# एशियन गेम्स फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारतीय पुरुष टीम ने जीता स्वर्ण पदक

> श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अभिषेक शर्मा के 61 रन और तिलक वर्मा की नाबाद 51 रन की पारी के दम पर भारत ने 211 रन बनाए थे।

**Type:** article · **Category:** क्रिकेट · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/cricket/eshiyana-gemsa-phainala-men-pakistan-ko-19-rana-se-harakara-bharatiya-purusha-tima-ne-jita-svarna-padaka-42317 · **Language:** Hindi
**Tags:** एशियन गेम्स, भारत बनाम पाकिस्तान, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर, क्रिकेट गोल्ड मेडल

हांगझोउ में चल रहे एशियन गेम्स के मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने खिताबी मुकाबले में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से पराजित कर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिताबी जीत के बाद अब पुरुष टीम ने भी अपनी चमक बिखेरी और इस महाद्वीपीय खेल प्रतियोगिता में दोनों वर्गों का शीर्ष सम्मान देश की झोली में डाल दिया। पूरे मुकाबले में श्रेयस अय्यर के नेतृत्व वाली टीम का दबदबा साफ दिखाई दिया। भारत के बड़े लक्ष्य के दबाव में पाकिस्तानी टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

## टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला और शुरुआती झटके
फाइनल के इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। हालांकि, पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक सहज नहीं रही। सलामी बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरे अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने पारी की नींव रखनी चाही। वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत में कुछ आकर्षक शॉट्स खेले और दो शानदार छक्के जड़कर बड़े स्कोर के संकेत दिए, लेकिन उनकी पारी अधिक देर नहीं खिंच सकी। वैभव 9 गेंदों का सामना करके 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके तुरंत बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। संजू केवल 4 गेंदों पर 2 रन बनाकर सस्ते में चलते बने, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव बन गया।

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## अभिषेक शर्मा का आक्रामक तूफान
दो शुरुआती झटकों के बावजूद सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने एक छोर मजबूती से थामे रखा और आक्रामक रुख अपनाए रखा। उन्हें कप्तान श्रेयस अय्यर का कुछ देर के लिए साथ मिला। कप्तान अय्यर ने संभलकर खेलने की कोशिश की और 24 गेंदों में 21 रन बनाए। जब अय्यर ने रन गति बढ़ाने का प्रयास किया, तो वे अपना विकेट गंवा बैठे। दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा ने मैदान के चारों ओर धमाकेदार स्ट्रोक्स लगाते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण को बैकफुट पर धकेल दिया। अभिषेक ने तूफानी अंदाज में अपना अर्धशतक पूरा किया और 28 गेंदों में 61 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में सात गगनचुंबी छक्के और तीन करारे चौके शामिल रहे। जब वे शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे, तभी आउट होकर पवेलियन लौटे।

## तिलक वर्मा और शिवम दुबे की फिनिशिंग से बना 211 का स्कोर
मध्यक्रम में ईशान के आउट होने के बाद कुछ समय के लिए रन बनने की गति पर थोड़ा विराम लगा। इसके बाद मैदान पर उतरे तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने पहले स्थिति को भांपा और सधी हुई शुरुआत की। जैसे ही मैच के अंतिम ओवर शुरू हुए, दोनों ही बल्लेबाजों ने आक्रामक गियर डाला और पाकिस्तानी गेंदबाजों पर चौतरफा प्रहार शुरू कर दिया। तिलक वर्मा ने मैदान पर जमकर चौके-छक्के बरसाए और केवल 22 गेंदों पर 51 रन की धुआंधार नाबाद पारी खेली, जिसमें चार छक्के और तीन चौके शामिल थे। उनका बेहतरीन साथ निभाते हुए शिवम दुबे ने 15 गेंदों पर 27 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसमें दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। इन दोनों की तेजतर्रार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

## लक्ष्य के दबाव में बिखरी पाकिस्तान की बल्लेबाजी
जीत के लिए 212 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई और कभी भी मैच में वापसी करती नहीं दिखी। पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान 11 गेंदों में महज 10 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद आए बल्लेबाज उस्मान खान भी महज 3 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने संभलकर खेलने का प्रयास करते हुए 18 गेंदों पर 23 रन जुटाए, लेकिन वे भी अपनी पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। शीर्ष क्रम के तीन विकेट जल्दी गिर जाने से पाकिस्तानी पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई। मध्यक्रम में हसन नवाज और सैम अयूब के बीच एक साझेदारी जरूर पनपी, लेकिन आवश्यक रन गति काफी बढ़ चुकी थी और वे जरूरी रफ्तार से रन नहीं बना सके।

## भारतीय गेंदबाजों का सटीक प्रदर्शन और स्वर्ण पदक पर कब्जा
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर खेलकर 192 रन ही बना सकी और 19 रन से मुकाबला गंवा बैठी। भारत के लिए स्पिन गेंदबाजी में अक्षर पटेल ने बेहद नपी-तुली गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में 29 रन देकर दो महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। वहीं ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने भी 4 ओवर में 29 रन खर्च करके दो विकेट अपने खाते में जोड़े। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर शिवम दुबे ने बल्ले के बाद गेंद से भी कमाल दिखाया और 3 ओवर में 33 रन देकर दो विकेट झटके। अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इस मुकाबले में कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने 4 ओवर में 33 रन दिए। भारतीय टीम ने इस शानदार जीत के साथ एशियन गेम्स में ऐतिहासिक सोने का तमगा अपने नाम किया।

