# इंग्लैंड से करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तानी टेस्ट इतिहास में 39 साल पुराना शर्मनाक रिकॉर्ड दोहराया

> इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के शुरुआती दोनों मैच हारने के साथ ही पाकिस्तान का टेस्ट रिकॉर्ड 1987 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जहां टीम की कुल हार की संख्या जीत से अधिक हो गई है।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/england-se-karari-shikasta-ke-bada-pakistan-testa-itihasa-men-39-sala-purana-sharmanaka-rikorda-doharaya-25015 · **Language:** Hindi
**Tags:** पाकिस्तान क्रिकेट, बाबर आजम, इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान, टेस्ट क्रिकेट, सलमान अली आगा, क्रिकेट आंकड़े

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा बेहद निराशाजनक साबित हो रहा है। तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के शुरुआती दो मुकाबलों में करारी हार झेलने के बाद मेहमान टीम श्रृंखला गंवा चुकी है। इस हार के साथ ही पाकिस्तानी क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा काला पन्ना दर्ज हो गया है, जो उसने पिछले 39 सालों में नहीं देखा था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब पाकिस्तान के नाम जीतने वाले मैचों से ज्यादा हारने वाले मैचों का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। कप्तानी में बदलाव और बाबर आजम की वापसी के बावजूद टीम इस भारी गिरावट को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।

## इंग्लैंड दौरे पर बल्लेबाजी का घोर निराशाजनक प्रदर्शन
इंग्लैंड के खिलाफ चल रही इस श्रृंखला में पाकिस्तानी बल्लेबाजों का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा है। पूरी टीम चार पारियों में बल्लेबाजी करने के बावजूद एक बार भी 200 रन के आंकड़े को छूने में नाकाम रही। श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में मेजबान इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन के विशाल अंतर से हराया था। उस मैच की पहली पारी में पाकिस्तानी टीम महज 117 रन पर ढेर हो गई थी, जबकि दूसरी पारी में भी पूरी टीम सिर्फ 135 रन ही बना सकी थी।

दूसरे टेस्ट मैच में भी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख और इंग्लैंड ने 194 रन से शानदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले की पहली पारी में पाकिस्तानी बल्लेबाजी पूरी तरह चरमरा गई और टीम केवल 110 रन पर ऑलआउट हो गई। हालांकि दूसरी पारी में टीम ने कुछ संघर्ष दिखाया, लेकिन पूरी टीम 194 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। चार लगातार पारियों में 200 से कम का स्कोर पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम की तकनीकी और मानसिक कमजोरियों को उजागर करता है।

## 39 साल बाद बिगड़ा जीत और हार का ऐतिहासिक संतुलन
इंग्लैंड के हाथों दूसरे टेस्ट मैच में मिली पराजय के बाद पाकिस्तानी टेस्ट टीम का समग्र रिकॉर्ड बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। पाकिस्तान ने अपने संपूर्ण टेस्ट इतिहास में अब तक कुल 473 मुकाबले खेले हैं। इन 473 मैचों में से टीम को 153 मैचों में जीत हासिल हुई है, जबकि 154 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं 166 मुकाबले बिना किसी नतीजे के ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। इस तरह अब पाकिस्तान के नाम टेस्ट मैचों में जीत से एक अधिक हार दर्ज हो चुकी है।

पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में ऐसा मौका लगभग चार दशक बाद आया है। इससे पहले साल 1987 में जब पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच ओवल के मैदान पर टेस्ट मैच खेला गया था, तब वह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। उस समय तक पाकिस्तानी टीम ने 170 टेस्ट मैच खेले थे, जिनमें से उसने 39 मैच जीते थे और 40 मैचों में उसे हार मिली थी। 1987 के उस दौर के बाद से पाकिस्तान का जीत-हार का अनुपात हमेशा सकारात्मक या बराबरी पर रहा था, लेकिन अब इंग्लैंड की सरजमीं पर यह रिकॉर्ड फिर से शर्मनाक स्थिति में पहुंच गया है।

## कप्तानी में बदलाव के बावजूद नहीं बदली टीम की किस्मत
श्रृंखला के दौरान पाकिस्तानी टीम के नेतृत्व में भी उथल-पुथल देखने को मिली। बाबर आजम को एक बार फिर से राष्ट्रीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। हालांकि, चोटिल होने के कारण बाबर आजम श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच नहीं खेल सके थे। उनकी गैरमौजूदगी में सलमान अली आगा ने पहले टेस्ट मैच में कप्तानी का जिम्मा संभाला था, जहां टीम को एक पारी और 103 रन से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

दूसरे टेस्ट मैच में कप्तान के रूप में बाबर आजम की मैदान पर वापसी हुई। समर्थकों को उम्मीद थी कि बाबर आजम की मौजूदगी से टीम का मनोबल बढ़ेगा और नतीजे में बदलाव आएगा। लेकिन मैदान पर परिस्थितियां नहीं बदलीं और पाकिस्तानी टीम को एक बार फिर 194 रन की भारी पराजय का सामना करना पड़ा। लगातार दो हार के बाद कप्तानी और टीम प्रबंधन की रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

## इसका आप पर असर
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के गिरते प्रदर्शन का सीधा असर घरेलू क्रिकेट व्यवस्था और प्रशंसकों पर पड़ा है।

- **प्रशंसकों के मनोबल पर असर:** लगातार हार और टेस्ट आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट से क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कमजोर हुआ है। आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के दौरान स्टेडियम में दर्शकों की उपस्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है।
- **टीम चयन और अनुबंध:** वरिष्ठ खिलाड़ियों के प्रदर्शन और केंद्रीय अनुबंधों की कठोर समीक्षा की मांग बढ़ेगी। चयनकर्ताओं पर युवा खिलाड़ियों को अवसर देने का दबाव रहेगा।
- **क्रिकेट बोर्ड की जवाबदेही:** पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कप्तानी, कोचिंग स्टाफ और दीर्घकालिक रणनीति में सुधार के लिए तुरंत कदम उठाने का दबाव है।
- **विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका:** लगातार टेस्ट हारने से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में पाकिस्तान की रैंकिंग नीचे खिसक गई है। इससे भविष्य के फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में कितने मैच गंवाए हैं?
पाकिस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला के शुरुआती दोनों मैच गंवा दिए हैं और श्रृंखला गंवा दी है।

### 2. पाकिस्तान का वर्तमान टेस्ट मैच रिकॉर्ड क्या है?
पाकिस्तान ने 473 टेस्ट मैचों में 153 मैच जीते हैं, 154 मैच हारे हैं और 166 मैच ड्रॉ रहे हैं।

### 3. 1987 में पाकिस्तान का टेस्ट रिकॉर्ड क्या था?
साल 1987 में ओवल टेस्ट ड्रॉ होने के बाद पाकिस्तान का रिकॉर्ड 170 टेस्ट मैचों में 39 जीत और 40 हार का था।

### 4. इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी टीम के पारियों के स्कोर क्या रहे?
पहले टेस्ट में पाकिस्तान ने 117 और 135 रन बनाए, जबकि दूसरे टेस्ट में टीम 110 और 194 रन ही बना पाई।

### 5. पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान की कप्तानी किसने की थी?
बाबर आजम के चोटिल होने के कारण पहले टेस्ट मैच में सलमान अली आगा ने टीम की कप्तानी संभाली थी।

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