवाया और 11 कैच का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।\n• संन्यास के बाद दूसरा करियर: खेल से संन्यास के बाद अपने दूसरे शौक यानी पेंटिंग को अपनाकर रसेल ने यह साबित किया कि खिलाड़ी मैदान के बाहर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जैक रसेल कौन हैं और वे क्रिकेट इतिहास में क्यों प्रसिद्ध हैं?\nजैक रसेल इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व अंतरराष्ट्रीय विकेटकीपर हैं, जो अपनी बेहतरीन विकेटकीपिंग और जली हुई टोपी जैसे अजीबोगरीब अंधविश्वासों के लिए प्रसिद्ध हैं।\n\n2. जैक रसेल की प्रसिद्ध टोपी ओवन में कैसे जली थी?\nवेस्टइंडीज दौरे के दौरान बारिश में टोपी भीग जाने के बाद रसेल ने उसे जल्दी सुखाने के लिए ओवन में रख दिया था, जिससे उसमें आग लग गई और वह आंशिक रूप से जल गई।\n\n3. जोहान्सबर्ग में जैक रसेल ने कौन सा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था?\nसाल 1995 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में रसेल ने एक ही मैच में विकेटों के पीछे 11 कैच लपककर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।\n\n4. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जैक रसेल क्या काम करते हैं?\nसंन्यास के बाद जैक रसेल एक बेहद सफल और मशहूर लैंडस्केप पेंटर बन गए, जिनकी पेंटिंग्स अंतरराष्ट्रीय आर्ट गैलरियों में बेची जाती हैं।\n\nप्रेरणा और सबक\nजैक रसेल का जीवन यह सिखाता है कि आप अपनी विशिष्टता और लीक से हटकर की गई आदतों के साथ भी दुनिया में शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं।\n\n• अपनी मौलिकता पर कायम रहें: रसेल ने बोर्ड और अधिकारियों के दबाव के बावजूद अपनी पहचान और आदतों से कभी समझौता नहीं किया।\n• काम के प्रति अटूट निष्ठा: फटे हुए गियर को खुद सिलना और संवारना यह दिखाता है कि वे अपने औजारों और खेल का कितना सम्मान करते थे।\n• विविध प्रतिभा को निखारें: खेल के साथ-साथ चित्रकारी के अपने हुनर को जीवित रखा और रिटायरमेंट के बाद उसमें अंतरराष्ट्रीय ख्याति हासिल की।",
  "url": "https://trendkia.com/cricket/england-ke-purv-wicketkeeper-jack-russell-ke-ajeebogareeb-andhvishwas-oven-me-jali-topi-aur-ek-tea-bag-se-5-din-chai-peene-ki-anok-23063",
  "category": "क्रिकेट",
  "publishedAt": "2026-08-27",
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