## इसका आप पर असर
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष टीम की इस खिताबी जीत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिदृश्य में भारत के दबदबे को और मजबूत कर दिया है।

- **क्रिकेट फैंस के लिए:** भारतीय क्रिकेट समर्थकों को महिला और पुरुष दोनों वर्गों में एशियाई महाद्वीप का दोहरा स्वर्ण पदक देखने का गौरव मिला है। यह जीत दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच दबाव भरे मैचों में भारतीय टीम के आत्मविश्वास को दर्शाती है।
- **युवा खिलाड़ियों के मौके:** अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे उभरते सितारों की मैच विनिंग पारियों से राष्ट्रीय सीनियर टीम में उनकी दावेदारी काफी मजबूत होगी। चयनकर्ताओं के लिए आगामी बड़े टूर्नामेंटों में युवा प्रतिभाओं को वरीयता देने का मार्ग और प्रशस्त होगा।
- **एशियाई क्रिकेट में दबदबा:** भारत ने दोनों वर्गों में स्वर्ण जीतकर एशियाई खेलों के क्रिकेट मंच पर अपना निर्विवाद वर्चस्व कायम किया है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टी20 प्रतिभा की गहराई साबित होती है।
- **आगामी टूर्नामेंट्स पर असर:** बड़े मंच पर फाइनल में 211 रन का बचाव करने का अनुभव युवा गेंदबाजों और बल्लेबाजों को भविष्य के वैश्विक टूर्नामेंटों में मानसिक बढ़त दिलाएगा। इससे टीम प्रबंधन को दबाव की परिस्थितियों के लिए नए मैच फिनिशर तैयार करने में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय टीम की यह जीत आक्रामक बल्लेबाजी दृष्टिकोण और दबाव के पलों में सटीक गेंदबाजी नियंत्रण का सीधा परिणाम रही।

- **निचले क्रम का आक्रामक फिनिश:** शुरुआती झटकों के बावजूद अभिषेक शर्मा की आतिशी पारी और अंत में तिलक वर्मा तथा शिवम दुबे की विस्फोटक साझेदारी ने टीम को 211 तक पहुंचाया। इस विशाल स्कोर ने पाकिस्तानी टीम पर शुरुआत से ही बड़ा मानसिक दबाव बना दिया।
- **पाकिस्तानी शीर्ष क्रम का पतन:** पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान और उस्मान खान के सस्ते में आउट होने से उनकी टीम आवश्यक रन गति की दौड़ में शुरुआत में ही पिछड़ गई। शुरुआती झटकों के बाद मध्यक्रम जोखिम उठाने की स्थिति में नहीं रहा।
- **भारतीय स्पिनरों का कड़ा नियंत्रण:** अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने मध्य ओवरों में केवल 29-29 रन देकर दो-दो महत्वपूर्ण विकेट निकाले। इस कसी हुई गेंदबाजी के कारण हसन नवाज और सैम अयूब की साझेदारी के दौरान भी जरूरी रन गति लगातार बढ़ती चली गई।

## सवाल-जवाब

### 1. एशियन गेम्स मेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल मैच किसने जीता?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

### 2. फाइनल मुकाबले में भारत के कप्तान कौन थे?
भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे थे।

### 3. भारत की ओर से सर्वाधिक रन किस बल्लेबाज ने बनाए?
अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों में 61 रन की सबसे बड़ी पारी खेली, जिसमें सात छक्के और तीन चौके शामिल थे।

### 4. तिलक वर्मा ने फाइनल में कितने रन बनाए?
तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और तीन चौके शामिल रहे।

### 5. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल कितना स्कोर खड़ा किया?
भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 211 रन बनाए।

### 6. पाकिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए कितने रन बना सकी?
पाकिस्तानी टीम 20 ओवर में 192 रन ही बना सकी और उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

### 7. भारत के किन गेंदबाजों ने दो-दो विकेट हासिल किए?
अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट अपने नाम किए।

## प्रेरणा और सबक
प्रतिकूल परिस्थितियों में शुरुआती झटकों के बावजूद युवा खिलाड़ियों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाकर जीत की राह तैयार की।

- **शुरुआती झटकों से न घबराना:** शीर्ष क्रम के दो विकेट सस्ते में गिरने के बावजूद अभिषेक शर्मा ने अपने स्वाभाविक आक्रामक खेल पर भरोसा बनाए रखा। दबाव में पीछे हटने के बजाय सकारात्मक इरादे से खेलना सबसे बड़ा सबक है।
- **परिस्थिति के अनुसार रणनीति बदलना:** तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने पहले पारी को संभाला और फिर अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर मैच का रुख बदला। परिस्थितियों के अनुरूप अपनी गति और रणनीति को ढालना सफलता की कुंजी है।
- **सामूहिक योगदान का महत्व:** जीत केवल एक खिलाड़ी के दम पर नहीं, बल्कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों के संयुक्त प्रयास से मिली। बड़े मंच पर टीम वर्क और अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाना ही विजय दिलाता है।

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